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CM Pushkar Singh Dhami : कैबिनेट विस्तार में 5 दिग्गजों की एंट्री, जाति और क्षेत्र के समीकरण ने उड़ाए विपक्ष के होश

CM Pushkar Singh Dhami : उत्तराखंड की सियासत में ‘मिशन 2027’ का बिगुल बज चुका है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी (CM Pushkar Singh Dhami) ने अपनी टीम

Malvika
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2026-03-20
CM Pushkar Singh Dhami : कैबिनेट विस्तार में 5 दिग्गजों की एंट्री, जाति और क्षेत्र के समीकरण ने उड़ाए विपक्ष के होश
CM Pushkar Singh Dhami : कैबिनेट विस्तार में 5 दिग्गजों की एंट्री, जाति और क्षेत्र के समीकरण ने उड़ाए विपक्ष के होश

CM Pushkar Singh Dhami : उत्तराखंड की सियासत में ‘मिशन 2027’ का बिगुल बज चुका है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी (CM Pushkar Singh Dhami) ने अपनी टीम का विस्तार करते हुए पांच नए मंत्रियों को शामिल किया है। देहरादून के लोकभवन में आयोजित एक भव्य शपथ ग्रहण समारोह में खजान दास, भरत चौधरी, राम सिंह कैड़ा, मदन कौशिक और प्रदीप बत्रा ने पद और गोपनीयता की शपथ ली।

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यह विस्तार केवल रिक्त पदों को भरना नहीं है, बल्कि आगामी विधानसभा चुनाव से पहले क्षेत्रीय और जातीय समीकरणों को साधने की एक बड़ी बिसात मानी जा रही है। आइए जानते हैं, कौन हैं धामी कैबिनेट के ये 5 नए सिपहसालार:

1. मदन कौशिक: अनुभव की घर वापसी

भारतीय जनता पार्टी के कद्दावर नेता और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक (Madan Kaushik) की कैबिनेट में वापसी सबसे बड़ी खबर है। हरिद्वार सीट से लगातार 5 बार विधायक रहे कौशिक ब्राह्मण समाज का एक बड़ा चेहरा हैं। उनकी प्रशासनिक पकड़ और सांगठनिक अनुभव का लाभ उठाकर भाजपा हरिद्वार और मैदानी इलाकों में अपनी पकड़ और मजबूत करना चाहती है।

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2. खजान दास: दलित समाज की मजबूत आवाज

राजपुर रोड सीट से कांग्रेस के राजकुमार को लगातार दो बार पटखनी देने वाले खजान दास (Khajan Das) को फिर से कैबिनेट में जगह मिली है। दलित समाज से आने वाले खजान दास ने 2022 में 11,000 से अधिक वोटों के अंतर से जीत दर्ज की थी। उनकी नियुक्ति के जरिए धामी सरकार ने एससी (SC) वोट बैंक को एक बड़ा संदेश देने की कोशिश की है।

3. भरत सिंह चौधरी: विद्वान और जमीनी नेता का संगम

रुद्रप्रयाग से विधायक भरत सिंह चौधरी (Bharat Singh Choudhary) को उनकी शालीनता और बौद्धिक क्षमता के लिए जाना जाता है। हिंदी, अंग्रेजी और संस्कृत पर गहरी पकड़ रखने वाले चौधरी ठाकुर समाज के प्रतिनिधि के रूप में उभरे हैं। 2017 से लगातार रुद्रप्रयाग सीट पर काबिज भरत चौधरी अब पहाड़ की राजनीति में सरकार का चेहरा होंगे।

4. राम सिंह कैड़ा: बागी से मंत्री बनने तक का सफर

भीमताल के विधायक राम सिंह कैड़ा (Ram Singh Kaida) की कहानी किसी फिल्म से कम नहीं है। छात्र राजनीति से शुरुआत करने वाले कैड़ा कभी कांग्रेस के स्तंभ थे। 2017 में टिकट न मिलने पर उन्होंने निर्दलीय लड़कर अपनी ताकत दिखाई और जीत हासिल की। 2021 में भाजपा में शामिल हुए कैड़ा को अब मंत्री पद देकर भाजपा ने कुमाऊं क्षेत्र में अपनी स्थिति और मजबूत कर ली है।

5. प्रदीप बत्रा: रुड़की के अजेय ‘बिजनेसमैन’ विधायक

व्यवसायी पृष्ठभूमि से आने वाले प्रदीप बत्रा (Pradeep Batra) रुड़की सीट से लगातार तीसरी बार विधायक चुने गए हैं। 2022 के चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस छोड़ भाजपा में आए बत्रा ने अपनी पकड़ साबित की। हरिद्वार जिले में उनकी पकड़ और शहरी मतदाताओं के बीच लोकप्रियता के चलते धामी सरकार ने उन्हें कैबिनेट की जिम्मेदारी सौंपी है।

विस्तार के पीछे का असली गणित: जाति और क्षेत्र का संतुलन

इस कैबिनेट विस्तार में धामी सरकार ने जातीय संतुलन (Caste Equation) का खास ख्याल रखा है। मदन कौशिक के रूप में ब्राह्मण, भरत चौधरी के रूप में ठाकुर और खजान दास के रूप में दलित चेहरे को शामिल कर ‘सोशल इंजीनियरिंग’ की गई है। साथ ही गढ़वाल और कुमाऊं मंडल के बीच भी सामंजस्य बिठाने की कोशिश की गई है।

क्या 2027 की राह होगी आसान?

धामी सरकार ने अपनी नई टीम के जरिए यह साफ कर दिया है कि वे विकास के साथ-साथ मजबूत राजनीतिक किलाबंदी पर भी भरोसा करते हैं। नए मंत्रियों के सामने न केवल अपने विभागों को सुचारू रूप से चलाने की चुनौती होगी, बल्कि उन्हें अपने क्षेत्रों में भाजपा के जनाधार को भी बढ़ाना होगा।


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Author of Bolbindas

Contributor and Lead Editor. Writing deep insights and analytical commentaries.

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