Bhumi Pujan Muhurat : जब हम अपनी मेहनत की कमाई से एक जमीन का टुकड़ा खरीदते हैं, तो हमारा सबसे बड़ा सपना होता है उस पर एक सुंदर और समृद्ध घर या दुकान बनाना। लेकिन क्या आप जानते हैं कि गलत समय पर किया गया भूमि पूजन आपके इस सपने में बाधा डाल सकता है? भूमि पूजन केवल एक रस्म नहीं, बल्कि उस भूमि की नकारात्मक ऊर्जा को खत्म करके सकारात्मक ऊर्जा का संचार करने की एक पवित्र वैदिक प्रक्रिया है। यदि इसे सही मुहूर्त में न किया जाए, तो भविष्य में वास्तु दोष, धन की हानि और अशांति जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।
इसीलिए, भूमि पूजन करवाने के लिए चौघड़िया मुहूर्त का खास ध्यान रखना अत्यंत आवश्यक है। यह आपको सुनिश्चित करता है कि आपकी जमीन पर शुरू होने वाला हर कार्य बिना किसी बाधा के सफलतापूर्वक पूरा होगा। आइए, छिंदवाड़ा, मध्य प्रदेश के प्रतिष्ठित पंडित जी द्वारा बताए गए 3 सितंबर 2025 के दिन और रात के चौघड़िया मुहूर्त को विस्तार से जानते हैं, ताकि आपका भूमि पूजन सही समय पर संपन्न हो।
आज का चौघड़िया मुहूर्त: 3 सितंबर 2025 (सूर्योदय से सूर्यास्त तक)
यह जानना महत्वपूर्ण है कि दिन के हर पहर की अपनी एक ऊर्जा होती है। कुछ मुहूर्त अत्यंत शुभ होते हैं, तो कुछ में शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
शुभ मुहूर्त और उनका महत्व:
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लाभ: सुबह 05:52 बजे से 07:27 बजे तक
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क्यों है खास? यह मुहूर्त धन, व्यापार और शिक्षा से जुड़े कार्यों के लिए सर्वोत्तम माना जाता है। यदि आप भूमि पूजन के बाद व्यापारिक निर्माण की योजना बना रहे हैं, तो यह समय आपके लिए सोने पर सुहागा जैसा है।
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अमृत: सुबह 07:27 बजे से 09:01 बजे तक
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क्यों है खास? इसे “सर्वश्रेष्ठ” मुहूर्त का दर्जा दिया गया है। इस समय में किए गए सभी प्रकार के शुभ कार्य, जैसे विवाह, गृह प्रवेश या भूमि पूजन, अत्यंत फलदायी होते हैं और लंबे समय तक सकारात्मक परिणाम देते हैं।
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शुभ: सुबह 10:35 बजे से 12:10 बजे तक
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क्यों है खास? जैसा कि नाम से ही स्पष्ट है, यह मुहूर्त हर प्रकार के मांगलिक कार्यों के लिए उत्तम है। इसमें किए गए पूजन और अनुष्ठान देवी-देवताओं द्वारा सहज स्वीकार किए जाते हैं।
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चल: दोपहर 03:18 बजे से 04:52 बजे तक
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क्यों है खास? यह मुहूर्त यात्रा और गतिशील कार्यों के लिए शुभ होता है। भूमि पूजन के बाद अगर कोई वाहन या मशीनरी उस जमीन पर लानी है, तो यह समय उत्तम है।
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लाभ: शाम 04:52 बजे से 06:26 बजे तक
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क्यों है खास? दिन का यह अंतिम शुभ चौघड़िया धन लाभ और व्यावसायिक सफलता के लिए एक और अवसर प्रदान करता है।
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अशुभ मुहूर्त जिनसे बचना चाहिए:
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काल: सुबह 09:01 बजे से 10:35 बजे तक (यह समय धन से जुड़े गुप्त कार्यों के लिए ठीक हो सकता है, लेकिन भूमि पूजन जैसे पवित्र कार्य के लिए नहीं।)
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रोग: दोपहर 12:10 बजे से 01:44 बजे तक (इस मुहूर्त में विवाद, बीमारी और झगड़े की ऊर्जा प्रबल होती है, इसलिए शुभ कार्य बिल्कुल न करें।)
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उद्वेग: दोपहर 01:44 बजे से 03:18 बजे तक (यह तनाव, चिंता और बाधाओं का समय है। इस दौरान महत्वपूर्ण निर्णय लेने से बचें।)
आज की रात्रि का चौघड़िया मुहूर्त: 3 सितंबर 2025 (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय तक)
कई बार दिन में समय न मिलने पर लोग रात्रि में मुहूर्त तलाशते हैं। रात्रि के मुहूर्त भी उतने ही प्रभावी होते हैं।
रात्रि के शुभ मुहूर्त:
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शुभ: रात 07:52 बजे से 09:18 बजे तक
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अमृत: रात 09:18 बजे से 10:44 बजे तक
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चल: रात 10:44 बजे से 12:10 बजे तक
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लाभ: सुबह 03:01 बजे से 04:27 बजे तक
रात्रि के अशुभ मुहूर्त:
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उद्वेग: शाम 06:26 बजे से 07:52 बजे तक
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रोग: सुबह 12:10 बजे से 01:36 बजे तक
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काल: सुबह 01:36 बजे से 03:01 बजे तक
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उद्वेग: सुबह 04:27 बजे से 05:53 बजे तक
सही मुहूर्त का पालन करके आप न केवल अपनी नई शुरुआत को शुभ बना सकते हैं, बल्कि भविष्य में आने वाली कई अनचाही बाधाओं से भी खुद को और अपने परिवार को सुरक्षित रख सकते हैं।
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