DMRC: देश की राजधानी दिल्ली की लाइफलाइन बन चुकी दिल्ली मेट्रो (Delhi Metro) अपने नेटवर्क को और भी सशक्त बनाने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठा रही है। दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) अपने फेज IV विस्तार (Phase IV Expansion) के तहत कई नए कॉरिडोर का निर्माण कर रहा है, जिसमें इंद्रलोक-इंद्रप्रस्थ कॉरिडोर एक महत्वपूर्ण कड़ी है। इसी कॉरिडोर के हिस्से के रूप में दिल्ली के इंद्रलोक मेट्रो स्टेशन (Inderlok Metro Station) पर एक अत्याधुनिक नया स्टेशन बनाया जा रहा है, जो शहर के ट्रांसपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर में एक मील का पत्थर साबित होगा।
इस नए स्टेशन का निर्माण रेड लाइन (लाइन 1) और ग्रीन लाइन (लाइन 5) के यात्रियों को एक-दूसरे से जोड़ने के लिए किया जा रहा है, जिससे लाखों मेट्रो यात्रियों को इन दोनों लाइनों के बीच इंटरचेंज करने में जबरदस्त आसानी होगी।
यात्रियों का बचेगा समय, आसान होगी यात्रा
यह नया स्टेशन छह कोच वाली आधुनिक ट्रेनों के हिसाब से डिजाइन किया गया है, और इसमें यात्रियों की सुविधा का खास ध्यान रखते हुए चार लिफ्ट और आठ एस्केलेटर भी लगाए जाएंगे। DMRC का लक्ष्य यात्रियों के लिए एक सहज और आरामदायक अनुभव सुनिश्चित करना है।
सबसे खास बात यह है कि इंद्रलोक में बन रहा यह नया स्टेशन मौजूदा रेड और ग्रीन लाइन स्टेशन से सीधे जुड़ा होगा। इन दोनों स्टेशनों को एक लंबे फुट ओवरब्रिज (FOB) के माध्यम से जोड़ा जाएगा। इससे यात्री बिना स्टेशन परिसर से बाहर निकले एक लाइन से दूसरी लाइन पर आसानी से जा सकेंगे। DMRC के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इंद्रलोक में इस नए स्टेशन का निर्माण मेट्रो सेवाओं (metro services) को बेहतर और सुगम बनाने की हमारी प्रतिबद्धता का हिस्सा है।
क्या है ‘पेड-टू-पेड’ कनेक्टिविटी?
अधिकारी ने आगे कहा, “नए कॉरिडोर और मौजूदा मेट्रो लाइनों के बीच यह सीधी कनेक्टिविटी यात्रियों के लिए बेहद फायदेमंद होगी। इससे न केवल मौजूदा स्टेशनों पर भीड़ कम होगी, बल्कि यात्रियों का कीमती समय भी बचेगा।” इंद्रलोक में बन रहा यह नया स्टेशन ‘पेड-टू-पेड’ कनेक्टिविटी प्रदान करेगा, जिसका अर्थ है कि यात्री एक बार सिस्टम में प्रवेश करने के बाद बिना दोबारा टिकट खरीदे या बाहर निकले एक लाइन से दूसरी में स्विच कर सकेंगे। भविष्य में, इस नए स्टेशन के प्लेटफॉर्म का उपयोग इंद्रप्रस्थ से सीधे मुंडका तक मेट्रो सेवा चलाने के लिए भी किया जा सकेगा, जो पश्चिम दिल्ली के यात्रियों के लिए एक बड़ी राहत होगी।
जानिए इंद्रप्रस्थ-इंद्रलोक कॉरिडोर पर होंगे कौन से 10 स्टेशन
इंद्रप्रस्थ-इंद्रलोक कॉरिडोर की कुल लंबाई लगभग 12.4 किलोमीटर होगी और इस रूट पर कुल 10 मेट्रो स्टेशन बनाए जाएंगे। यह कॉरिडोर मौजूदा ग्रीन लाइन (कीर्ति नगर/इंद्रलोक से ब्रिगेडियर होशियार सिंह) का ही एक विस्तार है।
- अंडरग्राउंड हिस्सा: इस कॉरिडोर का लगभग 11.3 किलोमीटर का हिस्सा भूमिगत (Underground) होगा, जिसमें 9 स्टेशन होंगे।
- एलिवेटेड हिस्सा: बाकी का करीब 1 किलोमीटर का हिस्सा एलिवेटेड (खंभों पर) होगा, जिसमें एक स्टेशन बनाया जाएगा।
यह कॉरिडोर दिल्ली के कई घनी आबादी वाले और महत्वपूर्ण इलाकों से होकर गुजरेगा, जिनमें इंद्रलोक, दयाबस्ती, सराय रोहिल्ला, अजमल खान पार्क, नबी करीम, नई दिल्ली रेलवे स्टेशन, एलएनजेपी अस्पताल, दिल्ली गेट, दिल्ली सचिवालय और इंद्रप्रस्थ शामिल हैं। इनमें से 5 स्टेशन – इंद्रलोक, नबी करीम, नई दिल्ली, दिल्ली गेट और इंद्रप्रस्थ – इंटरचेंज स्टेशन होंगे, जो दिल्ली मेट्रो के नेटवर्क को और भी घना बना देंगे।
फेज IV में 65 किलोमीटर के 3 नए कॉरिडोर
DMRC अपने महत्वाकांक्षी फेज IV विस्तार के तहत कुल 65 किलोमीटर लंबे 3 नए कॉरिडोर का निर्माण कर रहा है। ये कॉरिडोर दिल्ली के अलग-अलग कोनों को आपस में जोड़ेंगे:
- मजलिस पार्क से मौजपुर (पिंक लाइन एक्सटेंशन): 12.3 किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर के 2025 तक पूरा होने की उम्मीद है।
- एयरोसिटी से तुगलकाबाद (गोल्डन लाइन): 23.6 किलोमीटर लंबा यह कॉरिडोर, जिसे गोल्डन लाइन नाम दिया गया है, 2026 तक तैयार हो जाएगा।
- जनकपुरी पश्चिम से आरके आश्रम (मैजेंटा लाइन एक्सटेंशन): 29.2 किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर का काम भी 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य है।
इन सभी नए कॉरिडोर्स के पूरा हो जाने के बाद दिल्ली मेट्रो का नेटवर्क दुनिया के सबसे बड़े मेट्रो नेटवर्क्स में से एक बन जाएगा, जो दिल्ली-एनसीआर के लाखों निवासियों के लिए यात्रा को और भी सुगम, तेज और पर्यावरण के अनुकूल बनाएगा।
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