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Operation Sindoor: भारत-अमेरिका ‘ऑपरेशन सिंदूर' पर सपा का विस्फोटक सवाल

Operation Sindoor: समाजवादी पार्टी (सपा) ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान भारत और अमेरिका के बीच किसी भी तरह की बातचीत न होने के सरकार के दावे पर गंभीर स

Priyanshi
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2025-07-29
Operation Sindoor: भारत-अमेरिका ‘ऑपरेशन सिंदूर' पर सपा का विस्फोटक सवाल
Operation Sindoor: भारत-अमेरिका ‘ऑपरेशन सिंदूर' पर सपा का विस्फोटक सवाल

Operation Sindoor: समाजवादी पार्टी (सपा) ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान भारत और अमेरिका के बीच किसी भी तरह की बातचीत न होने के सरकार के दावे पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं. सपा सांसद राजीव राय ने मंगलवार को केंद्र सरकार पर तंज कसते हुए पूछा कि क्या अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप महाभारत के ‘संजय’ हैं, जिन्हें बिना किसी संवाद के सब कुछ पता चल गया. यह बयान भारत-अमेरिका संबंधों और पाकिस्तान के साथ तनाव के संदर्भ में एक महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रम है.

न्यूज एजेंसी एएनआई के एक सवाल का जवाब देते हुए राजीव राय ने कहा, “सरकार सवालों से भागने और छिपने का एक असफल प्रयास कर रही है. सरकार की ओर سے किसी भी सवाल का जवाब नहीं दिया गया है.” उन्होंने आगे कहा, “वे मेंढक और शेर के बारे में बात करते रहे. देश को एक शेर की तरह रक्षा मंत्री चाहिए था, जैसा कि 1997 में सियाचिन जाकर पाकिस्तान को चुनौती दी थी, न कि ऐसा जो तीन दिनों के भीतर संघर्ष विराम कर दे, वह भी डोनाल्ड ट्रंप की घोषणा के बाद.”

क्या ट्रंप महाभारत के ‘संजय’ हैं?

राजीव राय ने विदेश मंत्री एस. जयशंकर के उस बयान पर भी निशाना साधा जिसमें उन्होंने कहा था कि इस अवधि में दोनों नेताओं के बीच कोई सीधी बातचीत नहीं हुई. राय ने कहा, “‘अबकी बार ट्रंप सरकार’ के लिए कथा-पूजा और हवन आयोजित किए गए थे. क्या उन्होंने ट्रंप को महाभारत का संजय बना दिया है, जिसे बिना किसी बातचीत के ही यह पता चल गया कि भारत पाकिस्तान द्वारा दिए गए किसी भी प्रस्ताव को स्वीकार कर लेगा?” यह टिप्पणी भारत की विदेश नीति और राष्ट्रीय सुरक्षा पर एक बड़ी बहस छेड़ सकती है, खासकर जब यह अमेरिका और पाकिस्तान के साथ संबंधों को लेकर हो.

भारत और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट मैच की संभावना पर पूछे गए एक सवाल के जवाब में राजीव राय ने कहा, “देश की भावनाएं इस समय पाकिस्तान के खिलाफ हैं. मुझे लगता है कि उन खिलाड़ियों का भी खून खौलेगा, जिनके देश ने उनके निर्दोष लोगों की जान ले ली.” यह बयान दोनों देशों के बीच मौजूदा तनाव को दर्शाता है.

लोकसभा में विदेश मंत्री का बयान

गौरतलब है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के इस दावे के बाद कि उन्होंने संघर्ष को रोकने में मदद की, विपक्ष ने सरकार से जवाब मांगा था. इस पर विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सोमवार को लोकसभा में कहा, “प्रधानमंत्री मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के बीच 22 अप्रैल से 17 जून के बीच कोई सीधा संवाद नहीं हुआ था.” उन्होंने स्पष्ट किया कि 22 अप्रैल को ट्रंप ने पुलवामा हमले के बाद मोदी से बात की थी और 17 जून को मोदी की कनाडा यात्रा के दौरान दोनों के बीच फोन पर बातचीत हुई थी.

सदन में विपक्ष के सदस्यों द्वारा टोकाटाकी किए जाने पर गृह मंत्री अमित शाह ने हस्तक्षेप करते हुए कहा, “हमारी आपत्ति यह है कि विपक्ष के सदस्य शपथ लेकर सदस्य बने विदेश मंत्री के बयान पर विश्वास नहीं कर रहे हैं, बल्कि दूसरे देशों के बयानों पर भरोसा कर रहे हैं. इसीलिए वे वहां (विपक्ष में) बैठे हैं और अगले 20 साल तक वहीं बैठे रहेंगे.” यह राजनीतिक टकराव भारत की आंतरिक राजनीति में एक महत्वपूर्ण मोड़ है.

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Priyanshi

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Author of Bolbindas

Contributor and Lead Editor. Writing deep insights and analytical commentaries.

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