Deoria Mazar Bulldozer Action: उत्तर प्रदेश के देवरिया से एक ऐसी खबर सामने आ रही है जिसने पूरे प्रदेश के सियासी और सामाजिक गलियारों में खलबली मचा दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत जब सरकारी जमीन पर बनी एक अवैध मजार पर बुलडोजर चला, तो उसके परिणाम स्वरूप अब नफरत और धमकियों का दौर शुरू हो गया है। देवरिया के बीजेपी विधायक शलभमणि त्रिपाठी, जिन्होंने इस अवैध अतिक्रमण के खिलाफ आवाज उठाई थी, उन्हें अब सोशल मीडिया पर ‘सिर कलम’ करने की सीधी धमकी दी गई है।
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क्या है पूरा विवाद? बुलडोजर और मजार का कनेक्शन
देवरिया शहर के रेलवे ओवरब्रिज के पास स्थित बाबा अब्दुल शाह गनी की मजार पिछले काफी समय से विवादों में थी। प्रशासन के मुताबिक, यह मजार सरकारी ‘बंजर’ भूमि पर अवैध रूप से बनाई गई थी। स्थानीय विधायक शलभमणि त्रिपाठी ने इसकी शिकायत की थी, जिसके बाद मामला कोर्ट तक पहुंचा। एसडीएम कोर्ट के आदेश के बाद रविवार को प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए तीन बुलडोजर भेजे और इस अवैध ढांचे को जमींदोज कर दिया। सोमवार को भी ध्वस्तीकरण की कार्रवाई जारी रही, जिससे इलाके के कट्टरपंथी तत्व बौखला गए हैं।
इंस्टाग्राम पर खौफनाक धमकी: “सुधर जाओ वरना…”
मजार गिरने के कुछ ही घंटों बाद बीजेपी विधायक शलभमणि त्रिपाठी को निशाना बनाते हुए इंस्टाग्राम पर एक भड़काऊ वीडियो पोस्ट किया गया। इस वीडियो में एक युवक चलता हुआ दिखाई दे रहा है, लेकिन बैकग्राउंड में जो आवाज और विजुअल्स हैं, वे डराने वाले हैं। वीडियो में विधायक की तस्वीर पर ‘कट’ (Cross) का निशान लगाया गया है और लिखा है— “अभी समय है सुधर जाओ, नहीं तो मुस्लिम अपने पर आएगा तो सुधार देगा।”
इतना ही नहीं, वीडियो के बैकग्राउंड में एक ऑडियो बज रहा है जिसमें कहा जा रहा है कि इसकी बातें इतनी चुभती हैं कि मन करता है ‘सिर कलम’ कर दूं। वीडियो में यह भी कहा गया कि हुजूर की शान में गुस्ताखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस धमकी भरे वीडियो के सामने आने के बाद यूपी पुलिस अलर्ट मोड पर है और आरोपी युवक की तलाश तेज कर दी गई है।
इंसाफ की जीत: रामनगीना यादव की हत्या का जिक्र
इस पूरे मामले का एक गहरा और दर्दनाक इतिहास भी है। विधायक शलभमणि त्रिपाठी ने मजार गिरने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार व्यक्त करते हुए एक वीडियो संदेश जारी किया। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि पूरा देवरिया मुख्यमंत्री का ऋणी रहेगा।
विधायक ने खुलासा किया कि यह वही मजार है जिसके अवैध निर्माण के खिलाफ आवाज उठाने पर आरएसएस (RSS) के वरिष्ठ प्रचारक रामनगीना यादव की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। शलभमणि ने कहा, “आज जब यह अवैध अतिक्रमण हटा है, तो निश्चित रूप से रामनगीना जी की आत्मा को शांति मिल रही होगी।” उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि जिन लोगों ने कानूनी अड़चनें पैदा कीं और इस अवैध कब्जे को संरक्षण दिया, उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
देवरिया में फिलहाल क्या है स्थिति?
रविवार और सोमवार को हुए भारी तनाव और बुलडोजर एक्शन के बाद मंगलवार को इलाके में शांति बनी हुई है। पुलिस बल चप्पे-चप्पे पर तैनात है ताकि कोई अप्रिय घटना न हो। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि सरकारी जमीन पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, चाहे वह कोई भी ढांचा क्यों न हो। योगी सरकार का बुलडोजर एक बार फिर चर्चा में है, लेकिन इस बार मामला केवल अतिक्रमण का नहीं बल्कि एक जनप्रतिनिधि की सुरक्षा और धार्मिक कट्टरता का भी बन गया है। अब देखना यह है कि यूपी पुलिस उस धमकी देने वाले युवक को कितनी जल्दी सलाखों के पीछे पहुँचाती है।
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