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7th Pay Commission Pension Rule : पेंशन नियमों में हुआ बड़ा बदलाव, सरकारी कर्मचारी/पेंशनभोगी ध्यान दें

7th Pay Commission Pension Rule : केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए यह एक बेहद अच्छी खबर है! केंद्र सरकार ने सरकारी कर्मचारियों की पेंशन से जुड़े नियम

Priyanshi
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2025-05-26
7th Pay Commission Pension Rule : पेंशन नियमों में हुआ बड़ा बदलाव, सरकारी कर्मचारी/पेंशनभोगी ध्यान दें
7th Pay Commission Pension Rule : पेंशन नियमों में हुआ बड़ा बदलाव, सरकारी कर्मचारी/पेंशनभोगी ध्यान दें

7th Pay Commission Pension Rule : केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए यह एक बेहद अच्छी खबर है! केंद्र सरकार ने सरकारी कर्मचारियों की पेंशन से जुड़े नियमों में एक महत्वपूर्ण बदलाव किया है, जिसका सीधा फायदा लाखों कर्मचारियों को मिलेगा। कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) ने इस संबंध में एक आधिकारिक अधिसूचना (Notification) जारी कर दी है।

इस नए बदलाव के तहत, अब उन केंद्रीय कर्मचारियों को भी वार्षिक वेतन वृद्धि (Annual Increment) का लाभ मिलेगा, जो अपनी निर्धारित इंक्रीमेंट तारीख (जैसे 1 जुलाई या 1 जनवरी) से ठीक एक दिन पहले, यानी 30 जून या 31 दिसंबर को सेवानिवृत्त (Retired) हो जाते हैं। पहले ऐसे कर्मचारियों को इस वार्षिक वृद्धि का लाभ नहीं मिल पाता था, क्योंकि वे इंक्रीमेंट लागू होने की तारीख पर सेवा में नहीं होते थे।

कैसे मिलेगा यह लाभ?

DoPT द्वारा जारी नोटिफिकेशन के अनुसार, यदि कोई केंद्रीय कर्मचारी 30 जून या 31 दिसंबर को रिटायर होता है, तो उसकी पेंशन की गणना (Pension Calculation) करने से पहले, 1 जुलाई या 1 जनवरी को लागू होने वाले सालाना इंक्रीमेंट का लाभ उसकी सैलरी में जोड़ दिया जाएगा। इसका मतलब है कि रिटायरमेंट के समय उसकी अंतिम सैलरी बढ़ी हुई मानी जाएगी और इसी बढ़ी हुई सैलरी के आधार पर रिटायरमेंट पर मिलने वाली एकमुश्त रकम (Lump Sum) और मासिक पेंशन (Monthly Pension) की गणना की जाएगी।

इस बदलाव की क्या वजह है?

यह बदलाव सेंट्रल सिविल सर्विसेज (रिवाइज्ड पे) रूल, 2006 के सेक्शन 10 से जुड़ा है, जहां सालाना इंक्रीमेंट 1 जुलाई को दिया जाता है। साल 2016 से यह इंक्रीमेंट 1 जनवरी और 1 जुलाई, दो तारीखों पर दिया जाने लगा। ऐसे में, जो कर्मचारी इन तारीखों से ठीक एक दिन पहले रिटायर होते थे, वे सिर्फ एक दिन की वजह से पूरे साल के इंक्रीमेंट और उसके आधार पर तय होने वाली पेंशन के लाभ से वंचित रह जाते थे। इस विसंगति को दूर करने और कर्मचारियों को होने वाले वित्तीय नुकसान से बचाने के लिए यह नियम बदला गया है।

अदालती आदेशों का भी है असर:

यह फैसला कोई अचानक नहीं लिया गया है। मद्रास हाईकोर्ट ने 2017 में और बाद में 2023 में सुप्रीम कोर्ट ने भी ऐसे मामलों में कर्मचारियों के पक्ष में फैसला सुनाते हुए उन्हें काल्पनिक वेतन वृद्धि (Notional Increment) का लाभ देने का आदेश दिया था। 2024 में इन फैसलों को कुछ शर्तों के साथ अन्य समान मामलों पर भी लागू किया गया था। इन अदालती आदेशों के मद्देनजर और सभी पात्र कर्मचारियों को समान लाभ देने के उद्देश्य से, सरकार ने मंत्रालयों से परामर्श करने के बाद यह व्यापक निर्णय लिया है।

सरकार ने सभी पहलुओं पर विचार करने और व्यय एवं कानून मंत्रालयों से सलाह लेने के बाद यह सुनिश्चित किया है कि जो कर्मचारी इंक्रीमेंट लागू होने से ठीक एक दिन पहले सेवानिवृत्त होते हैं, उन्हें पेंशन गणना के लिए इस इंक्रीमेंट की अनुमति दी जाए। हालांकि, विभाग ने स्पष्ट किया है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार, यह 1 जनवरी और 1 जुलाई को दी जाने वाली काल्पनिक वेतन वृद्धि केवल पेंशन आदि की काल्पनिक गणना के लिए ही मानी जाएगी।

यह बदलाव केंद्रीय कर्मचारियों के लिए एक बड़ी राहत है और उनकी सेवानिवृत्ति के बाद मिलने वाले वित्तीय लाभों में निश्चित रूप से वृद्धि करेगा। सभी संबंधित सरकारी कर्मचारी इस महत्वपूर्ण अपडेट पर ध्यान दें।

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Priyanshi

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Author of Bolbindas

Contributor and Lead Editor. Writing deep insights and analytical commentaries.

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