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Haryana Government: बदले गए 4 गांवों के नाम, जानें कौन सा गांव बना ‘शिवनगरी', किसे मिला ‘प्रेमसुख नगर' का नाम?

Haryana Government: हरियाणा सरकार  ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए राज्य के चार गांवों के नामों (Renaming of 4 Villages) में बदलाव की घोषणा की है। य

Malvika
Malvika
2025-06-29
Haryana Government: बदले गए 4 गांवों के नाम, जानें कौन सा गांव बना ‘शिवनगरी', किसे मिला ‘प्रेमसुख नगर' का नाम?
Haryana Government: बदले गए 4 गांवों के नाम, जानें कौन सा गांव बना ‘शिवनगरी', किसे मिला ‘प्रेमसुख नगर' का नाम?

Haryana Government: हरियाणा सरकार  ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए राज्य के चार गांवों के नामों (Renaming of 4 Villages) में बदलाव की घोषणा की है। यह निर्णय राज्य की सांस्कृतिक पहचान (Cultural Identity of Haryana) को संरक्षित करने और उसे बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा कदम है, जहाँ सरकार ने कुछ पुराने और कथित तौर पर अपमानजनक नामों (Offensive Village Names) को बदलकर अधिक सुधारवादी और सम्मानजनक नाम (Respectable Names) प्रदान किए हैं। इस गाँव नाम बदलने की प्रक्रिया (Village Name Change Process) के तहत, सोनीपत जिले (Sonipat District) के दो गांवों धनाना अलादादपुर का नाम अब शिवनगरी (Shivnagri) और मोहम्दाबाद का नाम बदलकर प्रेमसुख नगर (PremSukh Nagar) कर दिया गया है। इसी प्रकार, भिवानी जिले (Bhiwani District) के दुर्जनपुर (Durjanpur Village) का नाम सज्जनपुर (Sajjanpur Village) और यमुनानगर जिले (Yamunanagar District) के बिलासपुर (Bilaspur Village) का नाम बदलकर व्यासपुर (Vyaspur Village) कर दिया गया है। चलिए इस बारे में पूरी जानकारी विस्तार से जानते हैं और देखते हैं कि यह बदलाव क्यों और कैसे हुआ।

नाम बदलने की प्रक्रिया की शुरुआत (Initiation of Name Change Process):
हरियाणा राज्य सरकार (Haryana State Government) में गांवों के अजीब और अपमानजनक नामों को बदलने का प्रयास (Effort to Change Village Names) साल 2015 में शुरू हुआ था। इस प्रयास की एक खास वजह एक फतेहाबाद जिले की 12 वर्षीय छात्रा हरप्रीत कौर (Harpreet Kaur) थीं। उन्होंने सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) को एक मार्मिक पत्र लिखकर अपनी व्यथा बताई थी। हरप्रीत ने अपने पत्र में कहा था कि उनके गांव का नाम ‘गंदा खेड़ा’ था और इस अपमानजनक नाम (Offensive Name) के कारण उन्हें समाज में या कहीं भी यह नाम बताने में शर्म आती है (Shamed to Disclose Village Name)। प्रधानमंत्री (PMO India) ने इस पत्र का स्वतः संज्ञान लिया और राज्य सरकार को तत्काल कार्रवाई करने (Immediate Action Required) का निर्देश दिया। इसके बाद, तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर (Former CM Manohar Lal Khattar) ने मामले को गंभीरता से लेते हुए ‘गंदा खेड़ा’ का नाम बदलकर ‘अजीत नगर’ (New Name Ajit Nagar) कर दिया था, जो एक बड़ी सफलता थी। यह ग्रामीण विकास (Rural Development) और सामुदायिक सम्मान (Community Dignity) का एक बेहतरीन उदाहरण है।

खट्टर सरकार ने अब तक बदले 18 गांवों के नाम, नई सरकार भी जारी रख रही यह पहल (Khattar Govt Changed 18 Village Names, New Govt Continues Initiative)

मनोहर सरकार के पूरे साढ़े नौ साल के कार्यकाल (9.5 Year Tenure) में कुल 18 गांवों के नाम बदले गए (Total 18 Village Name Changes) थे। अब, मौजूदा नायब सैनी सरकार (CM Nayab Saini Government) भी पूर्व की तरह ही इस पहल को जारी रखे हुए है और हाल ही में चार गांवों के नाम बदल दिए गए हैं। कुल मिलाकर, पिछले 10 वर्षों में (Past 10 Years in Haryana) राज्य के 13 जिलों में 22 गांवों के नाम बदले गए हैं (22 Village Names Changed in 13 Districts)

