News

Congress Survey : EVM पर आए इन नतीजों ने कांग्रेस के पैरों तले खिसकाई जमीन

Congress Survey : भारतीय राजनीति में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन यानी EVM को लेकर हमेशा से घमासान मचता रहा है. चुनाव परिणाम आते ही हारने वाली पार्टी अक्सर EVM को क

Malvika
Malvika
2026-01-02
Congress Survey : EVM पर आए इन नतीजों ने कांग्रेस के पैरों तले खिसकाई जमीन
Congress Survey : EVM पर आए इन नतीजों ने कांग्रेस के पैरों तले खिसकाई जमीन

Congress Survey : भारतीय राजनीति में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन यानी EVM को लेकर हमेशा से घमासान मचता रहा है. चुनाव परिणाम आते ही हारने वाली पार्टी अक्सर EVM को कटघरे में खड़ा कर देती है. खास तौर पर कांग्रेस के शीर्ष नेता राहुल गांधी ने कई बार अंतरराष्ट्रीय मंचों तक यह दावा किया है कि भारत की चुनावी प्रक्रिया में ‘वोट चोरी’ हो रही है. लेकिन अब कर्नाटक की सिद्धारमैया सरकार (Congress Government) के ही एक सर्वे ने राहुल गांधी के इन दावों की हवा निकाल दी है.

Top travel destinations: पूरी दुनिया हो गई इन 10 जगहों की दीवानी, 7वें नंबर वाले ‘देसी शहर’ को देख भारतीयों का सीना हो जाएगा चौड़ा

क्या है यह ‘विस्फोटक’ सर्वे रिपोर्ट?

दरअसल, कर्नाटक की कांग्रेस सरकार ने साल 2024 के लोकसभा चुनावों को लेकर एक खास सर्वे कराया था. इस सर्वे का नाम था – ‘लोकसभा इलेक्शन 2024- इवैल्यूएशन ऑफ इंडलाइन सर्वे ऑफ नॉलेज, एटीट्यूट एंड प्रैक्टिस ऑफ सिटिजन्स’. यह सर्वे राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी वी. अंबुकुमार के माध्यम से आयोजित किया गया था.

BPS: फ्रांसीसी टेक दिग्गज कैपजेमिनी ने भारतीय फर्म WNS को $3.3 अरब में खरीदा

इस सर्वे के नतीजे कांग्रेस के लिए किसी कड़वी गोली से कम नहीं हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, 83.61% उत्तरदाताओं ने साफ़ तौर पर कहा कि वे ईवीएम (EVM) को पूरी तरह विश्वसनीय मानते हैं. इनमें से लगभग 69.39% लोग इस बात से पूरी तरह सहमत थे कि मशीनें बिल्कुल सटीक नतीजे देती हैं, जबकि 14.22% लोगों का भरोसा अटूट दिखा.

राहुल गांधी के दावों पर ‘अपनों’ की चोट

हैरानी की बात यह है कि यह सर्वे किसी स्वतंत्र संस्था या विपक्षी दल ने नहीं, बल्कि खुद कांग्रेस शासित कर्नाटक सरकार ने कराया था. राहुल गांधी जहाँ देश भर में घूम-घूम कर लोकतंत्र के खतरे में होने और संस्थानों के बिक जाने की बात कह रहे हैं, वहीं कर्नाटक की जनता (जहाँ खुद कांग्रेस की सरकार है) ईवीएम पर अटूट भरोसा जता रही है.

सर्वे के लिए बेंगलुरु, बेलगावी, कलबुर्गी और मैसूरु जैसे बड़े क्षेत्रों की 102 विधानसभा सीटों के 5,100 लोगों से उनकी राय ली गई. नतीजों में सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बात कलबुर्गी में दिखी (जो कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे का क्षेत्र है), वहां सबसे ज्यादा 83.24% लोगों ने ईवीएम को सुरक्षित और विश्वसनीय बताया.

भाजपा ने बताया ‘कांग्रेस के मुंह पर तमाचा’

जैसे ही इस सर्वे की रिपोर्ट सार्वजनिक हुई, भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने कांग्रेस को घेरना शुरू कर दिया. कर्नाटक विधानसभा में विपक्ष के नेता आर. अशोक ने सीधा प्रहार करते हुए कहा कि यह सर्वे राहुल गांधी और कांग्रेस के झूठे नैरेटिव के मुंह पर एक करारा तमाचा है.

अशोक ने एक्स (ट्विटर) पर लिखा, “कांग्रेस जब चुनाव हारती है तो ईवीएम और लोकतांत्रिक संस्थाओं को गाली देने लगती है, लेकिन उन्हीं के कराए सर्वे ने आज उनकी पोल खोल दी है. यह ‘सिद्धांतवादी राजनीति’ नहीं बल्कि ‘सुविधावादी राजनीति’ है.” उन्होंने मुख्यमंत्री सिद्धारमैया पर निशाना साधते हुए कहा कि जब जनता को मशीनों पर इतना भरोसा है, तो आखिर क्यों सरकार अब स्थानीय चुनाव बैलेट पेपर से कराने की जिद पर अड़ी है?

क्या अब बंद होगा EVM का शोर?

यह रिपोर्ट न केवल कर्नाटक कांग्रेस बल्कि पूरे ‘इंडिया गठबंधन’ के लिए गले की हड्डी बन गई है. जनता का यह स्पष्ट मत दर्शाता है कि लोग तकनीक पर भरोसा करते हैं और बार-बार ईवीएम का मुद्दा उठाना उनकी समझ से परे है. आने वाले चुनावों में भाजपा निश्चित रूप से इस सरकारी सर्वे को एक बड़े हथियार के रूप में इस्तेमाल करेगी.


Enjoying this post?

Subscribe to Bolbindas to get deep dives like this delivered directly to your inbox .

Malvika

Malvika

Author of Bolbindas

Contributor and Lead Editor. Writing deep insights and analytical commentaries.

More from Bolbindas

No other posts found.