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Bihar CM Resigns: नीतीश कुमार ने दिया इस्तीफा, 30 अप्रैल को छोड़ सकते हैं CM की कुर्सी?

Bihar CM Resigns: बिहार की राजनीति से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है, जिसने पूरे देश के सियासी गलियारों में हलचल मचा दी है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने ब

Chetan
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2026-03-30
Bihar CM Resigns: नीतीश कुमार ने दिया इस्तीफा, 30 अप्रैल को छोड़ सकते हैं CM की कुर्सी?
Bihar CM Resigns: नीतीश कुमार ने दिया इस्तीफा, 30 अप्रैल को छोड़ सकते हैं CM की कुर्सी?

Bihar CM Resigns: बिहार की राजनीति से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है, जिसने पूरे देश के सियासी गलियारों में हलचल मचा दी है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार विधान परिषद (MLC) की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। सोमवार, 30 मार्च की सुबह करीब 10:00 बजे नीतीश कुमार ने बिहार विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह को अपना आधिकारिक इस्तीफा सौंपा। इस एक फैसले ने बिहार की सत्ता के समीकरणों को पूरी तरह से बदल कर रख दिया है।

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क्यों देना पड़ा नीतीश कुमार को इस्तीफा?

नीतीश कुमार का इस्तीफा कोई अचानक लिया गया फैसला नहीं, बल्कि एक संवैधानिक मजबूरी और उनकी नई राजनीतिक पारी की शुरुआत है। दरअसल, 16 मार्च को हुए राज्यसभा चुनाव में नीतीश कुमार ने शानदार जीत हासिल की थी। भारतीय संविधान के नियमों के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति संसद (लोकसभा या राज्यसभा) के लिए चुना जाता है, तो उसे 14 दिनों के भीतर राज्य विधानमंडल (विधानसभा या विधान परिषद) की सदस्यता से इस्तीफा देना होता है। इसी नियम का पालन करते हुए नीतीश कुमार ने अब दिल्ली की राजनीति की ओर कदम बढ़ा दिए हैं।

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क्या अब बिहार को मिलेगा नया मुख्यमंत्री?

नीतीश कुमार के एमएलसी पद से हटने के बाद सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि क्या वह मुख्यमंत्री पद पर बने रहेंगे? तकनीकी रूप से, यदि कोई व्यक्ति राज्य के सदन (विधानसभा या परिषद) का सदस्य नहीं है, तो वह मुख्यमंत्री के पद पर नहीं रह सकता। सूत्रों के हवाले से खबर आ रही है कि 13 अप्रैल से 30 अप्रैल के बीच नीतीश कुमार मुख्यमंत्री पद से भी इस्तीफा दे सकते हैं।

इस खबर ने बिहार में ‘अगला मुख्यमंत्री कौन?’ की बहस को तेज कर दिया है। क्या जनता दल यूनाइटेड (JDU) के भीतर से ही कोई नया चेहरा सामने आएगा या बिहार की सत्ता में कोई बड़ा गठबंधन बदलाव देखने को मिलेगा? यह सस्पेंस अभी बरकरार है।

‘समृद्धि यात्रा’ और नीतीश की रहस्यमयी चुप्पी

हैरानी की बात यह है कि नीतीश कुमार हाल ही में अपनी ‘समृद्धि यात्रा’ के 5 चरण पूरे कर चुके हैं। इस यात्रा के दौरान उन्होंने बिहार के 32 जिलों का दौरा किया और 32 बड़ी जनसभाओं को संबोधित किया। लेकिन पूरे सफर के दौरान उन्होंने एक बार भी राज्यसभा जाने या मुख्यमंत्री पद छोड़ने का जिक्र नहीं किया। 26 मार्च को पटना में यह यात्रा समाप्त हुई, और उसके ठीक चार दिन बाद आए इस इस्तीफे ने उनके समर्थकों और विरोधियों दोनों को हैरान कर दिया है।

30 अप्रैल तक का ‘डेडलाइन’ और नई जिम्मेदारी

माना जा रहा है कि नीतीश कुमार 30 अप्रैल तक मुख्यमंत्री पद की कमान संभाल सकते हैं, जिसके बाद वह औपचारिक रूप से राज्यसभा की सदस्यता ग्रहण करेंगे। नीतीश कुमार का राज्यसभा जाना इस बात का संकेत है कि अब वह राष्ट्रीय राजनीति में अपनी बड़ी भूमिका निभाने के लिए तैयार हैं।

बिहार की जनता अब टकटकी लगाए बैठी है कि उनके प्रिय ‘सुशासन बाबू’ के बाद प्रदेश की कमान किसके हाथों में जाएगी। क्या यह बिहार में एक नए युग की शुरुआत है?


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Author of Bolbindas

Contributor and Lead Editor. Writing deep insights and analytical commentaries.

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