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Jason Gillespie: पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड की ‘अंधेर नगरी' का कड़वा सच आया सामने

Jason Gillespie: दुनिया के बेहतरीन तेज गेंदबाजों में शुमार और ऑस्ट्रेलियाई दिग्गज जेसन गिलेस्पी (Jason Gillespie) ने पाकिस्तान क्रिकेट की नींव हिला देने वाला खु

Chetan
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2026-01-02
Jason Gillespie: पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड की ‘अंधेर नगरी' का कड़वा सच आया सामने
Jason Gillespie: पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड की ‘अंधेर नगरी' का कड़वा सच आया सामने

Jason Gillespie: दुनिया के बेहतरीन तेज गेंदबाजों में शुमार और ऑस्ट्रेलियाई दिग्गज जेसन गिलेस्पी (Jason Gillespie) ने पाकिस्तान क्रिकेट की नींव हिला देने वाला खुलासा किया है। दिसंबर 2024 में जब गिलेस्पी ने पाकिस्तानी टेस्ट टीम के हेड कोच का पद अचानक छोड़ा था, तब हर कोई हैरान था। लोग प्रदर्शन और नतीजों को देख रहे थे, लेकिन गिलेस्पी के अंदर कुछ और ही सुलग रहा था। अब गिलेस्पी ने चुप्पी तोड़ते हुए वो सब बता दिया है, जो पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) की कार्यशैली पर एक बहुत बड़ा सवालिया निशान खड़ा करता है।

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“मेरी इज़्ज़त से खेला गया”: सोशल मीडिया पर फूटा गुस्सा
गिलेस्पी ने हाल ही में X (पुराना ट्विटर) पर एक सवाल-जवाब सत्र के दौरान अपने दिल की भड़ास निकाली। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि उनके जाने की वजह खराब प्रदर्शन नहीं, बल्कि PCB का ‘गैर-पेशेवर रवैया’ था। उन्होंने एक घटना का जिक्र करते हुए कहा, “मैं टीम का हेड कोच था, लेकिन बोर्ड ने मेरे सीनियर असिस्टेंट कोच टिम नीलसन को बिना मुझे सूचित किए या चर्चा किए पद से बर्खास्त कर दिया। हेड कोच के तौर पर यह मेरे लिए अपमानजनक और अस्वीकार्य था।

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गिलेस्पी का यह बयान पाकिस्तान क्रिकेट के उस काले पक्ष को उजागर करता है, जहाँ मैदान के बाहर होने वाली राजनीति अक्सर मैदान के नतीजों पर भारी पड़ जाती है। उन्होंने साफ़ कहा कि जिस माहौल में कोच को भरोसे में ही न लिया जाए, वहां काम करना किसी भी पेशेवर व्यक्ति के लिए ‘आत्मसम्मान से समझौता’ करने जैसा है।

अर्श से फर्श तक: जीत के बावजूद मिली नफरत?
याद दिला दें कि अप्रैल 2024 में जब गिलेस्पी ने पाकिस्तान टीम की कमान संभाली थी, तब टीम रेड-बॉल क्रिकेट में बुरी तरह संघर्ष कर रही थी। शुरुआती झटके कम नहीं थे; बांग्लादेश ने पाकिस्तान को उनके घर में 2-0 से हराकर इतिहास रचा था। लेकिन गिलेस्पी ने हार नहीं मानी।

अक्टूबर 2024 में गिलेस्पी की कोचिंग की जादूई ताकत दुनिया ने देखी। पाकिस्तान ने मजबूत इंग्लैंड टीम को 2-1 से धूल चटाई और सालों बाद एक यादगार घरेलू टेस्ट सीरीज जीती। पहले मैच की हार के बाद टीम को फिर से खड़ा करना गिलेस्पी की बड़ी उपलब्धि थी। लेकिन विडंबना देखिए, जिस कोच ने पाकिस्तान की डूबती नैया को किनारे लगाया, उसी को अपमानित होकर पाकिस्तान छोड़ना पड़ा।

पैसे और कॉन्ट्रैक्ट का विवाद
गिलेस्पी का गुस्सा सिर्फ स्वाभिमान तक सीमित नहीं रहा। इस्तीफे के बाद उन्होंने आरोप लगाया कि PCB ने उनकी पूरी मेहनत की कमाई (सैलरी) का भुगतान नहीं किया है। दूसरी तरफ, पीसीबी अपनी पुरानी रट लगाए हुए है कि गिलेस्पी ने 4 महीने का नोटिस पीरियड पूरा नहीं किया। यह पहली बार नहीं है जब पीसीबी और विदेशी कोचों के बीच पैसे या इज्ज़त को लेकर टकराव हुआ हो, लेकिन गिलेस्पी जैसा बड़ा नाम जब ऐसा बोलता है, तो इसकी गूंज ऑस्ट्रेलिया से लेकर आईसीसी (ICC) के मुख्यालय तक सुनाई देती है।

जेसन गिलेस्पी: एक गौरवशाली करियर का साया
पाकिस्तान में जो हुआ, वह गिलेस्पी के महान कद को कम नहीं करता। अपने 10 साल के अंतरराष्ट्रीय करियर (1996-2006) में गिलेस्पी ने ऑस्ट्रेलिया को अपराजेय टीम बनाया था। 71 टेस्ट और 97 वनडे खेलने वाले इस गेंदबाज के नाम 400 से ज्यादा विकेट दर्ज हैं। क्रिकेट की इतनी समझ रखने वाले दिग्गज को अगर पाकिस्तान ने खोया है, तो नुकसान पूरी तरह पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड का है।

आज गिलेस्पी के इस खुलासे के बाद पाकिस्तानी फैंस भी दुखी हैं। फैंस का मानना है कि बोर्ड के अंदर बैठे लोग पाकिस्तानी टीम की तरक्की में सबसे बड़े रोड़ा हैं। क्या पाकिस्तान कभी अपने कोचों को वो सम्मान दे पाएगा, जिसके वे हकदार हैं? यह एक ऐसा सवाल है जिसका जवाब फिलहाल तो ‘ना’ ही नज़र आता है।

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Author of Bolbindas

Contributor and Lead Editor. Writing deep insights and analytical commentaries.

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