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PMEGP: प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, स्वरोजगार और ग्रामीण रोजगार के लिए अवसर

PMEGP: प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) भारत सरकार की क्रेडिट-लिंक्ड सब्सिडी योजना है, जिसे अगस्त 2008 में लॉन्च किया गया था। यह योजना ग्रामीण और शहरी

Priyanshi
Priyanshi
2025-08-29
PMEGP: प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, स्वरोजगार और ग्रामीण रोजगार के लिए अवसर
PMEGP: प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, स्वरोजगार और ग्रामीण रोजगार के लिए अवसर

PMEGP: प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) भारत सरकार की क्रेडिट-लिंक्ड सब्सिडी योजना है, जिसे अगस्त 2008 में लॉन्च किया गया था। यह योजना ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में गैर-कृषि क्षेत्र के माइक्रो एंटरप्राइज स्थापित करने के माध्यम से रोजगार सृजन को बढ़ावा देती है।

PMEGP को प्रधानमंत्री रोजगार योजना (PMRY) और ग्रामीण रोजगार सृजन कार्यक्रम (REGP) को मिलाकर बनाया गया था। यह योजना अब 15वीं वित्त आयोग की अवधि (2021-22 से 2025-26) के लिए जारी है।


योजना का बजट और लक्ष्य

  • कुल मंजूर राशि: ₹13,554.42 करोड़ (2021-22 से 2025-26 तक)

  • लक्षित परियोजनाएं: लगभग 4,00,000 माइक्रो-एंटरप्राइज स्थापित करना

  • रोजगार सृजन: लगभग 30,00,000 रोजगार सृजित (प्रति यूनिट 8 व्यक्ति)

  • यूनिट अपग्रेडेशन: हर वित्तीय वर्ष में 1,000 यूनिट अपग्रेड की जाएंगी


PMEGP के उद्देश्य

  1. स्वरोजगार अवसर: ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में नए स्वरोजगार उद्यम/माइक्रो-एंटरप्राइज स्थापित करना।

  2. कला और हस्तशिल्प का संवर्धन: परंपरागत कारीगरों और बेरोजगार युवाओं को उनके स्थान पर रोजगार देना।

  3. स्थायी रोजगार: परंपरागत और संभावित कारीगरों एवं बेरोजगार युवाओं को दीर्घकालिक रोजगार प्रदान करना और ग्रामीण से शहरी पलायन को रोकना।

  4. आय वृद्धि: कारीगरों और श्रमिकों की आय बढ़ाना और ग्रामीण-शहरी रोजगार में वृद्धि करना।


कार्यान्वयन एजेंसियाँ

राष्ट्रीय स्तर पर:

  • मुख्य एजेंसी: खादी एवं ग्राम उद्योग आयोग (KVIC)

  • प्रशासनिक नियंत्रण: सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय (MSME)

  • भूमिका: योजना का समग्र प्रबंधन और नीति निर्धारण

राज्य और जिला स्तर पर:

  • राज्य KVIC कार्यालय और राज्य खादी एवं ग्राम उद्योग बोर्ड (KVIBs)

  • जिला उद्योग केंद्र (DICs)

  • कोयर बोर्ड: कोयर संबंधी गतिविधियों के लिए

  • बैंक: क्रेडिट सुविधा और सब्सिडी वितरण


PMEGP में पात्रता

  • आयु: 18 वर्ष से ऊपर (विशेष श्रेणियों के लिए नियम अलग)

  • क्षेत्र: ग्रामीण और शहरी क्षेत्र के नागरिक

  • पात्र व्यक्ति: बेरोजगार युवा, पारंपरिक कारीगर, और स्वरोजगार इच्छुक उम्मीदवार

  • अन्य शर्तें: कोई पिछली सरकारी मदद या उपक्रम से जुड़ी पात्रता शर्तें


PMEGP के लाभ

  1. क्रेडिट-लिंक्ड सब्सिडी: सरकारी सब्सिडी के साथ आसान ऋण सुविधा

  2. स्वरोजगार अवसर: ग्रामीण और शहरी युवाओं के लिए स्थायी रोजगार

  3. उद्योग संवर्धन: छोटे उद्योग और हस्तशिल्प को बढ़ावा

  4. आय वृद्धि: परियोजना शुरू करके स्थायी आर्थिक लाभ


आवेदन प्रक्रिया

  1. आवेदन: KVIC/KVIB या बैंक शाखा में आवेदन

  2. प्रस्तावित उद्यम: स्वरोजगार परियोजना का विवरण प्रस्तुत करना

  3. बैंक ऋण और सब्सिडी: पात्र आवेदकों को बैंक ऋण और योजना सब्सिडी मिलती है

  4. योजना मंजूरी: KVIC या संबंधित राज्य बोर्ड द्वारा आवेदन की स्वीकृति

1. PMEGP के तहत कौन लाभार्थी हो सकते हैं?

  • बेरोजगार युवा, पारंपरिक कारीगर और स्वरोजगार इच्छुक नागरिक

2. क्या यह योजना केवल ग्रामीण क्षेत्रों के लिए है?

  • नहीं, योजना ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में लागू होती है।

3. परियोजना सब्सिडी की सीमा क्या है?

  • ग्रामीण क्षेत्र में सामान्यत: 25% और शहरी क्षेत्र में 15% सब्सिडी दी जाती है (अनुमोदित लागत के आधार पर)।

4. क्या पहले से कोई सरकारी योजना ली हुई परियोजना PMEGP में शामिल हो सकती है?

  • नहीं, नए माइक्रो-एंटरप्राइज को ही योजना में शामिल किया जाता है।

5. आवेदन ऑनलाइन कैसे करें?

  • KVIC की आधिकारिक वेबसाइट पर लॉगिन कर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।


PMEGP का सामाजिक और आर्थिक महत्व

  • ग्रामीण विकास: ग्रामीण युवाओं के लिए स्थायी रोजगार और स्वरोजगार।

  • आय में वृद्धि: परिवार और समुदाय के आर्थिक सशक्तिकरण में योगदान।

  • परंपरागत कारीगरों का संरक्षण: स्थानीय हस्तशिल्प और कला का संवर्धन।

  • शहरी पलायन कम करना: ग्रामीण युवाओं को अपने क्षेत्र में रोजगार के अवसर प्रदान करना।

प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) भारत सरकार की महत्वपूर्ण रोजगार योजना है, जो ग्रामीण और शहरी युवाओं को स्वरोजगार के माध्यम से आर्थिक सुरक्षा प्रदान करती है। यह योजना न केवल रोजगार सृजन करती है बल्कि छोटे उद्योगों और हस्तशिल्प को भी बढ़ावा देती है।

अधिक जानकारी और आवेदन के लिए: KVIC Official Website

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Author of Bolbindas

Contributor and Lead Editor. Writing deep insights and analytical commentaries.

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