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ICICI Bank: खाते में रखने होंगे 5 गुना ज़्यादा पैसे, वरना लगेगी भारी पेनल्टी, जानिए बचने का तरीका

ICICI Bank: आईसीआईसीआई बैंक (ICICI Bank) ने अपने करोड़ों बचत खाताधारकों (Savings Account Holders) को एक बड़ा झटका देते हुए न्यूनतम बैलेंस (Minimum Average Balan

Malvika
Malvika
2025-08-11
ICICI Bank: खाते में रखने होंगे 5 गुना ज़्यादा पैसे, वरना लगेगी भारी पेनल्टी, जानिए बचने का तरीका
ICICI Bank: खाते में रखने होंगे 5 गुना ज़्यादा पैसे, वरना लगेगी भारी पेनल्टी, जानिए बचने का तरीका

ICICI Bank: आईसीआईसीआई बैंक (ICICI Bank) ने अपने करोड़ों बचत खाताधारकों (Savings Account Holders) को एक बड़ा झटका देते हुए न्यूनतम बैलेंस (Minimum Average Balance – MAB) के नियमों में एक ऐतिहासिक बदलाव किया है. अगर आपका भी बचत खाता इस बैंक में है, तो यह खबर आपके लिए बेहद ज़रूरी है. बैंक ने मेट्रो और शहरी शाखाओं के खाताधारकों के लिए न्यूनतम बैलेंस की सीमा को बढ़ाकर सीधे 50,000 रुपये कर दिया है. यह नया नियम 1 अगस्त, 2025 से प्रभावी हो गया है. यह भारत में अब तक किसी भी प्रमुख बैंक द्वारा निर्धारित की गई सबसे ऊंची न्यूनतम बैलेंस सीमा है, जिसने ग्राहकों के बीच हलचल मचा दी है.

पहले और अब में जमीन-आसमान का अंतर

इस बदलाव को समझने के लिए पहले और अब के नियमों पर एक नज़र डालना ज़रूरी है. यह बढ़ोतरी इतनी ज़्यादा है कि यह ग्राहकों की जेब पर सीधा असर डालेगी.

  • पुराने नियम: पहले आईसीआईसीआई बैंक में मेट्रो और शहरी ब्रांच के ग्राहकों को अपने खाते में औसतन मासिक बैलेंस (MAB) के तौर पर सिर्फ़ 10,000 रुपये रखने होते थे. वहीं, अर्ध-शहरी (Semi-Urban) शाखाओं के लिए यह सीमा 5,000 रुपये और ग्रामीण शाखाओं के लिए 2,500 रुपये थी.
  • नए नियम (1 अगस्त 2025 से लागू): अब बैंक ने इस सीमा को कई गुना बढ़ा दिया है.
    • मेट्रो और शहरी ब्रांच: ₹50,000 (सीधे 5 गुना की बढ़ोतरी!)
    • अर्ध-शहरी ब्रांच: ₹25,000 (5 गुना की बढ़ोतरी!)
    • ग्रामीण ब्रांच: ₹10,000 (4 गुना की बढ़ोतरी!)

जब दूसरे बैंक दे रहे राहत, ICICI ने बढ़ाई आफत

यह फैसला इसलिए भी चौंकाने वाला है क्योंकि यह बैंकिंग इंडस्ट्री के मौजूदा ट्रेंड के बिल्कुल विपरीत है. जहां एक तरफ देश का सबसे बड़ा बैंक भारतीय स्टेट बैंक (SBI) अपने ग्राहकों को राहत देते हुए 2020 में ही सेविंग्स अकाउंट से न्यूनतम बैलेंस की शर्त को पूरी तरह खत्म कर चुका है, वहीं आईसीआईसीआई बैंक ने यह बोझ बढ़ाने का फैसला किया है.

  • SBI: सेविंग्स अकाउंट पर कोई न्यूनतम बैलेंस की शर्त नहीं.
  • HDFC Bank: मेट्रो-शहरी शाखाओं में MAB की सीमा 10,000 रुपये, अर्ध-शहरी में 5,000 रुपये और ग्रामीण में 2,500 रुपये है, जो आईसीआईसीआई के पुराने नियमों के बराबर है.
  • अन्य अधिकांश बैंक: ज़्यादातर अन्य सरकारी और निजी बैंक 2,000 रुपये से लेकर 10,000 रुपये तक की ही MAB शर्त रखते हैं.

नियम तोड़ा तो खाली हो जाएगी जेब, लगेगी भारी पेनल्टी

अगर कोई ग्राहक अपने खाते में बैंक द्वारा तय की गई इस नई सीमा से कम बैलेंस रखता है, तो बैंक उस पर भारी पेनल्टी (bank penalty charge) लगाएगा. यह चार्ज इस बात पर निर्भर करेगा कि आपके खाते में बैलेंस कितना कम है और आपकी ब्रांच किस कैटेगरी (शहरी/ग्रामीण) में आती है. बैंक आमतौर पर अपने ऑपरेशनल खर्चों को पूरा करने और ग्राहकों को खाते में पर्याप्त फंड रखने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए यह कदम उठाते हैं.

ग्राहक क्या करें? पेनल्टी से बचने का ये है रास्ता

आईसीआईसीआई बैंक के इस नए नियम के बाद ग्राहकों के लिए सतर्क रहना बेहद ज़रूरी है.

  1. तुरंत बैलेंस जांचें: सबसे पहले अपने खाते का बैलेंस चेक करें और सुनिश्चित करें कि आप नई सीमा को पूरा कर रहे हैं.
  2. पेनल्टी से बचें: अगर आप 50,000 रुपये का न्यूनतम बैलेंस बनाए नहीं रख सकते, तो पेनल्टी भरने से बेहतर है कि आप विकल्पों पर विचार करें.
  3. विकल्प चुनें: आप बैंक से संपर्क करके अपने खाते को जीरो बैलेंस अकाउंट (Zero Balance Account) या बेसिक सेविंग्स बैंक डिपॉजिट अकाउंट (BSBDA) में बदलवा सकते हैं. इन खातों में न्यूनतम बैलेंस रखने की कोई शर्त नहीं होती, जिससे आप बेवजह के शुल्क से बच सकते हैं.

यह फैसला आईसीआईसीआई बैंक के ग्राहकों के लिए एक बड़ी चुनौती है, खासकर उन लोगों के लिए जो छोटी बचत करते हैं. इसलिए समय रहते सही कदम उठाना ही समझदारी होगी.

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Author of Bolbindas

Contributor and Lead Editor. Writing deep insights and analytical commentaries.

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