Bollywood period dramas: बॉलीवुड ने हमें कुछ ऐसी यादगार और आंखों को चौंधिया देने वाली पीरियड ड्रामा फिल्में दी हैं, जहाँ हर एक छोटी से छोटी détail, चाहे वो किरदारों के कपड़े हों या फिर भव्य सेट्स, इतिहास को पर्दे पर जीवंत कर देती है। ये फिल्में सिर्फ मनोरंजन नहीं करतीं, बल्कि भारत के गौरवशाली और समृद्ध सांस्कृतिक अतीत को दिखाने के लिए शानदार कहानी और गहन शोध (meticulous research) का एक अद्भुत संगम पेश करती हैं।
आइए जानते हैं बॉलीवुड की उन 5 ऐतिहासिक फिल्मों के बारे में, जो अपनी असाधारण वेशभूषा (breathtaking costumes) और प्रोडक्शन डिज़ाइन के लिए आज भी मिसाल मानी जाती हैं।
1. जोधा अकबर (Jodha Akbar, 2008) – अमेज़न प्राइम वीडियो
मुगल काल की पृष्ठभूमि पर आधारित ऋतिक रोशन और ऐश्वर्या राय की यह महागाथा आज भी अपनी शाही वेशभूषा के लिए याद की जाती है। डिजाइनर नीता लुल्ला ने असली राजपूत और मुगल पहनावे को तैयार करने के लिए 18 महीने तक छोटी-छोटी पेंटिंग्स और ऐतिहासिक ग्रंथों पर शोध किया था। भारी-भरकम कुंदन की ज्वेलरी से लेकर बारीक जरदोजी की कढ़ाई तक, हर एक डिटेल में शाही ठाठ-बाट साफ झलकता था।
2. अशोका (Aśoka, 2001) – नेटफ्लिक्स
शाहरुख खान द्वारा निभाया गया सम्राट अशोक का किरदार मौर्य राजवंश को बड़े पर्दे पर ले आया। फिल्म में ऐतिहासिक रूप से प्रामाणिक दिखने के लिए, उस युग से प्रेरित होकर अंतरीय (antariya) और उत्तरीय (uttariya) जैसे पारंपरिक वस्त्रों का उपयोग किया गया। इसके साथ ही, उस दौर के फैशन को दर्शाने के लिए बॉडी ज्वेलरी और टैटू का भी इस्तेमाल किया गया था।
3. बाजीराव मस्तानी (Bajirao Mastani, 2015) – अमेज़न प्राइम वीडियो
संजय लीला भंसाली के निर्देशन में बनी पेशवा काल की यह प्रेम कहानी कॉस्ट्यूम डिजाइन का एक मास्टरपीस है। डिजाइनर अंजू मोदी ने किरदारों को बखूबी सजाया। एक तरफ जहाँ दीपिका पादुकोण का निज़ामी लिबास था, वहीं दूसरी ओर प्रियंका चोपड़ा की पारंपरिक मराठी नौवारी सिल्क साड़ियाँ खूबसूरती से contraste पैदा कर रही थीं। रणवीर सिंह की शाही पगड़ी और पहनावे ने एक पेशवा की शक्ति और जोश को पर्दे पर साकार कर दिया।
4. मुग़ल-ए-आज़म (Mughal-E-Azam, 1960) – Zee5
दिलीप कुमार और मधुबाला अभिनीत इस सदाबहार क्लासिक फिल्म ने भारतीय सिनेमा में कॉस्ट्यूम डिजाइन के लिए एक benchmark स्थापित किया था। मधुबाला का प्रतिष्ठित अनारकली सूट दशकों तक फैशन की दुनिया पर राज करता रहा और आज भी एक स्टाइल आइकॉन है। महंगे ब्रोकेड, मुगल शैली की टोपियाँ, और बारीक कढ़ाई ने इस फिल्म को एक विज़ुअल मास्टरपीस बना दिया, जिसे आज भी कोई टक्कर नहीं दे पाया है।
5. कलंक (Kalank, 2019) – अमेज़न प्राइम वीडियो
आजादी से पहले के भारत (1940s) पर आधारित, ‘कलंक’ में मनीष मल्होत्रा के शानदार डिजाइन देखने को मिले। मुलायम मलमल, नाजुक चिकनकारी, लेस और पारंपरिक कढ़ाई का उपयोग करके फिल्म ने 1940 के दशक की शान को फिर से जीवंत कर दिया। हल्के और सौम्य रंगों (muted palette) और उस दौर के silhouttes ने पुरुषों और महिलाओं दोनों के परिधानों को एक प्रामाणिक एहसास दिया।
ये भव्य और ऐतिहासिक फिल्में नेटफ्लिक्स, प्राइम वीडियो, और अन्य प्रमुख ओटीटी प्लेटफार्मों पर उपलब्ध हैं, जो दर्शकों को बॉलीवुड की शानो-शौकत के साथ मिश्रित प्रामाणिक इतिहास का आनंद लेने का मौका देती हैं।
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