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CDS General Anil Chauhan: भारत के ‘जॉइंट थिएटर कमांड' का काम पूरा, जानें CDS की सबसे बड़ी चेतावनी

CDS General Anil Chauhan: भारतीय सैन्य इतिहास में कुछ ऑपरेशन ऐसे होते हैं जो केवल सीमा पर दुश्मन को धूल नहीं चटाते, बल्कि उनकी जड़ों को हिलाकर रख देते हैं। ऐसा ह

Malvika
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2026-01-10
CDS General Anil Chauhan: भारत के ‘जॉइंट थिएटर कमांड' का काम पूरा, जानें CDS की सबसे बड़ी चेतावनी
CDS General Anil Chauhan: भारत के ‘जॉइंट थिएटर कमांड' का काम पूरा, जानें CDS की सबसे बड़ी चेतावनी

CDS General Anil Chauhan: भारतीय सैन्य इतिहास में कुछ ऑपरेशन ऐसे होते हैं जो केवल सीमा पर दुश्मन को धूल नहीं चटाते, बल्कि उनकी जड़ों को हिलाकर रख देते हैं। ऐसा ही कुछ हुआ ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के साथ। पुणे में आयोजित ‘पब्लिक पॉलिसी फेस्टिवल 2026’ के दौरान चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल अनिल चौहान ने एक ऐसा खुलासा किया है, जिसने वैश्विक रक्षा विशेषज्ञों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। जनरल चौहान के अनुसार, इस ऑपरेशन का खौफ पाकिस्तान में इस कदर था कि उसे अपनी सैन्य संरचना और संविधान तक में बदलाव करने के लिए मजबूर होना पड़ा।

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पाकिस्तान की ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ वाली घबराहट: सेना में बड़ा फेरबदल
जनरल अनिल चौहान ने गोखले इंस्टिट्यूट ऑफ पॉलिटिक्स एंड इकोनॉमिक्स (GIPE) में बोलते हुए साफ किया कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पाकिस्तान के लिए किसी बुरे सपने जैसा रहा। उन्होंने बताया कि इस ऑपरेशन के बाद पाकिस्तान ने अपनी सैन्य कमजोरियों को छिपाने के लिए अपने उच्च सैन्य संगठन में आमूल-चूल परिवर्तन किए हैं।

पाकिस्तान ने जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ कमिटी के पद को पूरी तरह खत्म कर दिया है और उसकी जगह ‘चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज’ का नया पद सृजित किया है। इसके अलावा, वहां नेशनल स्ट्रेटेजी कमांड और आमी रॉकेट फोर्सेज कमांड जैसी नई इकाइयां बनाई गई हैं। जनरल चौहान का मानना है कि यह बदलाव पाकिस्तान की जीत नहीं, बल्कि उसके अंदरूनी डर और युद्ध के दौरान सामने आई भारी कमियों का सबूत है।

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एक ही हाथ में सारी ताकत: क्या खुद के जाल में फंस गया पाकिस्तान?
जनरल चौहान ने पाकिस्तान के इस नए सैन्य ढांचे की आलोचना करते हुए इसे ‘जॉइंटनेस’ (संयुक्तता) के सिद्धांत के खिलाफ बताया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने भूमि, संयुक्त और रणनीतिक सैन्य शक्तियों को एक ही व्यक्ति के हाथ में केंद्रित कर दिया है। यह केंद्रीकरण ‘लैंड-सेंट्रिक’ यानी केवल जमीन पर आधारित युद्ध की सोच को दिखाता है। जनरल चौहान ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि ऐसा सैन्य ढांचा पाकिस्तान की सेना के भीतर ही भारी आंतरिक कलह और समस्याएं पैदा कर सकता है।

भारत की रणनीति: तकनीक से तय होगा कल का युद्ध
जब भारत की सैन्य तैयारियों की बात आई, तो CDS ने भविष्य के युद्धों का खाका खींचा। उन्होंने एक बहुत गहरी बात कही— “पहले पानीपत से पलासी तक युद्ध का फैसला भूगोल (Geography) करता था, लेकिन आज तकनीक (Technology) रणनीति तय कर रही है।”

उन्होंने बताया कि भविष्य में युद्ध केवल सीमाओं पर गोलियां चलाकर नहीं, बल्कि स्पेस (अंतरिक्ष), साइबर, इलेक्ट्रोमैग्नेटिक और कॉग्निटिव युद्ध (दिमागी युद्ध) के जरिए लड़े जाएंगे। भारत अब इसी ‘नॉन-काइनेटिक’ युद्ध की तैयारी कर रहा है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि चीन और पाकिस्तान के साथ विवादित सीमाओं के कारण हमें पारंपरिक जमीनी युद्ध के लिए भी उतना ही तैयार रहना होगा।

जॉइंट थिएटर कमांड: समय से पहले लक्ष्य हासिल करेगा भारत
भारतीय सेना के आधुनिकीकरण पर बात करते हुए जनरल चौहान ने देश को आश्वस्त किया कि एकीकृत थिएटर कमांड (Joint Theater Command) बनाने का काम लगभग पूरा हो चुका है। उन्होंने उम्मीद जताई कि भारत की यह नई एकीकृत सैन्य संरचना तय समय से पहले ही धरातल पर उतर आएगी। डोकलाम, गलवान और बालाकोट एयर स्ट्राइक जैसे अनुभवों से सीख लेते हुए भारत अब एक ऐसी ‘स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर’ (SOP) बना रहा है, जो किसी भी स्थिति में दुश्मन को करारा जवाब देने में सक्षम होगी।

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Author of Bolbindas

Contributor and Lead Editor. Writing deep insights and analytical commentaries.

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