Ayodhya Ram Mandir: आज पूरा भारत वर्ष एक बार फिर उसी आध्यात्मिक लहर में डूबा हुआ है, जिसने दो साल पहले दुनिया को मंत्रमुग्ध कर दिया था। वर्ष 2024 में पौष शुक्ल द्वादशी के दिन जिस ऐतिहासिक क्षण का साक्षी पूरा विश्व बना था, आज उसी श्रीरामलला की प्राण प्रतिष्ठा की दूसरी वर्षगांठ यानी ‘प्रतिष्ठा द्वादशी’ (Pratishtha Dwadashi) का भव्य समारोह मनाया जा रहा है।
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अयोध्या की हवाओं में आज फिर वही त्रेतायुग वाली सुगंध है। राम जन्मभूमि मंदिर परिसर में सुबह से ही वैदिक मंत्रोच्चार और शंखनाद की गूँज सुनाई दे रही है। इस खास मौके पर देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) अयोध्या की पावन धरती पर मौजूद हैं।
गणपति पूजा से हुआ अनुष्ठान का शुभारंभ
राम मंदिर की दूसरी वर्षगांठ के अवसर पर धार्मिक अनुष्ठानों का सिलसिला तड़के सुबह से ही शुरू हो गया। मंदिर के पुजारियों और विद्वान आचार्यों द्वारा गणपति पूजा और मंडल पूजन के साथ इस उत्सव की नींव रखी गई। भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर में विशेष अभिषेक और ‘प्रकाटोत्सव आरती’ का आयोजन किया गया है, जो भक्तों के लिए किसी दिव्य दर्शन से कम नहीं है।
राजनाथ सिंह और योगी आदित्यनाथ का अयोध्या दौरा
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सुबह करीब 11 बजे अयोध्या के महर्षि वाल्मीकि एयरपोर्ट पहुंचे। मुख्यमंत्री योगी ने स्वयं रक्षा मंत्री का स्वागत किया। दोनों नेता सीधे राम जन्मभूमि मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने रामलला के चरणों में शीश नवाया और विधिवत पूजा-अर्चना की।
विशेष आकर्षण: मां अन्नपूर्णा मंदिर में ध्वजारोहण
इस आयोजन का सबसे भावुक और गौरवशाली क्षण तब होगा, जब रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह मां अन्नपूर्णा मंदिर के शिखर पर ‘धर्मध्वजा’ का आरोहण करेंगे। इसे अयोध्या की सांस्कृतिक और धार्मिक विजय के प्रतीक के रूप में देखा जा रहा है। इस धर्मध्वजा का फहराना यह संदेश देता है कि रामराज्य में कोई भी भूखा नहीं रहेगा और मां अन्नपूर्णा की कृपा सब पर बनी रहेगी।
अंगद टीला से गूँजेगी हुंकार
धार्मिक अनुष्ठानों के समापन के बाद, दोपहर करीब 1:30 बजे राम मंदिर के निकास द्वार के पास स्थित अंगद टीला पर एक विशाल जनसभा का आयोजन किया गया है। यहाँ राजनाथ सिंह और योगी आदित्यनाथ करीब 1200 संतों और हजारों राम भक्तों को संबोधित करेंगे। उम्मीद जताई जा रही है कि वे राम मंदिर निर्माण के संघर्ष, अयोध्या के अभूतपूर्व विकास और भारत की बढ़ती सांस्कृतिक ताकत पर अपने विचार साझा करेंगे।
श्रद्धालुओं के लिए सीधा प्रसारण (Live Streaming)
राम मंदिर ट्रस्ट ने उन लाखों भक्तों का भी ख्याल रखा है जो आज अयोध्या नहीं पहुंच पाए हैं। प्रतिष्ठा द्वादशी समारोह और धर्मध्वजा आरोहण का सीधा प्रसारण (Live Telecast) किया जा रहा है, ताकि देश-विदेश में बैठा हर राम भक्त इस दिव्य उत्सव का आनंद ले सके। अयोध्या का कायाकल्प और रामलला का अपने भव्य मंदिर में विराजमान होना, केवल एक धार्मिक घटना नहीं बल्कि करोड़ों भारतीयों की आस्था की जीत है। आज की दूसरी वर्षगांठ यह याद दिलाती है कि संकल्प जब दृढ़ हो, तो 500 वर्षों का इंतजार भी एक सुनहरे कल में बदल सकता है।
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