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Magh Mela 2026 : माघ मेले की वो बातें जो रोंगटे खड़े कर देंगी •

Magh Mela 2026 : आज 3 जनवरी 2026, पौष पूर्णिमा के पावन अवसर पर तीर्थराज प्रयाग की पवित्र रेती पर एक बार फिर आस्था का वो विराट स्वरूप देखने को मिल रहा है, जिसकी

Malvika
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2026-01-03
Magh Mela 2026 : माघ मेले की वो बातें जो रोंगटे खड़े कर देंगी •
Magh Mela 2026 : माघ मेले की वो बातें जो रोंगटे खड़े कर देंगी •

Magh Mela 2026 : आज 3 जनवरी 2026, पौष पूर्णिमा के पावन अवसर पर तीर्थराज प्रयाग की पवित्र रेती पर एक बार फिर आस्था का वो विराट स्वरूप देखने को मिल रहा है, जिसकी कल्पना मात्र से ही मन भक्ति से भर जाता है। गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के पावन त्रिवेणी संगम पर माघ मेला 2026 का भव्य आगाज़ हो चुका है। कड़ाके की ठंड के बावजूद श्रद्धालुओं के उत्साह ने प्रयागराज के तापमान को भक्ति की गर्मी से भर दिया है।

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सनातनी किन्नर अखाड़े का ‘अमृत स्नान’: श्रद्धा का अनूठा रंग

इस बार माघ मेले का सबसे बड़ा आकर्षण और आध्यात्मिक केंद्र सनातनी किन्नर अखाड़ा बना। नवंबर 2025 में नव-गठित इस अखाड़े ने आज आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कौशल्या नंद गिरी (टीना मां) के नेतृत्व में संगम में ‘अमृत स्नान’ किया। टीना मां ने अपनी शिष्यों के साथ मां गंगा का दुग्ध अभिषेक किया और समस्त लोकों के कल्याण की कामना की। यह पहली बार है जब इस नए अखाड़े ने माघ मेले में अपना भव्य शिविर लगाया है, जो समावेशी सनातनी परंपरा का एक नया अध्याय लिख रहा है।

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9 लाख श्रद्धालुओं ने लगाई डुबकी, 30 लाख का अनुमान

मेला प्रशासन के अनुसार, सुबह 10 बजे तक ही करीब 9 लाख श्रद्धालु पुण्य की डुबकी लगा चुके थे। माघ मेला अधिकारी ऋषि राज ने बताया कि सुबह 8 बजे तक यह आंकड़ा 6.5 लाख था, जो सूरज चढ़ने के साथ ही तेजी से बढ़ा। प्रशासन का अनुमान है कि सूर्यास्त तक संगम तट पर 25 से 30 लाख लोग स्नान कर चुके होंगे। न केवल प्रयागराज, बल्कि अयोध्या की सरयू नदी में भी पौष पूर्णिमा पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी।

आस्था के साथ आधुनिकता का मेल: हेलीकॉप्टर और पैराग्लाइडिंग

मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल ने बताया कि इस साल माघ मेले को ‘महाकुंभ’ के मॉडल पर तैयार किया गया है। श्रद्धालुओं के लिए इस बार हेलीकॉप्टर सेवा और पैराग्लाइडिंग की शुरुआत की जा रही है, जो युवाओं और पर्यटकों के लिए विशेष आकर्षण होगा। रात के समय संगम का नजारा किसी ‘सपनों के शहर’ जैसा दिखता है, जहां नावों पर लगी एलईडी लाइटें और सात रंगों के फव्वारे जल में इंद्रधनुष बिखेर रहे हैं।

सुरक्षा का अभेद्य किला: ATS और स्नाइपर तैनात

श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए प्रशासन ने जमीन से लेकर आसमान तक कड़े पहरे लगाए हैं।

  • 10,000 पुलिसकर्मी और ATS की दो टीमें मेला क्षेत्र में मुस्तैद हैं।

  • वॉच टावर और संवेदनशील स्थानों पर स्नाइपर्स तैनात किए गए हैं।

  • ड्रोन कैमरों और सीसीटीवी से हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है।

  • मेला क्षेत्र को 7 सेक्टरों में बांटा गया है, जिसमें 17 थाने और 42 पुलिस चौकियां सक्रिय हैं।

यातायात और कल्पवास की व्यवस्था

वाराणसी और प्रयागराज के बीच 5 विशेष ट्रेनें चलाई जा रही हैं। संगम क्षेत्र में उमड़ने वाली भीड़ को नियंत्रित करने के लिए 9 पांटून पुल बनाए गए हैं, जहां ‘वन-वे’ व्यवस्था लागू की गई है। इसके अलावा 3800 रोडवेज बसें और 500 ई-रिक्शा श्रद्धालुओं को सेवा दे रहे हैं। आज से ही करीब 20 लाख कल्पवासियों का 44 दिवसीय कठिन व्रत भी शुरू हो गया है, जो फूस की झोपड़ियों में रहकर संयम और साधना का जीवन बिताएंगे।

माघ मेला 2026: प्रमुख स्नान की तारीखें (Save the Dates)

यदि आप भी इस पुण्य के भागीदार बनना चाहते हैं, तो इन प्रमुख तिथियों को नोट कर लें:

  1. 3 जनवरी: पौष पूर्णिमा (प्रथम स्नान)

  2. 14 जनवरी: मकर संक्रांति

  3. 18 जनवरी: मौनी अमावस्या

  4. 23 जनवरी: बसंत पंचमी

  5. 1 फरवरी: माघी पूर्णिमा

  6. 15 फरवरी: महाशिवरात्रि (अंतिम स्नान)

प्रयागराज का यह माघ मेला केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं है, बल्कि यह करोड़ों लोगों के विश्वास और भारतीय संस्कृति की जीवंतता का प्रतीक है।

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Author of Bolbindas

Contributor and Lead Editor. Writing deep insights and analytical commentaries.

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