Delhi-Dehradun Expressway: पहाड़ों की रानी मसूरी और देवभूमि उत्तराखंड की राजधानी देहरादून की यात्रा करने वालों के लिए एक ऐसी खुशखबरी आई है, जिसका इंतजार सालों से किया जा रहा था। दिल्ली से देहरादून के बीच घंटों लंबे और थकाऊ सफर को अब आप भूल जाइए। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी (Nitin Gadkari) ने घोषणा की है कि बहुप्रतीक्षित दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे (Delhi-Dehradun Expressway) अगले कुछ महीनों में जनता के लिए खोल दिया जाएगा। इस एक्सप्रेसवे के शुरू होते ही, जो सफर अभी 7 घंटे से ज्यादा का समय लेता है, वह सिमटकर महज ढाई घंटे का रह जाएगा।
यह सिर्फ समय की बचत नहीं है, बल्कि इस एक्सप्रेसवे पर लगने वाले टोल शुल्क को लेकर जो जानकारी सामने आई है, वह किसी आश्चर्य से कम नहीं है। आइए जानते हैं इस गेम-चेंजर एक्सप्रेसवे के बारे में सब कुछ।
18 किलोमीटर का सफर रहेगा बिलकुल टोल-फ्री
यह विशाल एक्सप्रेसवे दिल्ली के अक्षरधाम मंदिर के पास से शुरू होकर पूर्वी दिल्ली, लोनी, बागपत, शामली, मुजफ्फरनगर और सहारनपुर होते हुए देहरादून तक पहुंचेगा। इस 210 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेसवे को चार चरणों में बनाया गया है। दिल्ली और एनसीआर के यात्रियों के लिए सबसे बड़ी राहत की बात यह है कि दिल्ली के अक्षरधाम से लोनी तक का शुरुआती 18 किलोमीटर का हिस्सा पूरी तरह से टोल-फ्री (toll-free) रहेगा। यानी इस हिस्से पर यात्रा करने के लिए कोई शुल्क नहीं देना होगा।
टोल का पूरा गणित: कैसे ₹500 का खर्च बनेगा ₹60?
फिलहाल, अगर आप सड़क मार्ग से दिल्ली से देहरादून (Delhi to Dehradun) जाते हैं, तो आपको रास्ते में पड़ने वाले कई टोल प्लाजा पर कुल मिलाकर एक तरफ से लगभग ₹500 का टोल चुकाना पड़ता है। जाहिर है, जब एक बिल्कुल नया और विश्वस्तरीय एक्सप्रेसवे बन रहा है, तो उम्मीद यही थी कि इसका टोल चार्ज मौजूदा रूट से कहीं ज्यादा होगा।
लेकिन यहीं पर केंद्र सरकार (Central Government) का मास्टरस्ट्रोक सामने आता है। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कुछ समय पहले ही ₹3,000 के सालाना फास्टैग (FASTag) पास का ऐलान किया था, जिसे 15 अगस्त, 2025 से लागू किया जाना है।
अब समझिए इसका फायदा:
- यह पास प्राइवेट कार, जीप और वैन जैसे गैर-व्यावसायिक वाहनों (non-commercial vehicles) के लिए होगा।
- ₹3,000 में बनने वाला यह पास एक साल या 200 ट्रिप (जो भी पहले पूरा हो) के लिए मान्य होगा।
- इस हिसाब से देखें तो एक टोल प्लाजा को पार करने का खर्च मात्र ₹15 (₹3000 ÷ 200) आता है।
- अगर नए दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर 4 टोल प्लाजा भी बनाए जाते हैं, तो इस पास के जरिए एक तरफ का सफर तय करने में आपका कुल टोल खर्च मात्र ₹60 (15 x 4) आएगा!
यह योजना इस एक्सप्रेसवे को न केवल सबसे तेज, बल्कि सबसे किफायती मार्गों में से एक बना देगी, जिससे आम आदमी की जेब पर बोझ कम होगा।
कब से शुरू होगा यह ड्रीम एक्सप्रेसवे?
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के अनुसार, दिल्ली से देहरादून के बीच इस नए एक्सप्रेसवे का काम लगभग पूरा हो चुका है।
- पहला चरण: अगस्त 2025 से एक्सप्रेसवे का पहला चरण शुरू कर दिया जाएगा, यानी अगले महीने से ही आप इसके एक हिस्से पर अपनी कार दौड़ा सकेंगे।
- पूर्ण शुरुआत: एक्सप्रेसवे का पूरा काम अक्टूबर 2025 तक समाप्त होने की उम्मीद है। इसके बाद, दिल्ली से देहरादून का पूरा सफर घटकर सिर्फ 2 से 2.5 घंटे का रह जाएगा।
यह एक्सप्रेसवे न केवल दिल्ली और उत्तराखंड के बीच की दूरी कम करेगा, बल्कि पर्यटन और व्यापार के लिए भी नए रास्ते खोलेगा।
Q 1: दिल्ली-देहरादून के बीच नया एक्सप्रेसवे आम जनता के लिए पूरी तरह से कब खुलेगा?
A: इस नए एक्सप्रेसवे के अक्टूबर 2025 से पूरी तरह चालू होने की उम्मीद है। इसके बाद, यात्रा का समय 7 घंटे से घटकर मात्र 2 से 2.5 घंटे रह जाएगा।
Q 2: दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर गाड़ियों की अधिकतम गति सीमा क्या होगी?
A: इस एक्सप्रेसवे पर कारों जैसे हल्के वाहनों के लिए अधिकतम गति सीमा 100 किलोमीटर प्रति घंटा रखी गई है, जबकि बसों और ट्रकों जैसे भारी वाहनों के लिए यह गति 80 किलोमीटर प्रति घंटा होगी।
Q 3: दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे को बनाने में कुल कितना खर्च आया है?
A: इस महत्वाकांक्षी परियोजना की अनुमानित लागत लगभग 12,000 करोड़ रुपये है।
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