ICC mobile game: अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) दुनिया भर के क्रिकेट फैंस के लिए एक शानदार मोबाइल गेमिंग प्लेटफॉर्म बनाने की महत्वाकांक्षी योजना पर काम कर रही है, लेकिन इस बड़े प्रोजेक्ट की राह में एक ऐसा पेंच फंस गया है जो इसके भविष्य पर सवाल खड़े कर रहा है. ICC ने इस गेम के लिए सीधे खिलाड़ियों से संपर्क करने का फैसला किया है, लेकिन असली मुश्किल उन महान और रिटायर्ड खिलाड़ियों को लेकर है, जिनकी वजह से क्रिकेट को दुनिया भर में लोकप्रियता मिली.
क्या आप बिना सचिन तेंदुलकर और एमएस धोनी के किसी क्रिकेट गेम की कल्पना कर सकते हैं? शायद नहीं! और यही ICC के सामने सबसे बड़ी चुनौती बनकर खड़ी हो गई है.
WCA को दरकिनार कर, बोर्डों से सीधा संपर्क करेगी ICC
ICC ने फैसला किया है कि वह खिलाड़ियों के अधिकारों (Player Rights) के लिए वर्ल्ड क्रिकेटर्स एसोसिएशन (WCA) जैसी किसी तीसरी पार्टी से बात करने के बजाय, सीधे संबंधित देशों के क्रिकेट बोर्डों के माध्यम से खिलाड़ियों से संपर्क करेगी. इस मुद्दे पर जिम्बाब्वे के हरारे में हुई ICC बोर्ड की बैठक में विस्तार से चर्चा की गई थी और पिछले महीने सिंगापुर में हुए वार्षिक सम्मेलन में इस फैसले की पुष्टि कर दी गई थी.
क्रिकबज ने ICC के एक नोट के हवाले से लिखा है, “अप्रैल में हुई बोर्ड बैठक से एक स्पष्ट निर्देश था कि इस प्रोजेक्ट के लिए सभी खिलाड़ियों के अधिकार सदस्य बोर्डों के माध्यम से ही हासिल किए जाएंगे. ICC को वर्ल्ड क्रिकेटर्स एसोसिएशन जैसी किसी तीसरी पार्टी के माध्यम से खिलाड़ियों के अधिकारों का अनुबंध नहीं करना था.”
रिटायर्ड दिग्गजों पर फंसा पेच: बिना सचिन-धोनी अधूरा है खेल
ICC के गेमिंग प्रोजेक्ट की सफलता के लिए खिलाड़ियों के अधिकारों को सुरक्षित करना सबसे महत्वपूर्ण है. लेकिन दुबई स्थित क्रिकेट की इस सबसे बड़ी संस्था के सामने सबसे मुश्किल स्थिति तब पैदा हो गई है जब बात सचिन तेंदुलकर, एमएस धोनी जैसे रिटायर्ड दिग्गजों के अधिकारों को हासिल करने की आई. ये वो महान खिलाड़ी हैं जो अब भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के अनुबंध में नहीं हैं. यही हाल दूसरे देशों के कई पूर्व क्रिकेटरों का भी है.
जरा सोचिए, एक ऐसा क्रिकेट गेम जिसमें सचिन तेंदुलकर का स्ट्रेट ड्राइव या एमएस धोनी का हेलीकॉप्टर शॉट ही न हो, वह कितना अधूरा लगेगा! भले ही इन दोनों खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लिए हुए काफी समय हो गया हो (सचिन के मामले में 12 साल), लेकिन आज भी दुनिया भर के फैंस उन्हें मैदान पर देखना चाहते हैं.
इस बड़ी समस्या को हल करने के लिए, ICC ने अपने बोर्ड को एक वर्किंग ग्रुप बनाने का निर्देश दिया है जो इन मुद्दों का समाधान खोजने की कोशिश करेगा. इस ग्रुप से अक्टूबर में होने वाली अगली बैठक से पहले एक हल निकालने की उम्मीद की जा रही है.
नोट में आगे कहा गया, “हमारा लक्ष्य अक्टूबर बोर्ड बैठकों में मंजूरी के लिए एक पसंदीदा पार्टनर की पहचान करना है. (ICC) प्रबंधन मोबाइल गेम के लिए आवश्यक अधिकारों के लाइसेंस को अंतिम रूप देने के लिए जल्द ही सदस्य बोर्डों के संपर्क में रहेगा. इन समझौतों को अक्टूबर तक पूरा करने की आवश्यकता होगी.”
“यह फिल्मों से भी बड़ा होगा”
ICC को अपने इस आने वाले मोबाइल गेम से बहुत बड़ी उम्मीदें हैं. ICC के नवनियुक्त सीईओ, संजोग गुप्ता ने हाल ही में हुई बैठक में क्रिकेट में मोबाइल गेमिंग का जिक्र करते हुए कहा था, “यह फिल्मों से भी बड़ा होगा.” इस बयान से अंदाजा लगाया जा सकता है कि ICC इस प्रोजेक्ट को कितनी गंभीरता से ले रही है.
अब देखना यह होगा कि ICC, सचिन-धोनी जैसे अपने महानतम खिलाड़ियों को इस गेम का हिस्सा बनाने के लिए क्या रास्ता निकालती है. क्योंकि क्रिकेट फैंस के लिए, इन दिग्गजों के बिना कोई भी क्रिकेट गेम हमेशा अधूरा ही रहेगा.
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