Haq movie review: बॉलीवुड के ‘सीरियल किसर’ की इमेज से निकलकर अपनी एक्टिंग का लोहा मनवा चुके इमरान हाशमी और हर किरदार में जान फूंक देने वाली यामी गौतम एक ऐसी कहानी लेकर आ रहे हैं, जो भारतीय इतिहास के सबसे विवादित पन्नों में से एक है. उनकी आने वाली फिल्म ‘हक’ (Haq), जो 7 नवंबर को सिनेमाघरों में दस्तक देगी, रिलीज से पहले ही चर्चा का केंद्र बन गई है. यह कोई मसाला फिल्म नहीं, बल्कि भारत के सबसे चर्चित शाह बानो केस से प्रेरित एक दमदार कोर्टरूम ड्रामा है, जिसने 80 के दशक में पूरे देश में एक सामाजिक और राजनीतिक भूचाल ला दिया था.
फिल्म की रिलीज में अभी कुछ दिन बाकी हैं, लेकिन इसका पहला रिव्यू सामने आ चुका है और इसे पढ़ने के बाद फिल्म के लिए आपका उत्साह दस गुना बढ़ जाएगा.
“यह फिल्म नहीं, आग है!” – ‘हक’ का पहला रिव्यू आया सामने
फिल्म का पहला रिव्यू किसी क्रिटिक ने नहीं, बल्कि जाने-माने अभिनेता और निर्माता निखिल द्विवेदी ने शेयर किया है. उन्होंने फिल्म देखने के बाद अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर जो लिखा, वह इस फिल्म को लेकर उम्मीदें आसमान पर पहुंचा रहा है. निखिल ने लिखा:
Mrunal Thakur: बिपाशा के बाद अब अनुष्का पर तंज? वो सुपरहिट होकर भी घर पर हैं, लेकिन मैं….
“हक शानदार है!! शाबाश सुपरन वर्मा और अमृता, आपको इस फिल्म पर गर्व होना चाहिए. रेशू नाथ के डायलॉग आपको कई जगहों पर तालियां बजाने पर मजबूर कर देंगे, लेकिन हक यामी गौतम हैं और यामी गौतम निश्चित रूप से हमारे समय की सबसे बेहतरीन कलाकारों में से एक हैं. क्या शानदार अभिनय है! इसे ज़रूर देखें.“
निखिल के इन शब्दों से साफ है कि फिल्म का निर्देशन और लेखन तो दमदार है ही, लेकिन यामी गौतम ने अपने अभिनय से फिल्म में जान डाल दी है.
पहले रिव्यू पर भावुक हुईं यामी गौतम
निखिल द्विवेदी की इस दिल खोलकर की गई तारीफ पर यामी गौतम ने भी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने इस पोस्ट को शेयर करते हुए अपनी भावनाओं को व्यक्त किया और लिखा:
“यह हक का पहला फीडबैक है!!! मैं कोशिश करूंगी और इस पल को जी लूंगी! निखिल, आपके शब्दों के लिए धन्यवाद…”
यामी का यह रिएक्शन बताता है कि एक कलाकार के लिए उसकी मेहनत का पहला सकारात्मक फीडबैक कितना मायने रखता है.
क्या है ‘हक’ की कहानी, जिसने पूरे देश को हिला दिया था?
‘हक’ कोई काल्पनिक कहानी नहीं है. यह 80 के दशक की उस सच्ची और दर्दनाक लड़ाई पर आधारित है, जिसे मोहम्मद अहमद खान बनाम शाह बानो बेगम केस के नाम से जाना जाता है. यह केस भारत में मुस्लिम महिलाओं के अधिकारों की लड़ाई में एक कानूनी मील का पत्थर माना जाता है.
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कौन थीं शाह बानो? फिल्म में यामी गौतम ने 62 वर्षीय शाह बानो का किरदार निभाया है, जो पांच बच्चों की मां थीं. 1978 में उनके पति, मोहम्मद अहमद खान (इमरान हाशमी द्वारा निभाया गया किरदार), जो एक जाने-माने और धनी वकील थे, ने उन्हें तलाक दे दिया.
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हक की लड़ाई: पति द्वारा घर से निकाले जाने के बाद, शाह बानो ने अपने और अपने बच्चों के गुज़ारे के लिए कोर्ट में भरण-पोषण (गुज़ारा भत्ता) की मांग करते हुए एक याचिका दायर की.
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सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला: सालों की कानूनी लड़ाई के बाद, 1985 में भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने शाह बानो के पक्ष में एक ऐतिहासिक फैसला सुनाया. कोर्ट ने कहा कि कानून सभी के लिए बराबर है और शाह बानो अपने पति से गुज़ारा भत्ता पाने की हकदार हैं.
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राजनीतिक भूचाल: सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले ने पूरे देश में एक बड़ी बहस छेड़ दी. कट्टरपंथी समूहों के दबाव में, तत्कालीन राजीव गांधी सरकार ने संसद में एक कानून पारित करके सुप्रीम कोर्ट के फैसले को ही पलट दिया. इस एक फैसले ने भारतीय राजनीति और समाज को हमेशा के लिए बदल कर रख दिया.
‘हक’ इसी दर्दनाक और साहसी कानूनी लड़ाई को पर्दे पर दिखाएगी, जहां इमरान हाशमी और यामी गौतम के बीच एक तीखा और भावनात्मक अदालती मुकाबला देखने को मिलेगा.
फिल्म का निर्देशन सुपर्ण एस वर्मा ने किया है और इसमें वर्तिका सिंह, दानिश हुसैन, शीबा चड्ढा जैसे दमदार कलाकार भी अहम भूमिकाओं में हैं. यह फिल्म 7 नवंबर, 2025 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी.
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