MCX: भारत के सबसे बड़े कमोडिटी एक्सचेंज, मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX), पर आज ट्रेडिंग की शुरुआत भारी उथल-पुथल के साथ हुई। एक्सचेंज में एक बड़ी तकनीकी खराबी (Technical Glitch) के कारण, जो ट्रेडिंग सुबह 9 बजे शुरू होनी थी, वह एक घंटे से भी ज़्यादा की देरी के बाद सुबह 10:17 बजे शुरू हो सकी। इस अप्रत्याशित घटना ने हज़ारों ट्रेडर्स और निवेशकों को चिंता में डाल दिया, जिनके सौदे अटके हुए थे।
मामले की शुरुआत सुबह-सुबह हुई जब MCX ने अपनी वेबसाइट पर एक नोटिस जारी कर सूचित किया कि ट्रेडिंग रोक दी गई है और इसे सुबह 9:45 बजे तक फिर से शुरू किया जाएगा। इस नोटिस ने निवेशकों में थोड़ी राहत दी, लेकिन यह राहत ज़्यादा देर तक नहीं टिक सकी।
निर्धारित समय पर ट्रेडिंग शुरू नहीं हो सकी और मामले में और देरी हो गई। इसके बाद MCX ने एक और अपडेट जारी किया जिसमें कहा गया कि वह सुबह 10:10 बजे तक परिचालन फिर से शुरू कर देगा। अंततः, कई देरी के बाद, सुबह 10:17 बजे ट्रेडिंग सामान्य रूप से शुरू हो पाई। MCX ने फिलहाल इस खराबी के पीछे के सटीक कारण का तुरंत खुलासा नहीं किया है, जिससे अटकलों का बाजार गर्म है।
क्या MCX में बार-बार आ रही है खराबी?
यह पहली बार नहीं है जब MCX को इस तरह की तकनीकी समस्याओं का सामना करना पड़ा है। पिछले साल फरवरी में भी, एक्सचेंज में एक बड़ी गड़बड़ी हुई थी, जिसके कारण परिचालन को चार घंटे के लिए निलंबित करना पड़ा था। माना जा रहा था कि वह समस्या एक्सचेंज के नए ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म पर ट्रांजिशन से संबंधित थी।
यह सर्वविदित है कि एक्सचेंज को अपनी टेक्नोलॉजी को 63 मून्स (63 Moons) से टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) द्वारा विकसित प्लेटफॉर्म पर स्थानांतरित करने की प्रक्रिया में चुनौतियों का सामना करना पड़ा है। आज की घटना ने एक बार फिर इस टेक्नोलॉजी ट्रांजिशन और प्लेटफॉर्म की स्थिरता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
MCX भारत का प्रमुख कमोडिटी डेरिवेटिव्स एक्सचेंज है, जो निवेशकों को बुलियन (सोना-चांदी), औद्योगिक धातुएं (तांबा, एल्युमिनियम), ऊर्जा (कच्चा तेल, नेचुरल गैस) और कृषि वस्तुओं सहित विभिन्न क्षेत्रों में वायदा कारोबार (Futures Contracts) करने का मौका देता है।
इसी महीने की शुरुआत में, एक्सचेंज ने संरचित बिजली मूल्य जोखिम प्रबंधन साधनों की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए बिजली वायदा अनुबंध (Electricity Futures Contracts) की शुरुआत की थी। यह अनुबंध सभी 12 कैलेंडर महीनों के लिए उपलब्ध होगा, जिसकी ट्रेडिंग शुरुआत में चालू और अगले तीन महीनों के लिए खुली रहेगी। आज की तकनीकी खराबी जैसी घटनाएं निवेशकों के भरोसे को प्रभावित कर सकती हैं, खासकर जब एक्सचेंज नए प्रोडक्ट्स लॉन्च कर रहा हो।
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