सबसे अधिक बदलाव जींद जिले में:

  • जींद जिले (Jind District) में चार गांवों के नाम बदले गए हैं, जो इस सूची में सबसे आगे है।
  • यमुनानगर जिले (Yamunanagar District) में तीन गांवों के नाम परिवर्तित हुए हैं।
  • हिसार, सोनीपत, करनाल और गुरुग्राम (Hisar, Sonipat, Karnal & Gurugram) जैसे जिलों में दो-दो गांवों के नाम बदले गए हैं।
  • भिवानी, महेंद्रगढ़, रोहतक, रेवाड़ी, कुरुक्षेत्र, सिरसा और फतेहाबाद (Bhiwani, Mahendragarh, Rohtak, Rewari, Kurukshetra, Sirsa & Fatehabad) जैसे जिलों में एक-एक गांव का नाम बदला गया है।

परिवर्तित नामों की सूची (List of Renamed Villages):
यहां उन 18 गांवों की सूची दी गई है जिनके नाम बदले गए हैं (पिछली और वर्तमान सरकार द्वारा किए गए बदलावों सहित):

पुराना नाम (Old Name)नया नाम (New Name)जिला (District)
पिंडारीपांडु पिंडाराजींद
टोडी खेड़ीसरना खेड़ीजींद
गंदा खेड़ागुरुजूल खेड़ाजींद
चुहड़पुरचाँद पुरजींद
किन्नरगैबी नगरहिसार
कुतिया खेड़ीवीरपुरहिसार
बाल रंगदानबाल राजपुतानकरनाल
लढ़ौराजयरामपुरकरनाल
खिजराबादप्रताप नगरयमुनानगर
मुस्तफाबादसरस्वती नगरयमुनानगर
मोहम्मदहेड़ीब्रह्मपुरीगुरुग्राम
गुड़गांवगुरुग्रामगुरुग्राम (राजधानी)
चमगेहड़ादेव नगरमहेंद्रगढ़
गढ़ी सांपलासर छोटू राम नगररोहतक
लूላ अहीरकृष्ण नगररेवाड़ी
अमीनअभिमन्युपुरकुरुक्षेत्र
सांघर सरिताबाबा भूमण शाहसिरसा
गंदाअजीत नगरफतेहाबाद
हालिया परिवर्तन (Recent Changes):
धनाना अलादादपुर (सोनीपत)शिवनगरीसोनीपत
मोहम्दाबाद (सोनीपत)प्रेमसुख नगरसोनीपत
दुर्जनपुर (भिवानी)सज्जनपुरभिवानी
बिलासपुर (यमुनानगर)व्यासपुरयमुनानगर

पंचायतों के पास भी है नाम बदलने का प्रस्ताव देने का अधिकार! (Panchayats Can Suggest Name Changes Too!)

गांवों का नाम बदलने की प्रक्रिया में ग्राम पंचायतों (Gram Panchayats) को भी शामिल किया जा सकता है। नाम बदलने का प्रस्ताव पंचायतों (Proposal from Panchayats) द्वारा दिया जा सकता है। ग्राम पंचायत को पहले नाम बदलने का प्रस्ताव (Proposal for Name Change) पारित करना होता है। इसके बाद, यह प्रस्ताव खंड विकास और पंचायत अधिकारी (Block Development and Panchayat Officer – BDPO) को सौंपा जाता है। बीडीपीओ इस प्रस्ताव को आगे उपायुक्त (Deputy Commissioner – DC) को सौंपते हैं।

यदि उपायुक्त (Deputy Commissioner) प्रस्ताव पर संतुष्ट होते हैं, तो वे एक विशेष समिति (Special Committee) का गठन कर सकते हैं जो मामले का अध्ययन करेगी। इसके बाद, फाइल निदेशालय राजस्व विभाग (Directorate of Revenue Department) को भेजी जाती है। अंतिम निर्णय राज्य सरकार (State Government Decision) द्वारा लिया जाता है, जो आवश्यक नोटिफिकेशन जारी (Issue Notification) करके नाम परिवर्तन को कानूनी रूप देती है। यह पूरी प्रक्रिया स्थानीय भागीदारी (Local Participation) और पारदर्शिता (Transparency) सुनिश्चित करती है।

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Author of Bolbindas

Contributor and Lead Editor. Writing deep insights and analytical commentaries.

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