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Mamata Banarjee Oxford University:ऑक्सफोर्ड में ममता बनर्जी पर तीखे सवालों की बौछार, जवाब में बोलीं- "मैं बंगाल टाइगर"

Mamata Banarjee Oxford University: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी हमेशा से अपने बेबाक और साहसी अंदाज के लिए जानी जाती हैं। जब वे ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी

Priyanshi
Priyanshi
2025-03-28
Mamata Banarjee Oxford University:ऑक्सफोर्ड में ममता बनर्जी पर तीखे सवालों की बौछार, जवाब में बोलीं- "मैं बंगाल टाइगर"
Mamata Banarjee Oxford University:ऑक्सफोर्ड में ममता बनर्जी पर तीखे सवालों की बौछार, जवाब में बोलीं- "मैं बंगाल टाइगर"
Mamata Banarjee Oxford University:

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी हमेशा से अपने बेबाक और साहसी अंदाज के लिए जानी जाती हैं। जब वे ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में स्पीच देने पहुंचीं, तो वहां के छात्रों ने उनसे कई तीखे सवाल पूछे। इन सवालों में RG कर रेप-हत्याकांड, 2008 में टाटा प्रोजेक्ट का बंगाल से निष्कासन और महिलाओं के स्कूल छोड़ने की बढ़ती दर जैसे मुद्दे शामिल थे।

छात्रों के सवालों से घबराई नहीं ममता बनर्जी

ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के केलॉग कॉलेज में आयोजित इस कार्यक्रम में, ममता बनर्जी ने भारत की एकता, अखंडता और बंगाल की विविधता पर अपने विचार साझा किए। हालांकि, छात्रों ने उनसे कठिन सवाल पूछकर उनकी नीतियों पर सवाल उठाए।

RG कर रेप-हत्याकांड पर सवाल

छात्रों ने ममता बनर्जी से पिछले साल RG कर मेडिकल कॉलेज में ट्रेनी डॉक्टर के साथ हुए रेप और हत्या के मामले में राज्य सरकार की भूमिका पर सवाल किया। उन्होंने पूछा कि राज्य सरकार ने अब तक क्या कदम उठाए हैं? इसपर ममता ने जवाब दिया कि “कानून अपना काम कर रहा है और दोषियों को सजा मिलेगी।”

टाटा नैनो प्रोजेक्ट पर विवाद

सिंगुर से 2008 में टाटा नैनो प्रोजेक्ट के निष्कासन को लेकर भी सवाल उठे। छात्रों ने पूछा, “आपकी सरकार की नीतियों के कारण टाटा को बंगाल छोड़ना पड़ा, क्या यह औद्योगिक विकास के खिलाफ नहीं था?” इसपर ममता ने कहा, “हमने किसानों की ज़मीन के हक के लिए लड़ाई लड़ी थी। विकास ज़रूरी है, लेकिन जबरदस्ती किसी की ज़मीन लेना सही नहीं है।”

महिलाओं के ड्रॉपआउट रेट पर सवाल

छात्रों ने राज्य में स्कूल छोड़ने वाली लड़कियों की बढ़ती संख्या पर भी सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि आखिर बंगाल में यह दर इतनी ज्यादा क्यों है? इसपर ममता ने कहा, “हमने कन्याश्री योजना चलाई है, जिससे लाखों लड़कियों को शिक्षा में मदद मिली है। अगर फिर भी कहीं दिक्कतें हैं, तो हम उन्हें सुधारने के लिए तैयार हैं।”

छात्र संगठनों का विरोध और ममता की प्रतिक्रिया

जैसे ही ममता ने कोलकाता में एक नया संस्थान स्थापित करने का प्रस्ताव रखा, हॉल में मौजूद कुछ छात्र संगठनों ने उनका विरोध करना शुरू कर दिया। छात्रों ने कहा कि बंगाल में उद्योगों को टिकने नहीं दिया जाता, ऐसे में वहां नया संस्थान कैसे विकसित होगा?

इसपर ममता ने आत्मविश्वास से कहा,
“कृपया यहां राजनीति न करें। यह कोई राजनीतिक मंच नहीं है। आप मेरे राज्य में आकर राजनीति कर सकते हैं, यहां नहीं!”

“मैं बंगाल टाइगर हूं!”

जब छात्रों ने उन्हें लगातार घेरने की कोशिश की, तो ममता बनर्जी ने आत्मविश्वास से कहा,
“मैं डरने वालों में से नहीं हूं। मैं बंगाल टाइगर हूं। मैं हमेशा अपने राज्य और देश के लिए खड़ी रहूंगी!”

राजनीतिक एकता पर जोर

अपने भाषण के अंत में, ममता बनर्जी ने भारत में राजनीतिक एकता पर जोर देते हुए कहा,
“अगर मैं मरती हूं, तो मरने से पहले मैं एकता देखना चाहती हूं। एकता ही हमारी ताकत है, विभाजन हमारा पतन है। स्वामी विवेकानंद ने कहा था कि एकता बनाए रखना मुश्किल होता है, लेकिन लोगों को बांटना आसान है। क्या आप मानते हैं कि ऐसी विभाजनकारी विचारधारा के साथ दुनिया आगे बढ़ सकती है?”

ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में ममता बनर्जी का यह कार्यक्रम काफी चर्चा में रहा। उन्होंने हर सवाल का सामना पूरी हिम्मत और आत्मविश्वास के साथ किया। चाहे वह RG कर रेप-हत्याकांड हो, टाटा प्रोजेक्ट हो या स्कूल ड्रॉपआउट दर, उन्होंने हर मुद्दे पर अपनी राय मजबूती से रखी। ममता बनर्जी का यह अंदाज एक बार फिर साबित करता है कि वे किसी भी परिस्थिति में पीछे हटने वालों में से नहीं हैं।

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Priyanshi

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Author of Bolbindas

Contributor and Lead Editor. Writing deep insights and analytical commentaries.

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