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Planetary Parade: 6 ग्रह मिलकर बनाएंगे ‘प्लेनेटरी परेड', जानें भारत में कब और कैसे दिखेगा यह रोंगटे खड़े कर देने वाला पल?

Planetary Parade: खगोल विज्ञान प्रेमियों और अंतरिक्ष की दुनिया में दिलचस्पी रखने वालों के लिए आज का दिन यानी शनिवार, इतिहास के पन्नों में दर्ज होने जा रहा है। अ

Malvika
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2026-02-28
Planetary Parade:  6 ग्रह मिलकर बनाएंगे ‘प्लेनेटरी परेड', जानें भारत में कब और कैसे दिखेगा यह रोंगटे खड़े कर देने वाला पल?
Planetary Parade: 6 ग्रह मिलकर बनाएंगे ‘प्लेनेटरी परेड', जानें भारत में कब और कैसे दिखेगा यह रोंगटे खड़े कर देने वाला पल?

Planetary Parade: खगोल विज्ञान प्रेमियों और अंतरिक्ष की दुनिया में दिलचस्पी रखने वालों के लिए आज का दिन यानी शनिवार, इतिहास के पन्नों में दर्ज होने जा रहा है। अगर आप भी अक्सर रात के अंधेरे में टिमटिमाते तारों को निहारते हैं, तो आज का सूर्यास्त आपके लिए कुछ खास लेकर आ रहा है। आज शाम आसमान में एक ऐसी दुर्लभ खगोलीय घटना होने वाली है, जिसे ‘प्लेनेटरी परेड’ (Planetary Parade) कहा जाता है। सौरमंडल के 6 प्रमुख ग्रह एक कतार में खड़े होकर पृथ्वी वासियों को अपना दीदार देंगे।

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क्या होती है प्लेनेटरी परेड? (What is a Planetary Parade?)
सरल शब्दों में कहें तो जब सौरमंडल के कई ग्रह सूर्य की परिक्रमा करते हुए पृथ्वी से देखने पर एक ही दिशा में और एक सीधी रेखा में नजर आते हैं, तो इसे ‘प्लेनेटरी परेड’ या ग्रहों का संरेखण कहा जाता है। हालांकि, हकीकत में अंतरिक्ष में ये ग्रह एक-दूसरे से करोड़ों किलोमीटर दूर होते हैं और एक लाइन में नहीं होते, लेकिन पृथ्वी की विशेष स्थिति के कारण वे हमें एक कतार में सजे हुए दिखाई देते हैं।

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कौन-कौन से ग्रह इस ‘शाही परेड’ में होंगे शामिल?
आज की इस अद्भुत घटना में सौरमंडल के 6 दिग्गज ग्रह अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे। इनमें बुध (Mercury), शुक्र (Venus), बृहस्पति (Jupiter), शनि (Saturn), यूरेनस (Uranus) और नेपच्यून (Neptune) शामिल हैं। खगोलविदों के अनुसार, इस बार मंगल (Mars) इस परेड का हिस्सा नहीं है, इसलिए इसे ‘6-ग्रहों की परेड’ कहा जा रहा है।

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भारत में कब और कैसे देखें यह नजारा?
इस खगोलीय उत्सव का आनंद लेने के लिए आपको किसी लैब में जाने की जरूरत नहीं है। अगर आसमान साफ रहा, तो भारत समेत दुनिया भर के लोग इसे अपनी खुली आँखों से देख सकेंगे।

  • समय: आज 28 फरवरी को सूर्यास्त के ठीक 30 मिनट बाद।

  • दिशा: आपको आसमान में पश्चिम (West) दिशा की ओर देखना होगा।

  • स्थान: अपने घर की छत, बालकनी या किसी भी खुले मैदान से आप इस नजारे के साक्षी बन सकते हैं।

कौन सा ग्रह सबसे ज्यादा चमकेगा?
इस परेड का सबसे बड़ा आकर्षण शुक्र (Venus) ग्रह होगा। यह पश्चिमी क्षितिज के पास सबसे तेज और सफेद रोशनी के साथ चमकता हुआ दिखाई देगा। वहीं, सौरमंडल का सबसे बड़ा ग्रह बृहस्पति (Jupiter) भी अपनी तेज चमक के साथ दक्षिणी आकाश में ओरायन नक्षत्र (Orion Constellation) के पास आसानी से पहचाना जा सकेगा।

ग्रह और तारे के बीच कैसे पहचानें अंतर?
कई बार लोग ग्रहों और तारों के बीच भ्रमित हो जाते हैं। इसे पहचानने का एक बहुत आसान तरीका है—आसमान में जो बिंदु टिमटिमा (Twinkle) रहे हैं, वे तारे हैं। लेकिन जो बिंदु स्थिर और तेज रोशनी के साथ चमक रहे हैं, वे ग्रह हैं।

सावधानी और जरूरी उपकरण
जहाँ शुक्र और बृहस्पति को आप अपनी आँखों से साफ देख सकते हैं, वहीं यूरेनस और नेपच्यून को देखने के लिए आपको एक अच्छी दूरबीन या टेलीस्कोप की आवश्यकता होगी। साथ ही, वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि ग्रहों को देखने की कोशिश तभी करें जब सूरज पूरी तरह डूब चुका हो। सीधे सूरज की ओर देखना आपकी आंखों को गंभीर नुकसान पहुँचा सकता है।

क्यों खास है यह घटना?
ग्रहों का इस तरह एक कतार में आना कोई रोज की बात नहीं है। यह ब्रह्मांड की विशालता और उसकी सटीक व्यवस्था को समझने का एक बेहतरीन मौका है। शहरों में रहने वाले लोग, जहाँ लाइट प्रदूषण अधिक होता है, वे किसी ऊँची इमारत की छत पर जाकर इस नजारे का बेहतर आनंद ले सकते हैं।

तो तैयार हो जाइए, आज की शाम प्रकृति के इस जादुई शो का हिस्सा बनने के लिए! अपने परिवार और बच्चों को भी यह नजारा दिखाएं, क्योंकि ऐसी खगोलीय घटनाएं वर्षों में एक बार ही देखने को मिलती हैं।

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Author of Bolbindas

Contributor and Lead Editor. Writing deep insights and analytical commentaries.

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