Famous Ganesh Temples: हिंदू धर्म में भगवान गणेश को ‘प्रथम पूज्य’ माना जाता है। किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत बप्पा के नाम से ही होती है। भारत के कोने-कोने में गणपति जी के कई ऐसे प्राचीन और भव्य मंदिर हैं, जिनकी महिमा अपरंपार है। कहीं मूर्ति का आकार अपने आप बढ़ रहा है, तो कहीं बप्पा को शादी का पहला निमंत्रण भेजा जाता है। आइए, आज हम आपको ले चलते हैं भारत के उन 11 सबसे प्रसिद्ध गणेश मंदिरों की यात्रा पर, जहाँ दर्शन मात्र से भक्तों की झोली भर जाती है।
1. कनिपकम विनायक मंदिर, आंध्र प्रदेश (रहस्यमयी बढ़ता आकार)
आंध्र प्रदेश के चित्तूर में स्थित यह मंदिर 11वीं शताब्दी में चोल राजाओं द्वारा बनवाया गया था। यहाँ की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहाँ विराजमान स्वयंभू मूर्ति का आकार समय के साथ बढ़ता जा रहा है। इसे ‘वरसिद्धि विनायक’ के नाम से जाना जाता है, और माना जाता है कि यहाँ बप्पा भक्तों के आपसी विवादों को सुलझाते हैं।
2. त्रिनेत्र गणेश मंदिर, राजस्थान (शादी का पहला कार्ड)
रणथंभौर किले के भीतर स्थित यह मंदिर दुनिया का इकलौता ऐसा मंदिर है जहाँ गणेश जी की तीन आँखों वाली मूर्ति है। इस मंदिर की सबसे अनोखी परंपरा यह है कि भारत भर से लोग अपने घर की शादी या शुभ कार्य का पहला निमंत्रण (Invitation Card) यहाँ बप्पा को डाक से भेजते हैं।
3. सिद्धिविनायक मंदिर, मुंबई (मनोकामना पूर्ति का केंद्र)
महाराष्ट्र का सबसे प्रसिद्ध मंदिर, जिसका निर्माण 1801 में हुआ था। यहाँ बप्पा की सूंड दाईं ओर मुड़ी हुई है, जिसे अत्यंत शक्तिशाली माना जाता है। बॉलीवुड सितारों से लेकर बड़े राजनेताओं तक, हर कोई यहाँ नतमस्तक होता है।
4. अष्टविनायक, महाराष्ट्र (8 पवित्र मंदिरों की यात्रा)
पुणे के आसपास स्थित ये 8 प्राचीन मंदिर गणेश भक्तों के लिए सबसे बड़ी तीर्थयात्रा है। मोरगांव से शुरू होकर रंजनगांव तक की यह यात्रा स्वयंभू मूर्तियों के दर्शन कराती है, जिनका जिक्र पुराणों में भी मिलता है।
5. मनकुला विनयगर मंदिर, पुडुचेरी (स्वर्ण रथ और हाथी का आशीर्वाद)
300 साल से भी ज्यादा पुराना यह मंदिर बंगाल की खाड़ी के तट पर स्थित है। ‘मनकुला’ का अर्थ है रेत का तालाब। यह मंदिर अपनी स्वर्ण रथ यात्रा और यहाँ के हाथी द्वारा भक्तों को दिए जाने वाले आशीर्वाद के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध है।
6. मधुर महागणपति मंदिर, केरल (टीपू सुल्तान की कथा)
मधु वाहिनी नदी के तट पर स्थित इस मंदिर का त्रिस्तरीय गोपुरम देखते ही बनता है। कहा जाता है कि टीपू सुल्तान ने इस मंदिर पर आक्रमण किया था, लेकिन दिव्य शक्ति के प्रभाव के कारण वह इसे बिना नुकसान पहुँचाए वापस लौट गया।
7. रॉकफोर्ट उच्ची पिल्लाय मंदिर, तमिलनाडु (पहाड़ की चोटी पर स्थित)
तिरुचिरापल्ली में एक विशाल चट्टान के ऊपर स्थित यह 7वीं शताब्दी का मंदिर भगवान राम और विभीषण की पौराणिक कथा से जुड़ा है। यहाँ पहुँचने के लिए सैकड़ों सीढ़ियाँ चढ़नी पड़ती हैं, जहाँ से शहर का नजारा अद्भुत दिखता है।
8. करपगा विनायक मंदिर, तमिलनाडु (1600 साल पुराना रॉक-कट मंदिर)
पिल्लैयारपट्टी में स्थित यह एक गुफा मंदिर है, जहाँ 6 फीट की विशाल गणेश प्रतिमा चट्टान को तराश कर बनाई गई है। यह मंदिर अपनी प्राचीन वास्तुकला के लिए जाना जाता है।
9. दगडूशेठ हलवाई गणपति, कर्नाटक (बेलगावी)
बेलगावी का यह मंदिर अपनी भव्य मूर्ति और सामुदायिक समारोहों के लिए प्रसिद्ध है। यहाँ महाराष्ट्र और कर्नाटक दोनों राज्यों के श्रद्धालु भारी संख्या में दर्शन के लिए उमड़ते हैं।
10. सिद्धिविनायक मंदिर, बैंगलोर
600 साल से भी ज्यादा पुराना यह मंदिर ‘वरसिद्धि विनायक’ के रूप में पूजा जाता है। यहाँ गणेश चतुर्थी का उत्सव इतना भव्य होता है कि इसे देखने के लिए देश-विदेश से पर्यटक आते हैं।
11. गणेश टोक, सिक्किम
गंगटोक की पहाड़ियों पर स्थित यह छोटा लेकिन बेहद सुंदर मंदिर है। यहाँ से पूरे गंगटोक शहर और कंचनजंगा की पहाड़ियों का मनोरम दृश्य दिखता है। स्थानीय लोग किसी भी नए व्यापार की शुरुआत से पहले यहाँ आशीर्वाद लेना शुभ मानते हैं।
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