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Mohan Bhagwat: मोहन भागवत ने पीएम मोदी के रिटायरमेंट का किया इशारा?

Mohan Bhagwat: संघ प्रमुख मोहन भागवत के एक बयान ने देश की राजनीति में हलचल मचा दी है। उन्होंने एक कार्यक्रम में कहा कि 75 साल की उम्र के बाद राजनीतिक नेताओं को

Chetan
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2025-07-11
Mohan Bhagwat: मोहन भागवत ने पीएम मोदी के रिटायरमेंट का किया इशारा?
Mohan Bhagwat: मोहन भागवत ने पीएम मोदी के रिटायरमेंट का किया इशारा?

Mohan Bhagwat: संघ प्रमुख मोहन भागवत के एक बयान ने देश की राजनीति में हलचल मचा दी है। उन्होंने एक कार्यक्रम में कहा कि 75 साल की उम्र के बाद राजनीतिक नेताओं को नेतृत्व छोड़ देना चाहिए और नई पीढ़ी के लिए रास्ता बनाना चाहिए। भागवत के इस बयान को कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) पर निशाना साधने का मौका बना लिया है।

कांग्रेस ने की पीएम मोदी के “रिटायरमेंट” की मांग

कांग्रेस नेता जयराम रमेश (Jairam Ramesh) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में पीएम मोदी को “गरीब, पुरस्कार-विजेता प्रधानमंत्री!” बताया। उन्होंने कहा कि RSS प्रमुख ने वापसी पर पीएम मोदी को याद दिलाया कि वह 17 सितंबर, 2025 को 75 साल के हो जाएंगे। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए पवन खेड़ा (Pawan Khera) ने कहा कि पीएम मोदी और मोहन भागवत दोनों को “अपने बैग उठाने चाहिए और चले जाना चाहिए।” खेड़ा ने कहा, “अब आप दोनों अपना बैग उठाइए और एक-दूसरे को मार्गदर्शन दीजिए।”

संजय राउत ने उठाए पीएम मोदी पर सवाल

शिवसेना (यूबीटी) के सांसद संजय राउत (Sanjay Raut) ने सवाल उठाया है कि क्या पीएम मोदी खुद पर भी वही रिटायरमेंट नियम लागू करेंगे जो कथित तौर पर 75 साल के होने के बाद वरिष्ठ भाजपा नेताओं जैसे एल.के. आडवाणी (LK Advani), मुरली मनोहर जोशी (Murli Manohar Joshi), और जसवंत सिंह (Jaswant Singh) जैसे नेताओं को किनारे करने के लिए इस्तेमाल किया गया था। राउत ने कहा, “पीएम मोदी ने 75 साल के होने के बाद एल.के. आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी और जसवंत सिंह जैसे नेताओं को रिटायर होने के लिए मजबूर किया था। देखते हैं कि क्या वह अब खुद पर वही नियम लागू करते हैं।”

भागवत के बयान का क्या है मतलब?

मोहन भागवत ने बुधवार को नागपुर में एक पुस्तक विमोचन कार्यक्रम में कहा, “जब आप 75 साल के हो जाते हैं, तो इसका मतलब है कि आपको अब रुक जाना चाहिए और दूसरों के लिए रास्ता बनाना चाहिए।” उन्होंने दिवंगत RSS विचारक मोरपंत पिंगले (Moropant Pingle) के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि पिंगले का मानना था कि 75 साल का होना यह संकेत है कि व्यक्ति को विनम्रता से अलग हो जाना चाहिए। भागवत ने जोड़ा, “मोरपंत पिंगले ने एक बार कहा था कि अगर 75 साल की उम्र के बाद आपको शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया जाता है, तो इसका मतलब है कि आपको अब रुक जाना चाहिए, आप बूढ़े हो गए हैं; अलग हो जाएं और दूसरों को आने दें।”

यह टिप्पणी इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि मोहन भागवत और पीएम मोदी दोनों का जन्म सितंबर 1950 में हुआ है – भागवत का 11 सितंबर को और पीएम मोदी का 17 सितंबर को।

पीएम मोदी के रिटायरमेंट की चर्चाएँ

राउत ने पहले भी दावा किया था कि पीएम मोदी की संघ मुख्यालय, नागपुर की यात्रा, जो एक दशक से अधिक समय में उनकी पहली यात्रा थी, उनके संभावित रिटायरमेंट पर चर्चा करने के लिए थी। हालांकि, भाजपा ने उस समय इस दावे को रूटीन दौरा बताकर खारिज कर दिया था। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने मई 2023 में रिटायरमेंट की अफवाहों को खारिज करते हुए कहा था, “मोदी जी 2029 तक नेतृत्व करते रहेंगे। भाजपा के संविधान में कोई रिटायरमेंट क्लॉज नहीं है।”

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Author of Bolbindas

Contributor and Lead Editor. Writing deep insights and analytical commentaries.

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