News

Andaman Helicopter Crash: मौत के मुंह से लौटे 157 लोग •

Andaman Helicopter Crash: हवाई सफर को दुनिया का सबसे सुरक्षित सफर माना जाता है, लेकिन मंगलवार का दिन भारतीय उड्डयन क्षेत्र के लिए किसी बुरे सपने से कम नहीं था।

Malvika
Malvika
2026-02-24
Andaman Helicopter Crash: मौत के मुंह से लौटे 157 लोग •
Andaman Helicopter Crash: मौत के मुंह से लौटे 157 लोग •

Andaman Helicopter Crash: हवाई सफर को दुनिया का सबसे सुरक्षित सफर माना जाता है, लेकिन मंगलवार का दिन भारतीय उड्डयन क्षेत्र के लिए किसी बुरे सपने से कम नहीं था। कुछ ही घंटों के भीतर दो बड़े हवाई हादसे होते-होते बचे। एक तरफ अंडमान के गहरे समंदर में पवन हंस का हेलिकॉप्टर तैरता नजर आया, तो दूसरी तरफ दिल्ली के आसमान में 150 यात्रियों की जान तब अटक गई जब स्पाइसजेट के विमान का इंजन हवा में ही जवाब दे गया। इन दोनों घटनाओं ने यात्रियों की सांसें थाम दी थीं, लेकिन जांबाज पायलटों की सूझबूझ से एक बड़ा ‘चमत्कार’ हुआ।

AI Impact Summit: भारत बनेगा दुनिया का नया ‘सुपरपावर’, Google और Microsoft के इस ऐलान ने चीन और अमेरिका की नींद उड़ाई

अंडमान: जब समंदर की लहरों के बीच उतरी जिंदगी

मंगलवार सुबह करीब 9:30 बजे अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के शांत नीले समंदर में अचानक अफरा-तफरी मच गई। पवन हंस (Pawan Hans) का एक हेलिकॉप्टर, जिसने पोर्ट ब्लेयर से मायाबंदर के लिए उड़ान भरी थी, अचानक तकनीकी खराबी का शिकार हो गया। हेलिकॉप्टर में 5 यात्री और 2 क्रू मेंबर सहित कुल 7 लोग सवार थे।

Most valuable currency: डॉलर की बादशाहत खत्म? ये हैं दुनिया की वो रहस्यमयी करेंसी, जिनकी एक यूनिट ही आपको बना देगी लखपति

जैसे ही हेलिकॉप्टर मायाबंदर के करीब पहुंचा, पायलट को एहसास हुआ कि तकनीकी खराबी के कारण लैंडिंग रनवे पर संभव नहीं है। रनवे से महज 300 मीटर पहले, जब खतरा सिर पर मंडरा रहा था, पायलट ने एक साहसिक फैसला लिया और हेलिकॉप्टर को सीधे समंदर में उतार (Water Landing) दिया।

कल्पना कीजिए उन 7 लोगों की, जिनके चारों तरफ सिर्फ पानी था और नीचे डूबता हुआ हेलिकॉप्टर! राहत की बात यह रही कि पवन हंस के प्रवक्ता ने पुष्टि की है कि सभी सातों लोग सुरक्षित हैं। राहत और बचाव दल ने मुस्तैदी दिखाते हुए सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। फिलहाल इस गंभीर तकनीकी चूक की जांच के आदेश दे दिए गए हैं।

दिल्ली-लेह फ्लाइट: हवा में फेल हुआ इंजन

अभी अंडमान की खबर सुर्खियां बन ही रही थी कि देश की राजधानी दिल्ली से एक और डराने वाली खबर आई। लेह जा रहे स्पाइसजेट (SpiceJet) के विमान (उड़ान संख्या SG121) के साथ बीच आसमान में बड़ा हादसा होते-होते बचा। बोइंग 737 विमान में करीब 150 यात्री सवार थे और विमान अपनी पूरी रफ्तार से लेह की ओर बढ़ रहा था।

अचानक विमान के इंजन में खराबी आ गई। यात्रियों के लिए वह पल किसी खौफनाक मंजर से कम नहीं था, जब उन्हें पता चला कि विमान का इंजन काम नहीं कर रहा है। विमान के कॉकपिट में हालांकि आग की कोई चेतावनी (Fire Warning) नहीं थी, लेकिन सुरक्षा को देखते हुए पायलट ने तुरंत दिल्ली लौटने का फैसला किया।

150 जिंदगियां हवा में लटकी थीं, लेकिन पायलट ने ठंडे दिमाग से काम लिया और विमान की इमरजेंसी लैंडिंग (Emergency Landing) दिल्ली एयरपोर्ट पर कराई। विमान के सुरक्षित उतरते ही यात्रियों ने राहत की सांस ली। स्पाइसजेट के प्रवक्ता ने बयान जारी कर बताया कि सभी यात्रियों को सुरक्षित उतार लिया गया है और उनके लिए वैकल्पिक व्यवस्था की गई है।

आखिर क्यों बढ़ रही हैं तकनीकी खराबियां?

एक ही दिन में दो बड़ी तकनीकी खराबियों ने विमानों के रखरखाव (Maintenance) और सुरक्षा मानकों पर बड़े सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। चाहे वह पवन हंस हो या स्पाइसजेट, यात्रियों की सुरक्षा सर्वोपरि है। डीजीसीए (DGCA) अब इन दोनों मामलों की बारीकी से जांच कर रहा है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या यह मानवीय भूल थी या फिर मशीनी खराबी जिसे नजरअंदाज किया गया।

इन दोनों घटनाओं ने एक बार फिर साबित कर दिया कि हवाई सफर में पायलट की ट्रेनिंग और उनकी सूझबूझ ही सबसे बड़ी सुरक्षा कवच है। 157 लोग आज अपने परिवार के बीच सुरक्षित हैं, तो इसका श्रेय उन जांबाज पायलटों को जाता है जिन्होंने मौत के सामने भी हार नहीं मानी।


Enjoying this post?

Subscribe to Bolbindas to get deep dives like this delivered directly to your inbox .

Malvika

Malvika

Author of Bolbindas

Contributor and Lead Editor. Writing deep insights and analytical commentaries.

More from Bolbindas

No other posts found.