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Pallavi Patel: BJP को भूलने की बीमारी, पल्लवी पटेल का महिला आरक्षण पर बड़ा धमाका, आधी रात को हुआ था कोई ‘गुप्त' खेल?

Pallavi Patel: उत्तर प्रदेश की सिराथू सीट से समाजवादी पार्टी की विधायक और अपना दल (कमेरावादी) की कद्दावर नेता पल्लवी पटेल एक बार फिर अपने तेवरों को लेकर चर्चा म

Priyanshi
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2026-04-20
Pallavi Patel: BJP को भूलने की बीमारी, पल्लवी पटेल का महिला आरक्षण पर बड़ा धमाका, आधी रात को हुआ था कोई ‘गुप्त' खेल?
Pallavi Patel: BJP को भूलने की बीमारी, पल्लवी पटेल का महिला आरक्षण पर बड़ा धमाका, आधी रात को हुआ था कोई ‘गुप्त' खेल?

Pallavi Patel: उत्तर प्रदेश की सिराथू सीट से समाजवादी पार्टी की विधायक और अपना दल (कमेरावादी) की कद्दावर नेता पल्लवी पटेल एक बार फिर अपने तेवरों को लेकर चर्चा में हैं। इस बार उन्होंने किसी छोटे-मोटे मुद्दे पर नहीं, बल्कि सीधे केंद्र की मोदी सरकार और महिला आरक्षण जैसे संवेदनशील विषय पर ‘जुबानी सर्जिकल स्ट्राइक’ की है। पल्लवी पटेल का आरोप है कि केंद्र सरकार न केवल ओबीसी (OBC), एससी (SC) और एसटी (ST) वर्ग की महिलाओं के अधिकारों की अनदेखी कर रही है, बल्कि वह लोकतंत्र के साथ एक ‘अजीब’ खेल खेल रही है।

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“400 पार का सपना टूटा, तो बीजेपी को लगा सदमा”
पत्रकारों से रूबरू होते हुए पल्लवी पटेल ने बीजेपी पर तंज कसते हुए कहा कि ऐसा लगता है जैसे सत्ताधारी दल को “भूलने की बीमारी” हो गई है। उन्होंने 2024 के लोकसभा चुनावों के नतीजों का जिक्र करते हुए कहा, “जो लोग 400 पार का दावा कर रहे थे, आज वे सीमित होकर रह गए हैं। इस चुनावी हार ने उन्हें सदमे में डाल दिया है और इसी मानसिक स्थिति के कारण वे देश के जरूरी कानूनों को भूलते जा रहे हैं।”

महिला आरक्षण बिल: कब पास हुआ और कहाँ गायब हो गया?
पल्लवी पटेल ने एक बहुत ही पेचीदा और गंभीर सवाल उठाया। उन्होंने याद दिलाया कि 2023 में जब लोकसभा में महिला आरक्षण बिल पेश किया गया था, तो पूरे विपक्ष ने एक सुर में इसका समर्थन किया था। पल्लवी ने सवाल किया, “जब बिल संसद में पास हो गया था और पूरे देश में इसकी हेडलाइन बनी थी, तो अब सरकार यह क्यों कह रही है कि बिल गिर गया? क्या एक बार पास हुआ कानून अपने आप खत्म हो सकता है?”

उन्होंने आगे दावा किया कि 16 अप्रैल की रात को सरकार ने चुपचाप महिला आरक्षण की एक नोटिफिकेशन जारी की थी, लेकिन फिर अचानक सब बदल गया। उनके अनुसार, असल में सरकार परिसीमन (Delimitation) के नाम पर जनता को गुमराह कर रही है।

50% आरक्षण की चुनौती: “विपक्ष तैयार है, क्या सरकार में दम है?”
बीजेपी अक्सर विपक्ष पर महिला विरोधी होने का आरोप लगाती है, लेकिन पल्लवी पटेल ने इस नैरेटिव को पूरी तरह पलट दिया। उन्होंने सरकार को खुली चुनौती देते हुए कहा, “हम विपक्ष में हैं और हम मांग करते हैं कि सरकार फिर से विशेष सत्र बुलाए। आप 33% की बात करते हैं, हम कहते हैं कि महिलाओं को 50% आरक्षण दीजिए। विपक्ष इसका पूरा समर्थन करेगा।” उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी सीधी बात करने के बजाय घुमा-फिराकर आधी आबादी को विपक्ष के खिलाफ भड़काने की साजिश कर रही है।

संविधान और लोकतंत्र को बचाने की जंग
सिराथू विधायक ने पूरे विपक्ष की पीठ थपथपाते हुए कहा कि महिला-पुरुष की राजनीति से ऊपर उठकर इस बार लोकतंत्र को बचाने का काम किया गया है। उन्होंने कहा कि संविधान के नियमों का हवाला देते हुए जिस तरह से सरकार के ‘अलोकतांत्रिक’ विधेयकों को रोका गया, वह इस बात का सबूत है कि विपक्ष अब और अधिक एकजुट और सतर्क है।

पल्लवी पटेल का यह बयान उत्तर प्रदेश ही नहीं बल्कि देश की राजनीति में एक नई बहस को जन्म दे रहा है। क्या वाकई महिला आरक्षण के नाम पर कोई तकनीकी खेल खेला जा रहा है? या फिर यह 2024 के बाद विपक्ष की बढ़ी हुई आक्रामकता का परिणाम है? जो भी हो, पल्लवी पटेल ने यह साफ कर दिया है कि वह OBC, SC और ST महिलाओं की ‘हकमारी’ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेंगी।

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Author of Bolbindas

Contributor and Lead Editor. Writing deep insights and analytical commentaries.

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