GST rates India 2025: महंगाई की मार झेल रही आम जनता के लिए राहत की एक बड़ी और ऐतिहासिक खबर आई है! अगर आप भी हर महीने बढ़ते किचन के बजट और महंगे होते इलेक्ट्रॉनिक सामानों से परेशान हैं, तो अब आपके चेहरे पर मुस्कान आने वाली है। सरकार ने त्योहारी सीजन से ठीक पहले आम आदमी को ‘दिवाली बंपर गिफ्ट’ देते हुए GST दरों में भारी कटौती का ऐलान किया है।
22 सितंबर 2025 से लागू होने वाली इन नई GST दरों के बाद, आपकी रसोई के राशन से लेकर घर के ज़रूरी सामान, जैसे टीवी, फ्रिज और वॉशिंग मशीन तक, सब कुछ सस्ता होने जा रहा है। यह बदलाव न केवल आपके घर का बजट सुधारेगा, बल्कि हर महीने आपकी जेब में अच्छी-खासी बचत भी कराएगा। यह फैसला उन लाखों परिवारों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है जो आने वाले त्योहारों पर बड़ी खरीदारी करने या शादी की शॉपिंग की योजना बना रहे हैं। आइए, विस्तार से जानते हैं कि किन चीज़ों पर कितना टैक्स कम हुआ है और आपकी ज़िंदगी पर इसका क्या असर पड़ेगा।
अब इन पर 0% GST: यानी टैक्स की पूरी तरह से छुट्टी!
यह वो catégorie है जिसका सीधा असर गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों की थाली पर पड़ेगा। अब इन रोज़मर्रा की ज़रूरी चीज़ों पर कोई GST नहीं लगेगा, जिससे ये काफी सस्ती हो जाएंगी:
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आटा, चावल, दालें: (अनब्रांडेड और बिना पैकिंग वाले, यानी खुला बिकने वाला सामान)
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ताज़ी सब्ज़ियां और फल: हर घर की रोज़ की ज़रूरत।
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दूध और दही: (बिना ब्रांड या बिना पैकिंग वाला)
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हैंडमेड खादी उत्पाद: स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा।
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बच्चों के स्कूल बैग और किताबें: बच्चों की पढ़ाई का बोझ भी होगा कम।
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मिट्टी के दीये और पारंपरिक हस्तशिल्प: स्थानीय कारीगरों को मिलेगा लाभ।
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लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी: भविष्य की सुरक्षा अब और सस्ती।
अब सिर्फ 5% GST: यानी मामूली टैक्स पर ज़रूरी सामान
इस श्रेणी में वे वस्तुएं हैं जो हर घर में इस्तेमाल होती हैं। टैक्स कम होने से ये भी अब थोड़ी और सस्ती मिलेंगी:
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पैकेटबंद आटा, चावल, दाल: (ब्रांडेड)
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प्रेशर कुकर, मिक्सर-ग्राइंडर, गैस स्टोव: रसोई के सबसे ज़रूरी उपकरण।
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घरेलू एलपीजी सिलेंडर: हर महीने की सबसे बड़ी ज़रूरत।
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कपड़े: (1000 रुपये तक की कीमत वाले)
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स्टेशनरी: पेन, पेंसिल, रबर, स्केल।
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जूते-चप्पल: (1000 रुपये तक की कीमत वाले)
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साड़ी और सूती कपड़े।
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LED बल्ब और ट्यूबलाइट्स: बिजली बिल के साथ अब खरीदने में भी बचत।
18% GST में आए ये सामान: यानी अब सपना होगा साकार!
यह वो श्रेणी है जहाँ आम आदमी को सबसे बड़ा फायदा मिलने वाला है। ये वस्तुएं पहले 28% के सबसे ऊंचे GST स्लैब में थीं, लेकिन अब इन पर सीधे 10% की कटौती की गई है:
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टेलीविजन (TV): (32 इंच तक की स्क्रीन साइज वाले)
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फ्रिज और वॉशिंग मशीन: हर घर की ज़रूरत।
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माइक्रोवेव ओवन और एयर कूलर।
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इलेक्ट्रिक आयरन (प्रेस)।
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फर्नीचर: (लकड़ी और मेटल आधारित)
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गैजेट्स: कुछ मोबाइल फोन, हेडफोन आदि पर भी GST कम होगा।
एक गृहिणी की ज़ुबानी: “अब महीने के आखिर में कुछ पैसे बचेंगे”
कानपुर के बिरहाना रोड पर रहने वाली एक मध्यम वर्गीय गृहिणी मीना गुप्ता बताती हैं, “मेरे परिवार में पति, दो बच्चे और बहू हैं। हर महीने का हिसाब रखते-रखते मैं थक जाती थी। पहले तो सिर्फ किचन का राशन ही 10-12 हज़ार रुपये से ऊपर चला जाता था। अब जब सरकार ने दाल, आटा, चावल जैसी रोज़ की ज़रूरत की चीज़ों पर टैक्स हटा दिया है, तो हमें हर महीने कम से कम 1000-1500 रुपये की सीधी राहत मिलेगी। त्योहारों के टाइम पर ऐसी राहत बहुत बड़ी बात होती है। इससे न सिर्फ बचत होगी, बल्कि अब बच्चों के लिए कुछ एक्स्ट्रा सामान खरीदने का मौका भी मिल जाएगा।”
मीना जैसी लाखों गृहणियां उम्मीद कर रही हैं कि आने वाले समय में और भी घरेलू वस्तुओं पर टैक्स कम किया जाए, ताकि महंगाई के इस दौर में उम्मीद की एक नई किरण दिखे।
GST कटौती के बाद एक परिवार की अनुमानित मासिक बचत:
चलिए एक उदाहरण से समझते हैं कि एक सामान्य मध्यम वर्गीय परिवार को हर महीने कितनी बचत हो सकती है:
| सामान | मासिक खपत | पुराना GST (5%) | नया GST (0%) | सीधी बचत |
| दूध | ₹2000 | ₹100 | ₹0 | ₹100 |
| आटा | ₹800 | ₹40 | ₹0 | ₹40 |
| दाल | ₹1200 | ₹60 | ₹0 | ₹60 |
| चावल | ₹1000 | ₹50 | ₹0 | ₹50 |
| सब्जियां | ₹1500 | ₹75 | ₹0 | ₹75 |
| खाने का तेल | ₹1800 | ₹90 | ₹0 | ₹90 |
| कुल बचत | ₹8300 | ₹415 | ₹0 | ₹415 (सिर्फ खाने के सामान पर) |
यह तो सिर्फ राशन की बचत है, इसके अलावा LPG सिलेंडर, कपड़े, जूते और इलेक्ट्रॉनिक्स की खरीदारी पर होने वाली बचत अलग है!
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