Highway Infra IPO: शेयर बाजार में आज, 12 अगस्त को, हाईवे इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (Highway Infrastructure Ltd.) के शेयरों ने एक धमाकेदार एंट्री मारी है। कंपनी के शेयर अपने आईपीओ प्राइस के मुकाबले 67 प्रतिशत से भी अधिक के शानदार प्रीमियम पर लिस्ट हुए हैं। प्राइमरी मार्केट में 5 अगस्त से 7 अगस्त के बीच इस मेनबोर्ड आईपीओ को लेकर निवेशकों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला था। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि ₹130 करोड़ का यह आईपीओ आश्चर्यजनक रूप से 300.61 गुना सब्सक्राइब हुआ था।
लिस्टिंग पर बरसे पैसे, निवेशकों की हुई बल्ले-बल्ले
हाईवे इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के शेयर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर ₹115 प्रति शेयर पर लिस्ट हुए, जो इसके ₹70 के इश्यू प्राइस के मुकाबले 64.29 प्रतिशत का भारी प्रीमियम है। कंपनी ने अपने ऑफर के लिए प्राइस बैंड ₹65-70 प्रति शेयर तय किया था।
वहीं, बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर तो इसकी लिस्टिंग और भी शानदार रही। बीएसई पर शेयर ₹117 प्रति शेयर पर सूचीबद्ध हुए, जो 67.14 प्रतिशत का बंपर प्रीमियम दर्शाता है। लिस्टिंग के बाद कंपनी का कुल बाजार पूंजीकरण (Market Capitalization) ₹839.13 करोड़ हो गया है।
इससे पहले, कंपनी ने एंकर निवेशकों से ₹23.40 करोड़ जुटाए थे, जिनमें एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank) और अबांस फाइनेंस प्राइवेट लिमिटेड (Abans Finance Pvt Ltd) जैसे बड़े नाम शामिल थे।
ग्रे मार्केट की उम्मीदों से भी बेहतर प्रदर्शन
मंगलवार को हुई हाईवे इंफ्रा आईपीओ की शेयर लिस्टिंग ने ग्रे मार्केट (Grey Market) के अनुमानों को भी पीछे छोड़ दिया। अनरेगुलेटेड बाजार में इसके लगभग 34 प्रतिशत के प्रीमियम पर लिस्ट होने का अनुमान लगाया जा रहा था, लेकिन वास्तविक लिस्टिंग इससे कहीं बेहतर साबित हुई, जिसने निवेशकों को खुश कर दिया।
Highway Infra शेयर लिस्टिंग: अब क्या करें? खरीदें, बेचें या होल्ड करें?
हाईवे इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के पास टोल कलेक्शन और ईपीसी (EPC) इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं को लागू करने का लगभग 30 वर्षों का गहरा अनुभव है। कंपनी मध्य प्रदेश, गुजरात, आंध्र प्रदेश, पंजाब, महाराष्ट्र, तेलंगाना, छत्तीसगढ़, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, ओडिशा और दिल्ली सहित कई भारतीय राज्यों में काम कर रही है।
आनंद राठी शेयर्स एंड स्टॉक ब्रोकर्स के फंडामेंटल रिसर्च हेड, नरेंद्र सोलंकी ने कहा कि 31 मई, 2025 तक, कंपनी के पास ₹6,663.0 मिलियन की एक मजबूत समेकित ऑर्डर बुक थी, जिसमें टोलवे कलेक्शन सेगमेंट से ₹595.3 मिलियन और ईपीसी इंफ्रा-डिवीजन से ₹6,067.8 मिलियन के ऑर्डर शामिल थे।
उन्होंने आगे कहा, “मौजूदा ग्रे मार्केट प्रीमियम को देखते हुए, हमें उम्मीद थी कि कंपनी अपने इश्यू प्राइस पर प्रीमियम पर लिस्ट होगी।”
सोलंकी ने निवेशकों के लिए रणनीति सुझाते हुए कहा, “अपर प्राइस बैंड पर, कंपनी का मूल्यांकन 22.5x के FY25 P/E पर किया गया है, जिसका पोस्ट-इश्यू मार्केट कैप ₹5,020 मिलियन है। यह भारत के टोलवे और ईपीसी इंफ्रास्ट्रक्चर स्पेस में एक विशेष अवसर प्रस्तुत करता है, जिसे लगातार वृद्धि और एक मजबूत ऑर्डर बुक का समर्थन प्राप्त है। टोल सिस्टम में एएनपीआर (ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रिकॉग्निशन) तकनीक का उपयोग इसे एक प्रतिस्पर्धी बढ़त देता है, जबकि टोल और ईपीसी व्यवसायों का संयोजन विविध राजस्व स्रोत प्रदान करता है। निवेशक लिस्टिंग पर आंशिक मुनाफा बुक करने और बाकी शेयरों को लंबी अवधि के लिए होल्ड करने पर विचार कर सकते हैं।”
1995 में स्थापित, हाईवे इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (HIL) टोलवे कलेक्शन, ईपीसी (इंजीनियरिंग, खरीद और निर्माण) परियोजनाओं और रियल एस्टेट विकास के कारोबार में लगी हुई है। इंदौर स्थित यह कंपनी सड़कों, राजमार्गों, पुलों और आवासीय परियोजनाओं के निर्माण और रखरखाव में माहिर है।
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