Noida Skywalk: नोएडा के निवासियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है, क्योंकि शहर में जल्द ही एक भव्य स्काईवॉक का निर्माण होने जा रहा है. यह प्रोजेक्ट न केवल शहर के बुनियादी ढांचे को एक नया आयाम देगा, बल्कि लाखों लोगों के दैनिक जीवन को भी आसान बनाएगा. 530 मीटर लंबा और 4 मीटर चौड़ा यह स्काईवॉक नोएडा के सबसे व्यस्त इलाकों में से एक में सुरक्षित और सुविधाजनक पैदल मार्ग प्रदान करेगा, जिस पर लगभग 43 करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है.
नोएडा के विकास में एक नया मील का पत्थर
नोएडा प्राधिकरण ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना को सेक्टर-62 के मॉडल टाउन गोलचक्कर पर बनाने की योजना बनाई है. इस स्काईवॉक का मुख्य उद्देश्य दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, मेरठ और बुलंदशहर जैसे शहरों से आने वाले लगभग 8 लाख दैनिक यात्रियों को राहत पहुंचाना है. भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) द्वारा डिजाइन किए गए इस प्रोजेक्ट का टेंडर जल्द ही जारी होने की उम्मीद है, और इसे रिकॉर्ड छह महीने में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है.
यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा सर्वोपरि
यह स्काईवॉक दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे के निकट बनाया जाएगा, जो एक ऐसा क्षेत्र है जहाँ पैदल चलने वालों के लिए सड़क पार करना हमेशा एक बड़ी चुनौती रही है. वाहनों की तेज गति के कारण यहाँ दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बना रहता है. इस स्काईवॉक के निर्माण से न केवल पैदल यात्रियों को एक सुरक्षित विकल्प मिलेगा, बल्कि सड़क पर भीड़ कम होने से यातायात का प्रवाह भी बेहतर होगा.
यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इस स्काईवॉक में नोएडा की ओर दो एस्केलेटर और दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे के कोनों पर दो लिफ्ट भी लगाई जाएंगी. यह सुविधा विशेष रूप से बुजुर्गों, महिलाओं और दिव्यांगों के लिए बहुत फायदेमंद साबित होगी, जिससे वे बिना किसी परेशानी के स्काईवॉक का उपयोग कर सकेंगे.
आधुनिक डिजाइन और बेहतर कनेक्टिविटी
इस स्काईवॉक को एक गोलाकार आकार में डिजाइन किया जा रहा है, जिसकी छत लोहे से बनी होगी. यह डिजाइन यात्रियों को बारिश और तेज धूप से बचाएगा, जिससे उनका सफर और भी आरामदायक हो जाएगा. यह स्काईवॉक गाजियाबाद से नोएडा आने वाले यात्रियों के लिए एक नया और सुगम मार्ग खोलेगा. इसे पास के फुट ओवरब्रिज से भी जोड़ा जाएगा, जिससे आवागमन और भी आसान हो जाएगा.
सेक्टर-62: एक प्रमुख व्यावसायिक और शैक्षिक केंद्र
नोएडा का सेक्टर-62 एक प्रमुख व्यावसायिक और शैक्षिक केंद्र है, जहाँ कई बड़ी आईटी कंपनियाँ, कॉलेज और मेट्रो स्टेशन स्थित हैं. विशेष रूप से इलेक्ट्रॉनिक सिटी मेट्रो स्टेशन के पास स्थित मॉडल टाउन गोलचक्कर पर सुबह और शाम के समय भारी जाम लगता है, क्योंकि हजारों लोग यहाँ से बस, ऑटो और मेट्रो के माध्यम से अपने गंतव्य तक पहुँचते हैं. इस नए स्काईवॉक के निर्माण से पैदल चलने वालों को सड़क पार करने में आसानी होगी और ट्रैफिक जाम की समस्या में भी कमी आएगी.
नोएडा प्राधिकरण के महाप्रबंधक एस.पी. सिंह के अनुसार, यह स्काईवॉक सेक्टर-62, 63 और छिजारसी जैसे घनी आबादी वाले और व्यस्त इलाकों के लोगों के लिए विशेष रूप से फायदेमंद होगा.
भविष्य की योजनाएं और बेहतर कनेक्टिविटी
इस स्काईवॉक के अलावा, नोएडा प्राधिकरण ने सेक्टर-62 से ममूरा तक एक मॉडल रोड बनाने की भी योजना बनाई है. यह 3.5 किलोमीटर लंबी सड़क होगी, जिस पर पैदल यात्रियों की सुविधा के लिए और भी स्काईवॉक बनाए जाएँगे. इसके अतिरिक्त, दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे के पास एक समर्पित ऑटो स्टैंड का भी निर्माण किया जाएगा, ताकि ऑटो रिक्शा के कारण लगने वाले जाम को रोका जा सके. इन सभी पहलों से न केवल पैदल यात्रियों को लाभ होगा, बल्कि सड़कों पर वाहनों का दबाव भी कम होगा, जिससे नोएडा एक और भी बेहतर और सुगम शहर बन सकेगा.
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