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Indian Railways: ट्रेन छूट जाएगी, पर नाम नहीं पढ़ पाएँगे, भारत के इस रेलवे स्टेशन का नाम लेने में छूट जाते हैं पसीने

Indian Railways: भारतीय रेलवे का सफ़र अपने आप में एक अनूठा अनुभव है. यह सिर्फ़ परिवहन का एक ज़रिया नहीं, बल्कि देश की धड़कन है, जो करोड़ों लोगों को एक दूसरे से

Chetan
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2025-08-06
Indian Railways: ट्रेन छूट जाएगी, पर नाम नहीं पढ़ पाएँगे, भारत के इस रेलवे स्टेशन का नाम लेने में छूट जाते हैं पसीने
Indian Railways: ट्रेन छूट जाएगी, पर नाम नहीं पढ़ पाएँगे, भारत के इस रेलवे स्टेशन का नाम लेने में छूट जाते हैं पसीने

Indian Railways: भारतीय रेलवे का सफ़र अपने आप में एक अनूठा अनुभव है. यह सिर्फ़ परिवहन का एक ज़रिया नहीं, बल्कि देश की धड़कन है, जो करोड़ों लोगों को एक दूसरे से जोड़ती है. इस सफ़र में हम अनगिनत छोटे-बड़े स्टेशनों से गुज़रते हैं, जिनके नाम हमारी यादों का हिस्सा बन जाते हैं. लेकिन क्या आप कल्पना कर सकते हैं कि भारत में एक ऐसा रेलवे स्टेशन भी है जिसका नाम याद रखना तो दूर, एक बार में सही-सही पढ़ना भी किसी चुनौती से कम नहीं है? (Indian Railways News)

सोचिए आप किसी स्टेशन पर उतरें और उसका नाम पढ़ने की कोशिश करें, लेकिन नाम इतना लंबा हो कि उसे पूरा पढ़ने में ही आपकी ट्रेन छूट जाए! जी हाँ, यह कोई मज़ाक नहीं है. भारत में एक ऐसा रेलवे स्टेशन मौजूद है जिसका नाम अंग्रेज़ी के 28 अक्षरों को मिलाकर बना है, जो अंग्रेज़ी वर्णमाला के कुल 26 अक्षरों से भी ज़्यादा है.

मिलिए भारत के सबसे लंबे नाम वाले रेलवे स्टेशन से

यह अनोखा रेलवे स्टेशन (Railway station with longest name) आंध्र प्रदेश में तमिलनाडु की सीमा के पास स्थित है. इसका नाम है- वेंकटनरसिम्हाराजुवरिपेटा (Venkatanarasimharajuvaripeta). दक्षिण रेलवे ज़ोन के अंतर्गत आने वाला यह स्टेशन अपने नाम की वजह से पूरे देश में मशहूर है. इसका उच्चारण करना किसी टंग ट्विस्टर (tongue twister) को बोलने जैसा है और यह भारत में सबसे लंबे नाम वाले रेलवे स्टेशनों में से एक होने का गौरव रखता है.

लोग पुकारते हैं शॉर्टकट से

ज़ाहिर है, रोज़मर्रा की ज़िंदगी में इतना लंबा नाम लेना किसी के लिए भी संभव नहीं है. इसलिए, स्थानीय लोग और नियमित यात्री इस स्टेशन को प्यार से या यूँ कहें कि सुविधा के लिए, शॉर्ट फॉर्म में ‘वी. एन. राजुवारीपेटा’ कहकर बुलाते हैं. कई लोग तो मज़ाक-मज़ाक में एक दूसरे को इस पूरे नाम का सही-सही उच्चारण करने की चुनौती भी देते हैं, जिसमें अक्सर बड़े-बड़े सूरमा भी हार मान जाते हैं.

दिलचस्प बात यह है कि ‘वेंकटनरसिम्हाराजुवरिपेटा’ एक फ्लैग स्टेशन है. फ्लैग स्टेशन (Flag Station) का मतलब है कि यहाँ ट्रेनें अपने निर्धारित समय के अनुसार नहीं, बल्कि ज़रूरत पड़ने पर ही रुकती हैं. गार्ड या स्टेशन मास्टर द्वारा जब ट्रेन को लाल झंडा दिखाकर रुकने का संकेत दिया जाता है, तभी ट्रेन यहाँ ठहरती है.

नामों की दुनिया में और भी हैं अजूबे

वैसे, ‘वेंकटनरसिम्हाराजुवरिपेटा’ अकेला ऐसा स्टेशन नहीं है जिसका नाम बेहद लंबा है. भारतीय रेलवे (Indian Railway) ने कुछ समय पहले चेन्नई सेंट्रल रेलवे स्टेशन का नाम बदलकर ‘पुरात्ची थलाइवर डॉ. एम. जी. रामचंद्रन सेंट्रल रेलवे स्टेशन’ कर दिया था. हालाँकि, यह नाम टुकड़ों में बंटा हुआ है, जिसकी वजह से इसे याद करना और पढ़ना थोड़ा आसान हो जाता है.

जब स्टेशनों (stations) की बात हो ही रही है, तो यह जानना भी दिलचस्प है कि भारतीय रेलवे में स्टेशनों के अलग-अलग प्रकार होते हैं. जैसे ‘हॉल्ट’ (Halt) स्टेशन बहुत छोटे होते हैं जहाँ आमतौर पर पैसेंजर ट्रेनें ही कुछ पल के लिए रुकती हैं, जबकि ‘जंक्शन’ (Junction) एक बड़ा स्टेशन होता है जहाँ से कम से कम तीन अलग-अलग दिशाओं के लिए रेल मार्ग निकलते हैं.

‘वेंकटनरसिम्हाराजुवरिपेटा’ जैसे स्टेशन भारतीय रेलवे की उस विविधता को दर्शाते हैं जो सिर्फ़ संस्कृति और परिदृश्यों में ही नहीं, बल्कि अपने नामों में भी बसी है.


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Author of Bolbindas

Contributor and Lead Editor. Writing deep insights and analytical commentaries.

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