Rath Yatra: कनाडा के टोरंटो में रथयात्रा के दौरान हुई एक घटना ने भारत में तूल पकड़ लिया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में देखा जा सकता है कि रथयात्रा के दौरान कुछ शरारती तत्वों द्वारा अंडे फेंके जा रहे हैं। इस घटना पर भारत सरकार की ओर से कड़ी प्रतिक्रिया आई है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जयसवाल ने इस मामले पर चिंता जताते हुए कहा कि यह कृत्य निंदनीय है और यह एकता व सामाजिक सद्भाव को बढ़ावा देने वाले उत्सव की भावना के खिलाफ है।
क्या है पूरा मामला?
यह वीडियो टोरंटो में हुई रथयात्रा का है, जिसमें बड़ी संख्या में भक्त भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा निकाल रहे थे। तभी कुछ लोगों ने भीड़ में अंडे फेंकना शुरू कर दिया। इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ, जिसमें महिला के अलावा कुछ और लोग भी नजर आ रहे हैं। वीडियो में दिख रही एक महिला ने कहा है कि रथयात्रा के दौरान उन पर अंडे फेंके गए, और उन्होंने इसकी वजह किसी की ईर्ष्या बताई।
भारत सरकार की प्रतिक्रिया:
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जयसवाल ने कहा, “हमने वो रिपोर्ट देखी जिसमें टोरंटो में शरारती तत्वों ने रथयात्रा के दौरान व्यवधान पैदा करने की कोशिश की। इस तरह की हरकतें निंदनीय हैं। ये एकता और सामाजिक सद्भावना को बढ़ावा देने वाले उत्सव को ठेस पहुंचाती हैं।” उन्होंने आगे कहा, “हमने यह मामला कनाडाई अधिकारियों के सामने रखा है। उनसे एक्शन लेने को कहा है। हमें उम्मीद है कि कनाडाई सरकार लोगों के धार्मिक अधिकारों की रक्षा के लिए आवश्यक कार्रवाई करेगी।”
ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया:
ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने भी इस घटना पर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं से न केवल भगवान जगन्नाथ के भक्तों की भावनाएं आहत होती हैं, बल्कि ओडिशा के लोगों को भी गहरा दुख पहुंचता है, जिनके लिए यह त्यौहार भावनात्मक और सांस्कृतिक महत्व रखता है। उन्होंने कहा कि अगर मीडिया रिपोर्ट्स सही हैं, तो ओडिशा सरकार को इस मामले को गंभीरता से लेना चाहिए और विदेश मंत्रालय के साथ मिलकर कनाडाई अधिकारियों से कड़ी आपत्ति दर्ज करानी चाहिए।
रथयात्रा का महत्व और ऐसी घटनाओं का प्रभाव:
रथयात्रा भारत के सबसे महत्वपूर्ण और भव्य त्योहारों में से एक है, जो ओडिशा के पुरी से शुरू होकर देश-विदेश में मनाया जाता है। यह उत्सव भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा की यात्रा का प्रतीक है। यह त्योहार एकता, प्रेम और सामाजिक समरसता का संदेश देता है। ऐसी घटनाओं से न केवल धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचती है, बल्कि यह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी गलत संदेश दे सकती हैं। भारत सरकार की यह मांग जायज है कि ऐसे कृत्यों के पीछे जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।
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