Chief Justice: राजस्थान उच्च न्यायालय के इतिहास में शुक्रवार का दिन एक महत्वपूर्ण अध्याय के रूप में दर्ज हो गया. जोधपुर स्थित मुख्यपीठ में आयोजित एक गरिमामय समारोह में सात नवनियुक्त न्यायाधीशों (Seven New Judges) ने पद एवं गोपनीयता की शपथ ग्रहण की. मुख्य न्यायाधीश (Chief Justice) श्रीराम कल्पाती राजेन्द्रन ने सभी नए जजों को शपथ दिलाई, जिसके बाद हाईकोर्ट परिसर तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा.
इस ऐतिहासिक नियुक्ति के साथ ही राजस्थान हाईकोर्ट में न्यायाधीशों की कुल संख्या अब 43 हो गई है, जो हाईकोर्ट के इतिहास में अब तक की सर्वाधिक संख्या है. उम्मीद की जा रही है कि जजों की संख्या बढ़ने से प्रदेश में लंबित मुकदमों के निपटारे में तेजी आएगी और आम जनता को त्वरित न्याय मिल सकेगा.
इन न्यायाधीशों ने ली शपथ
मुख्य न्यायाधीश राजेन्द्रन द्वारा शपथ दिलाए जाने वाले नवनियुक्त न्यायाधीशों में माननीय जस्टिस संदीप तनेजा, जस्टिस बलजिंदर सिंह संधू, जस्टिस बिपिन गुप्ता, जस्टिस संजीत पुरोहित, जस्टिस रवि चिरानिया, जस्टिस अनुरूप सिंघी और जस्टिस संगीता शर्मा शामिल हैं.
इस अवसर पर जस्टिस संदीप तनेजा ने स्थाई न्यायाधीश (Permanent Judge) के रूप में शपथ ग्रहण की, जबकि अन्य छह न्यायाधीशों ने अतिरिक्त न्यायाधीश (Additional Judge) के रूप में पदभार संभाला. केंद्र सरकार द्वारा हाल ही में इनकी नियुक्ति को मंजूरी दिए जाने के बाद शुक्रवार को यह शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया गया.
न्यायाधीशों की स्वीकृत संख्या 50, अब हुए 43
इस नई नियुक्ति से पहले राजस्थान हाईकोर्ट में जजों की संख्या कम थी, जिससे लंबित मामलों का बोझ बढ़ रहा था. बता दें कि राजस्थान हाईकोर्ट में न्यायाधीशों की कुल स्वीकृत संख्या 50 है. इन सात नई नियुक्तियों के बाद अब यह संख्या 43 पर पहुंच गई है, जो कि न्याय व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है.
समारोह में राजस्थान हाईकोर्ट के अन्य न्यायाधीशों, वरिष्ठ अधिवक्ताओं और न्यायिक अधिकारियों समेत कई गणमान्य लोग उपस्थित थे. यह खबर न केवल राजस्थान के कानूनी गलियारों के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि USA और UK जैसे देशों में बसे प्रवासी भारतीयों के लिए भी रुचि का विषय है जो भारतीय न्यायपालिका की गतिविधियों पर नजर रखते हैं.
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