Govindachamy jail escape: केरल की सबसे सुरक्षित मानी जाने वाली कन्नूर सेंट्रल जेल से एक ऐसी खबर आई है, जिसने पूरे देश में सनसनी और दहशत फैला दी है.2011 के वीभत्स सौम्या बलात्कार और हत्याकांड का दोषी, खूंखार अपराधी गोविंदाचामी, शुक्रवार तड़के जेल से फरार हो गया. इस घटना ने न केवल जेल प्रशासन और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि समाज में, खासकर महिलाओं के बीच भय का एक माहौल पैदा कर दिया है. राज्य के अंदर और बाहर, हर जगह भारी चिंता का माहौल है.
इस दरिंदे के भागने की खबर के साथ ही, पूर्व जेल डीआईजी बी. संतोष द्वारा पहले दिए गए एक इंटरव्यू की बातें फिर से सुर्खियों में आ गई हैं. उन्होंने गोविंदाचामी के बारे में जो खुलासा किया था, वह किसी के भी रोंगटे खड़े कर देने के लिए काफी है. उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा था कि गोविंदाचामी एक ऐसा अपराधी है जिसमें किसी भी तरह के पश्चाताप का कोई भाव नहीं है.
कौन है ये शैतान गोविंदाचामी?
गोविंदाचामी, जिसका पुलिस रिकॉर्ड में नाम चार्ली थॉमस भी है, वही अपराधी है जिसने फरवरी 2011 में 23 वर्षीय सौम्या के साथ चलती ट्रेन में क्रूरता की सारी हदें पार कर दी थीं. उसने सौम्या को चलती ट्रेन से बाहर धकेल दिया और फिर उसके साथ बलात्कार किया, जिससे बाद में उसकी मौत हो गई.इस मामले ने पूरे देश को झकझोर दिया था और सार्वजनिक परिवहन में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर एक बड़ी बहस छेड़ दी थी.हालांकि निचली अदालत ने उसे मौत की सजा सुनाई थी, लेकिन बाद में सुप्रीम कोर्ट ने उसकी फांसी की सजा को आजीवन कारावास में बदल दिया था.
जेल के अंदर का घिनौना चेहरा: पूर्व DIG ने खोले थे राज़
पूर्व जेल डीआईजी बी. संतोष ने कुछ समय पहले मातृभूमि डॉट कॉम को दिए एक साक्षात्कार में कन्नूर सेंट्रल जेल में गोविंदाचामी के कैदी जीवन के बारे में भयावह जानकारी दी थी. उन्होंने बताया था कि जेलों में कुछ कैदी ऐसे होते हैं जिनमें कभी कोई सुधार नहीं होता और जो किसी भी तरह से पश्चाताप के लिए तैयार नहीं होते, गोविंदाचामी उन्हीं में से एक है.
उन्होंने खुलासा किया था कि गोविंदाचामी का व्यवहार बेहद घिनौना और परेशान करने वाला था. वह जानबूझकर अपनी कोठरी (सेल) के अंदर ही मल-मूत्र त्यागकर जेल अधिकारियों और अन्य कर्मचारियों को तंग करता था. उसका यह घिनौना कृत्य जेल स्टाफ के लिए एक बड़ी सिरदर्दी थी, क्योंकि जिस सेल को वह गंदा करता था, उसे साफ करने की जिम्मेदारी उस समय के चार्ज पर मौजूद अधिकारी की होती थी.
कैसे भागा इतना खूंखार कैदी?
यह बात हैरान करती है कि केवल एक हाथ वाला गोविंदाचामी कन्नूर जैसी हाई-सिक्योरिटी जेल से भागने में कैसे कामयाब हो गया.शुरुआती जांच में पता चला है कि उसने अपनी कोठरी की लोहे की सलाखों को काटा और कंबलों को बांधकर दीवार फांदने के लिए इस्तेमाल किया.इस घटना के बाद पूरे केरल में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है. रेलवे स्टेशनों, बस अड्डों और सीमावर्ती इलाकों पर निगरानी बढ़ा दी गई है और उसकी तलाश में एक बड़ा तलाशी अभियान चलाया जा रहा है.
डीआईजी संतोष के शब्द आज सच साबित हो रहे हैं. एक ऐसा अपराधी जो सुधार के हर मौके को ठुकरा चुका हो और जिसका व्यवहार ही समाज के लिए खतरा हो, उसका खुले घूमना पूरे देश के लिए, खासकर महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के लिए एक बहुत बड़ा खतरा है. अधिकारियों ने जनता से भी मदद की अपील की है और कहा है कि गोविंदाचामी के बारे में कोई भी जानकारी मिलने पर तुरंत पुलिस को सूचित करें.
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