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Haridwar मनसा देवी मंदिर में 6 जिंदगियां खत्म, चीख-पुकार के बीच सामने आया हादसे का खौफनाक सच

Haridwar : पवित्र देवभूमि उत्तराखंड एक बार फिर एक भयावह हादसे से दहल उठी है। विश्व प्रसिद्ध तीर्थनगरी हरिद्वार में स्थित करोड़ों हिंदुओं की आस्था के केंद्र, मनस

Malvika
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2025-07-27
Haridwar मनसा देवी मंदिर में 6 जिंदगियां खत्म, चीख-पुकार के बीच सामने आया हादसे का खौफनाक सच
Haridwar मनसा देवी मंदिर में 6 जिंदगियां खत्म, चीख-पुकार के बीच सामने आया हादसे का खौफनाक सच

Haridwar : पवित्र देवभूमि उत्तराखंड एक बार फिर एक भयावह हादसे से दहल उठी है। विश्व प्रसिद्ध तीर्थनगरी हरिद्वार में स्थित करोड़ों हिंदुओं की आस्था के केंद्र, मनसा देवी मंदिर में रविवार की सुबह दर्शन के लिए उमड़े जनसैलाब में हुई एक भयानक भगदड़ ने 6 श्रद्धालुओं को काल का ग्रास बना लिया। इस हृदयविदारक हादसे में कई अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जिन्हें तत्काल नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनका इलाज चल रहा है।

यह त्रासदी उस वक्त हुई जब हाल ही में संपन्न हुई कांवड़ यात्रा के बाद मंदिर के रास्ते खोले गए थे, जिसके कारण मंदिर में अप्रत्याशित रूप से भीड़ बढ़ गई और हालात बेकाबू हो गए।


क्यों और कैसे बना मंदिर का रास्ता ‘मौत की सीढ़ी’?

मनसा देवी का यह प्रसिद्ध मंदिर पहाड़ की चोटी पर स्थित है। मंदिर तक पहुँचने के लिए श्रद्धालुओं को एक संकरे और दुर्गम रास्ते से होकर गुजरना पड़ता है। ऊंचाई अधिक होने के कारण मंदिर की ओर जाने वाली सीढ़ियां भी काफी छोटी और खड़ी हैं।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, रविवार की सुबह मंदिर में क्षमता से कई गुना ज्यादा भीड़ जमा हो गई थी।

  • अचानक बढ़ा दबाव: संकरे रास्ते पर हजारों लोगों का हुजूम एक साथ आगे बढ़ने की कोशिश कर रहा था, जिससे पीछे वालों का दबाव आगे वालों पर बढ़ता गया।
  • चीख-पुकार और अफरा-तफरी: इसी दबाव के बीच, कुछ श्रद्धालु अपना संतुलन खो बैठे और सीढ़ियों पर एक-दूसरे के ऊपर गिरने लगे। पलक झपकते ही वहां चीख-पुकार मच गई और अफरा-तफरी का ऐसा माहौल बना कि लोगों को संभलने या भागने तक का मौका नहीं मिला। देखते ही देखते, जो सीढ़ियां आस्था की मंजिल तक ले जा रही थीं, वे 6 लोगों के लिए ‘मौत की सीढ़ी’ बन गईं।

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, प्रशासन और SDRF की टीमें मौके पर पहुंच गईं और तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया। मंदिर परिसर को खाली कराकर घायलों को बाहर निकालने का काम युद्ध स्तर पर चलाया गया।

सभी घायलों का रेस्क्यू, जांच के आदेश

गढ़वाल डीसी, श्री विनय कुमार ने मीडिया को जानकारी देते हुए 6 लोगों की मौत की पुष्टि की। उन्होंने बताया, “मनसा देवी मंदिर में हुई भगदड़ में 6 लोगों की मृत्यु हो गई है। हादसे के असल कारणों की गहनता से जांच की जा रही है। प्रारंभिक सूचना के अनुसार, हादसे में लगभग 15 लोग घायल हुए हैं। फिलहाल, अब तक सभी घायलों और प्रभावितों का रेस्क्यू कर लिया गया है और उन्हें अस्पताल पहुंचा दिया गया है।”


सीएम पुष्कर सिंह धामी ने जताया गहरा दुख, निरंतर निगरानी जारी

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस दुखद घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर लिखा:
“हरिद्वार स्थित मनसा देवी मंदिर में भगदड़ मचने का अत्यंत दुःखद समाचार प्राप्त हुआ है। स्थानीय पुलिस तथा अन्य बचाव दल मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्यों में जुटे हुए हैं। इस संबंध में मैं निरंतर स्थानीय प्रशासन के संपर्क में हूं और स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। माता रानी से सभी श्रद्धालुओं के सकुशल होने की प्रार्थना करता हूं।”

यह घटना एक बार फिर धार्मिक स्थलों पर भीड़ प्रबंधन की गंभीर चुनौती को उजागर करती है। प्रशासनिक चूक या अचानक उमड़ा भीड़ का सैलाब? जांच के बाद ही इन 6 मौतों का असली कारण और जिम्मेदार सामने आ पाएगा। फिलहाल, पूरा हरिद्वार शोक में डूबा हुआ है।


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Author of Bolbindas

Contributor and Lead Editor. Writing deep insights and analytical commentaries.

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