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Mercedes-Benz Cars To Get Costlier: मर्सिडीज कार खरीदने का है प्लान? 1 जून से लग सकता है बड़ा झटका, कंपनी ने किया कीमतों में बढ़ोतरी का ऐलान

Mercedes-Benz Cars To Get Costlier: अगर आप भी मर्सिडीज-बेंज की कोई नई लग्जरी कार लेने का सोच रहे हैं, तो आपके लिए एक अहम खबर है… या यूं कहें कि एक झटका लग

Priyanshi
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2025-05-10
Mercedes-Benz Cars To Get Costlier: मर्सिडीज कार खरीदने का है प्लान? 1 जून से लग सकता है बड़ा झटका, कंपनी ने किया कीमतों में बढ़ोतरी का ऐलान
Mercedes-Benz Cars To Get Costlier: मर्सिडीज कार खरीदने का है प्लान? 1 जून से लग सकता है बड़ा झटका, कंपनी ने किया कीमतों में बढ़ोतरी का ऐलान

Mercedes-Benz Cars To Get Costlier: अगर आप भी मर्सिडीज-बेंज की कोई नई लग्जरी कार लेने का सोच रहे हैं, तो आपके लिए एक अहम खबर है… या यूं कहें कि एक झटका लगने वाला है। मर्सिडीज-बेंज इंडिया ने अचानक अपनी सभी गाड़ियों की कीमतों में बढ़ोतरी का ऐलान कर दिया है।

यह बढ़ोतरी एक साथ नहीं, बल्कि दो चरणों में लागू होगी। पहला चरण इसी साल 1 जून 2025 से शुरू होगा, और दूसरा चरण 1 सितंबर 2025 से प्रभावी होगा। इस फैसले के बाद, मर्सिडीज खरीदने के लिए अब आपको अपनी जेब थोड़ी और ढीली करनी पड़ेगी। कीमतों में कम से कम 90,000 रुपये से लेकर ज़्यादा से ज़्यादा 12.20 लाख रुपये तक का इज़ाफ़ा होगा।

कंपनी ने बताया है कि औसतन सभी मॉडलों की कीमतों में करीब 1.50% की वृद्धि की जाएगी।

किस गाड़ी पर कितना बढ़ेगा दाम?

मर्सिडीज की सबसे किफायती मानी जाने वाली C-क्लास जैसी एंट्री-लेवल लग्जरी कार पर सबसे कम, यानी 90,000 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। इस बढ़ोतरी के बाद C-क्लास की शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत अब 60.3 लाख रुपये हो जाएगी।

वहीं, कंपनी की सबसे प्रीमियम और महंगी सेडान, Mercedes-Maybach S-Class, की कीमत में सबसे ज़्यादा, पूरे 12.20 लाख रुपये की वृद्धि हुई है। इसकी नई शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत अब 3.60 करोड़ रुपये होगी।

इसके अलावा, मर्सिडीज के दूसरे पॉपुलर मॉडल्स जैसे GLE, GLS, EQB और E-Class की कीमतें भी इन दो चरणों में बढ़ेंगी। साफ है कि लग्जरी कार बाजार में अब खरीददारों को ज़्यादा कीमत चुकानी पड़ेगी।

आखिर कीमतें क्यों बढ़ा रही है कंपनी?

मर्सिडीज-बेंज इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ संतोष अय्यर ने बताया कि इस फैसले के पीछे मुख्य कारण है भारतीय रुपये की लगातार गिरती कीमत और चीज़ें आयात (Import) करने की बढ़ती लागत।

उन्होंने समझाया कि मर्सिडीज की कारों के कई महंगे पार्ट्स और एडवांस टेक्नोलॉजी विदेशों से आयात की जाती है। डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये के कमज़ोर होने से इन इंपोर्टेड चीज़ों को खरीदने का खर्च काफी बढ़ गया है। कंपनी इसी बढ़ते खर्च का कुछ बोझ ग्राहकों पर डाल रही है।

ग्राहकों के लिए क्या विकल्प हैं?

कंपनी ने यह भी कहा है कि कीमतों में हुई वृद्धि का ग्राहकों पर ज़्यादा असर न पड़े, इसके लिए मर्सिडीज की फाइनेंशियल सर्विस यूनिट (MBFS) कई तरह के आसान फाइनेंस विकल्प पेश कर रही है। ग्राहक आसान किस्तों या अपनी जरूरत के हिसाब से बनाए गए लोन प्लान के ज़रिए बढ़ी हुई कीमत का प्रबंधन कर सकते हैं।

क्या करें अगर मर्सिडीज खरीदने का प्लान है?

अगर आप जल्द ही मर्सिडीज खरीदने का मन बना रहे हैं, तो यह शायद सबसे सही समय है। क्योंकि 1 जून 2025 के बाद कीमतें यकीनन बढ़ जाएंगी, इसलिए जितनी जल्दी हो सके अपना फैसला लेना आपके लिए फायदेमंद हो सकता है।

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Author of Bolbindas

Contributor and Lead Editor. Writing deep insights and analytical commentaries.

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