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Jamia Millia Islamia VC statement: हम सब में महादेव का DNA है… जामिया VC के इस बयान से क्यों मचा है बवाल? आसान भाषा में समझें

Jamia Millia Islamia VC statement:  जब भी देश की टॉप यूनिवर्सिटीज का नाम आता है, तो दिल्ली की ‘जामिया मिलिया इस्लामिया’ (Jamia Millia Islamia) का जि

Malvika
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2026-04-29
Jamia Millia Islamia VC statement: हम सब में महादेव का DNA है… जामिया VC के इस बयान से क्यों मचा है बवाल? आसान भाषा में समझें
Jamia Millia Islamia VC statement: हम सब में महादेव का DNA है… जामिया VC के इस बयान से क्यों मचा है बवाल? आसान भाषा में समझें

Jamia Millia Islamia VC statement:  जब भी देश की टॉप यूनिवर्सिटीज का नाम आता है, तो दिल्ली की ‘जामिया मिलिया इस्लामिया’ (Jamia Millia Islamia) का जिक्र जरूर होता है। यह यूनिवर्सिटी हमेशा अपनी बेहतरीन पढ़ाई और कभी-कभी छात्र राजनीति को लेकर सुर्खियों में रहती है। लेकिन इस बार जामिया किसी धरने-प्रदर्शन की वजह से नहीं, बल्कि अपने ही वाइस चांसलर (VC) के एक ऐसे बयान की वजह से चर्चा में आ गई है, जिसने सोशल मीडिया से लेकर सियासी गलियारों तक हलचल मचा दी है।

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जामिया के वीसी प्रोफेसर मजहर आसिफ (Prof. Mazhar Asif) का एक वीडियो इन दिनों आग की तरह फैल रहा है। इस वीडियो में वह कुछ ऐसा कह रहे हैं जिस पर कोई ताली बजा रहा है, तो कोई सवाल उठा रहा है। आइए, एक दोस्त की तरह बिल्कुल आसान भाषा में समझते हैं कि आखिर ये पूरा विवाद क्या है, वीसी साहब ने ऐसा क्या कह दिया और इस बयान के क्या मायने निकाले जा रहे हैं।

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क्या है पूरा मामला और ‘युवा कुंभ’ का कनेक्शन?

यह पूरी घटना मंगलवार की है। दिल्ली स्थित जामिया मिलिया इस्लामिया कैंपस में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की तरफ से एक खास कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। इस कार्यक्रम का नाम था ‘युवा कुंभ’ (Yuva Kumbh)। ऐसे कार्यक्रमों में अक्सर युवाओं, देश की संस्कृति, शिक्षा और राष्ट्रवाद पर चर्चा होती है।

इसी कार्यक्रम में जामिया के वाइस चांसलर प्रोफेसर मजहर आसिफ बतौर खास मेहमान शामिल हुए। जब वीसी साहब मंच पर भाषण देने के लिए माइक के सामने आए, तो उन्होंने देश की एकता और अखंडता को लेकर अपनी बात रखनी शुरू की। और इसी भाषण के दौरान उनके मुंह से एक ऐसी लाइन निकली, जो अगले ही दिन नेशनल न्यूज़ की हेडलाइन बन गई।

वीसी प्रोफेसर मजहर आसिफ ने मंच से क्या कहा?

अगर आपने वो वायरल वीडियो अभी तक नहीं देखा है, तो कोई बात नहीं, हम आपको बताते हैं कि उन्होंने क्या कहा। प्रोफेसर मजहर आसिफ ने मंच से वहां बैठे लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि हमारा देश विविधताओं का देश है। उन्होंने कहा, “यहां जितने भी लोग बैठे हैं, मुझे नहीं लगता कि उन सब की मातृभाषा (Mother Tongue) एक होगी। हो सकता है कि आप सबके संस्कार अलग-अलग हों, आप सब की परंपराएं भी अलग हों।”

इसके बाद उन्होंने जो बात कही, उसी पर सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है। उन्होंने आगे कहा, “इतनी अलग-अलग परंपराएं और भाषाएं होने के बावजूद हम सब एक हैं, हम सब भारतीय हैं। और हम इसलिए भारतीय हैं, क्योंकि हम सबके डीएनए (DNA) में महादेव का डीएनए है।”

बयान के बाद आखिर बवाल क्यों मचा? (तीन मुख्य कारण)

अब आप सोच रहे होंगे कि देश की एकता की बात करने पर इतना बवाल क्यों हो रहा है? दरअसल, इसके पीछे तीन बड़ी वजहें हैं:

  1. यूनिवर्सिटी का बैकग्राउंड: जामिया मिलिया इस्लामिया एक अल्पसंख्यक केंद्रीय विश्वविद्यालय (Minority Central University) है। यहां बड़ी संख्या में मुस्लिम छात्र पढ़ते हैं। ऐसे में वहां के वीसी का ‘महादेव के डीएनए’ वाली बात कहना कुछ लोगों और छात्र गुटों को हजम नहीं हो रहा है।

  2. RSS का मंच: यह बयान किसी आम कार्यक्रम में नहीं, बल्कि आरएसएस (RSS) के ‘युवा कुंभ’ में दिया गया है। आरएसएस हमेशा से ‘सांस्कृतिक राष्ट्रवाद’ की बात करता रहा है। ऐसे में एक मुस्लिम स्कॉलर और वीसी द्वारा आरएसएस के मंच से इस तरह की बात कहने पर नई सियासी बहस छिड़ गई है।

  3. सोशल मीडिया का रिएक्शन: इस बयान के बाहर आते ही सोशल मीडिया पर लोगों की दो राय बन गई है। एक धड़ा इस बयान की तारीफ कर रहा है और इसे ‘सच्ची भारतीयता’ और ‘एकता का प्रतीक’ मान रहा है। वहीं, दूसरा धड़ा इसे राजनीति से प्रेरित बताकर वीसी को ट्रोल कर रहा है।

आगे क्या हो सकता है?

अक्सर देखा गया है कि जब भी किसी बड़ी यूनिवर्सिटी के वीसी ऐसा कोई बयान देते हैं, तो कैंपस के अंदर छात्र संगठनों के बीच गर्मागर्मी हो जाती है। फिलहाल प्रोफेसर मजहर आसिफ की तरफ से इस वीडियो पर कोई नई सफाई नहीं आई है। यह देखना दिलचस्प होगा कि जामिया के छात्र और बाकी राजनीतिक दल इस बयान को आने वाले दिनों में किस तरह से लेते हैं।

भारत एक लोकतांत्रिक देश है और यहां हर किसी को अपनी बात कहने की पूरी आज़ादी है। प्रोफेसर मजहर आसिफ का यह बयान भले ही विवादों में आ गया हो, लेकिन उनका मूल संदेश यही था कि चाहे हमारी भाषाएं या रहन-सहन अलग हो, हम सब एक ही धागे में बंधे हैं। अब यह ‘धागा’ महादेव का डीएनए है या कुछ और, यह बहस तो शायद लंबे समय तक चलती रहेगी।

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Author of Bolbindas

Contributor and Lead Editor. Writing deep insights and analytical commentaries.

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