FD : देश के सबसे बड़े प्राइवेट बैंक (Biggest Private Bank in India), HDFC बैंक, ने अपने करोड़ों ग्राहकों के लिए एक अहम घोषणा की है. अगर आपका भी इस बैंक में फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) या सेविंग अकाउंट है, तो यह खबर सीधे आपकी जेब पर असर डालेगी. बैंक ने 3 करोड़ रुपये से कम की फिक्स्ड डिपॉजिट (HDFC FD Rates) और सेविंग अकाउंट पर ब्याज दरों में 0.25% तक की कटौती कर दी है. यह नई दरें 25 तारीख से प्रभावी हो गई हैं. चिंता की बात यह है कि इस महीने में यह दूसरी बार है जब बैंक ने दरें घटाई हैं; इससे पहले 10 तारीख को भी कुछ चुनिंदा अवधियों की FD पर ब्याज कम किया गया था.
HDFC बैंक ने इन FD पर कम किया ब्याज, जानें क्यों हुआ यह बदलाव?
यह कदम भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा हाल ही में रेपो रेट (Repo Rate) में की गई 50 बेसिस प्वाइंट की कटौती के बाद उठाया गया है. इससे यह संकेत मिलता है कि ब्याज दरों में गिरावट का दौर शुरू हो गया है, जिसका सीधा असर अब आम ग्राहकों की बचत (Savings) और निवेश (Investment) पर दिखने लगा है.
HDFC बैंक ने मुख्य रूप से 15 महीने से 18 महीने तक की अवधि वाली FD पर ब्याज दरें घटाई हैं.
- सामान्य ग्राहकों के लिए: अब इस अवधि पर 6.60% की जगह सिर्फ 6.35% का ब्याज मिलेगा.
- सीनियर सिटीजन के लिए: वहीं, वरिष्ठ नागरिकों के लिए यह दर 7.10% से घटकर 6.85% हो गई है.
इस बदलाव के बाद, बैंक की मौजूदा FD दरें सामान्य ग्राहकों के लिए 2.75% से 6.60% और सीनियर सिटीजन के लिए 3.25% से 7.10% के बीच रह गई हैं. इस फैसले का मतलब है कि जो निवेशक पूरी तरह से बैंक एफडी (Bank FD) पर निर्भर हैं, उन्हें अब अपने रिटर्न में कमी देखने को मिलेगी.
यह जानकारी भारत के बाहर, जैसे USA और UK में रहने वाले प्रवासी भारतीयों (NRIs) के लिए भी महत्वपूर्ण है, जो भारत में FD में सुरक्षित निवेश करना पसंद करते हैं.
एचडीएफसी बैंक की 3 करोड़ रुपये तक की FD पर नई ब्याज दरें (25 तारीख से प्रभावी):
| अवधि | आम जनता के लिए (प्रतिशत) | सीनियर सिटीजन के लिए (प्रतिशत) |
| 7 दिन से 14 दिन | 2.75% | 3.25% |
| 15 दिन से 29 दिन | 2.75% | 3.25% |
| 30 दिन से 45 दिन | 3.25% | 3.75% |
| 46 दिन से 60 दिन | 4.25% | 4.75% |
| 61 दिन से 89 दिन | 4.25% | 4.75% |
| 90 दिन से 6 महीने | 4.25% | 4.75% |
| 6 महीने 1 दिन से 9 महीने | 5.50% | 6.00% |
| 9 महीने 1 दिन से < 1 साल | 5.75% | 6.25% |
| 1 साल से < 15 महीने | 6.25% | 6.75% |
| 15 महीने से < 18 महीने | 6.35% (घटाई गई) | 6.85% (घटाई गई) |
| 18 महीने 1 दिन से < 21 महीने | 6.60% | 6.95% |
| 21 महीने से 2 साल | 6.45% | 7.20% |
| 2 साल 1 दिन से < 2 साल 11 महीने | 6.45% | 6.95% |
| 2 साल 11 महीने 1 दिन से 35 महीने | 6.45% | 6.95% |
| 2 साल 11 महीने 1 दिन से 3 साल | 6.45% | 6.95% |
| 3 साल 1 दिन से 4 साल 7 महीने | 6.40% | 6.90% |
| 4 साल 7 महीने से 55 महीने तक | 6.40% | 7.90% |
| 4 साल 7 महीने 1 दिन से < 5 साल | 6.40% | 6.90% |
| 5 साल से 10 साल | 6.15% | 6.65% |
अब निवेशकों को क्या करना चाहिए?
ब्याज दरों में इस कटौती के बाद, निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे अपने निवेश की योजना (Investment Planning) की समीक्षा करें. जो लोग बेहतर रिटर्न चाहते हैं, वे बैंक एफडी के अलावा अन्य निवेश विकल्पों जैसे कि डेट म्यूचुअल फंड, कॉर्पोरेट बॉन्ड या सरकारी योजनाओं पर भी विचार कर सकते हैं.
Enjoying this post?
Subscribe to Bolbindas to get deep dives like this delivered directly to your inbox .