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Defence Budget 2026: ₹7.85 लाख करोड़ का रक्षा बजट, अब दुश्मन की खैर नहीं

Defence Budget 2026: वित्त वर्ष 2026-27 का आम बजट पेश हो चुका है, और इस बार वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रक्षा क्षेत्र (Defence Sector) के लिए जो कदम उठाए है

Malvika
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2026-02-02
Defence Budget 2026: ₹7.85 लाख करोड़ का रक्षा बजट, अब दुश्मन की खैर नहीं
Defence Budget 2026: ₹7.85 लाख करोड़ का रक्षा बजट, अब दुश्मन की खैर नहीं

Defence Budget 2026: वित्त वर्ष 2026-27 का आम बजट पेश हो चुका है, और इस बार वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रक्षा क्षेत्र (Defence Sector) के लिए जो कदम उठाए हैं, उसने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद यह पहला बजट है, और जैसा कि उम्मीद थी, सरकार ने देश की सीमाओं को सुरक्षित करने और सेना को अत्याधुनिक बनाने के लिए अपना खजाना पूरी तरह खोल दिया है।

यह बजट केवल आंकड़ों का खेल नहीं है, बल्कि यह बदलते वैश्विक हालातों (Geopolitics) में भारत की मजबूत होती स्थिति का प्रमाण है। आइए जानते हैं कि इस बजट में हमारी सेना के लिए क्या खास है और कैसे भारत अब हथियारों के मामले में दुनिया पर निर्भरता खत्म कर रहा है।

7.85 लाख करोड़ का भारी-भरकम बजट: अब दुश्मन की खैर नहीं!

सरकार ने रक्षा मंत्रालय के लिए कुल 7.85 लाख करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। यह पिछले साल की तुलना में 15.19% की भारी बढ़ोतरी है। भारत अपनी जीडीपी का लगभग 2% अब अपनी सुरक्षा पर खर्च कर रहा है। लेकिन सबसे चौंकाने वाली बात ‘कैपिटल आउटले’ (Capital Outlay) यानी नए हथियार खरीदने के लिए रखा गया पैसा है। इस बार सेना के आधुनिकीकरण के लिए 2.19 लाख करोड़ रुपये दिए गए हैं, जो पिछले साल से करीब 22% ज्यादा है।

राफेल अब ‘मेड इन इंडिया’: भारत में ही गरजेगा फाइटर जेट!

इस बजट की सबसे बड़ी और रोमांचक खबर यह है कि अब राफेल फाइटर जेट (Rafale Fighter Jet) का निर्माण भारत की धरती पर ही होगा। फ्रांस की कंपनी के साथ हुई इस डील के तहत भारत में विमान बनाए जाएंगे, जिसकी लागत 30,000 करोड़ रुपये से अधिक होने वाली है। यह न केवल भारतीय वायुसेना की ताकत बढ़ाएगा, बल्कि हजारों लोगों को रोजगार भी देगा। फाइटर जेट और उनके इंजनों के निर्माण पर सरकार का सबसे ज्यादा फोकस है।

‘आत्मनिर्भर भारत’ का असली दम: देशी कंपनियों की लॉटरी

रक्षा बजट का एक बहुत बड़ा हिस्सा, यानी 1.39 लाख करोड़ रुपये, विशेष रूप से देशी रक्षा कंपनियों (Domestic Defence Companies) के लिए सुरक्षित रख दिया गया है। इसका सीधा मतलब यह है कि अब हमारे जवान जो बंदूकें, मिसाइलें और टैंक इस्तेमाल करेंगे, वे भारत में ही बने होंगे। इससे ‘मेक इन इंडिया’ अभियान को एक नई उड़ान मिलेगी और विदेशी कंपनियों पर हमारी निर्भरता खत्म होगी।

सिर्फ फाइटर जेट ही नहीं, समंदर से आसमान तक होगी चौकसी

आने वाले दिनों में भारत केवल विमान ही नहीं, बल्कि नई पीढ़ी की पनडुब्बियां (Submarines), लंबी दूरी के रॉकेट सिस्टम और आधुनिक एयर डिफेंस सिस्टम भी खरीदने जा रहा है। तकनीक के इस दौर में सरकार ड्रोन (Drones) और ‘लोइटरिंग म्यूनिशन’ (आत्मघाती ड्रोन) पर भी करोड़ों खर्च कर रही है। इसके साथ ही, विमानों के मेंटेनेंस के लिए विदेशों से आने वाले कल-पुर्जों पर कस्टम ड्यूटी को पूरी तरह खत्म कर दिया गया है, जिससे सेना का खर्च बचेगा।

अग्निपथ योजना और युवाओं के लिए अवसर

बजट में अग्निपथ स्कीम (Agnipath Scheme) के लिए भी बजट बढ़ा दिया गया है। आने वाले साल में बड़े स्तर पर अग्निवीरों की भर्ती की योजना है, जिससे देश की सेना युवा और तकनीकी रूप से अधिक सक्षम बनेगी।

बजट 2026-27 यह साफ संदेश देता है कि भारत अब रक्षा के क्षेत्र में किसी के आगे झुकने वाला नहीं है। हम न केवल अपनी सुरक्षा के लिए तैयार हैं, बल्कि अब हम हथियारों के ‘निर्यातक’ (Exporter) बनने की दिशा में भी कदम बढ़ा चुके हैं। राफेल का भारत में बनना इस दशक की सबसे बड़ी रक्षा उपलब्धि साबित होने वाली है।

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Author of Bolbindas

Contributor and Lead Editor. Writing deep insights and analytical commentaries.

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