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President Droupadi Murmu Vrindavan Visit: मूसलाधार बारिश के बीच जब संत प्रेमानंद के चरणों में पहुंचीं राष्ट्रपति मुर्मु, देखें वो भावुक पल

President Droupadi Murmu Vrindavan Visit: ब्रज की पावन धरती, जहाँ की हवाओं में भी ‘राधे-राधे’ की मिठास घुली है, शुक्रवार को एक बेहद दुर्लभ और ऐतिहास

Malvika
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2026-03-20
President Droupadi Murmu Vrindavan Visit: मूसलाधार बारिश के बीच जब संत प्रेमानंद के चरणों में पहुंचीं राष्ट्रपति मुर्मु, देखें वो भावुक पल
President Droupadi Murmu Vrindavan Visit: मूसलाधार बारिश के बीच जब संत प्रेमानंद के चरणों में पहुंचीं राष्ट्रपति मुर्मु, देखें वो भावुक पल

President Droupadi Murmu Vrindavan Visit: ब्रज की पावन धरती, जहाँ की हवाओं में भी ‘राधे-राधे’ की मिठास घुली है, शुक्रवार को एक बेहद दुर्लभ और ऐतिहासिक दृश्य की गवाह बनी। देश की प्रथम नागरिक, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु (President Droupadi Murmu), राजनीति और प्रोटोकॉल की सारी सीमाओं को पीछे छोड़कर एक अनन्य भक्त के रूप में वृंदावन की गलियों में नजर आईं। अवसर था—विख्यात संत प्रेमानंद जी महाराज (Premanand Ji Maharaj) से भेंट और उनका आशीर्वाद प्राप्त करना।

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1. मूसलाधार बारिश और ‘राधे-राधे’ का उद्घोष

शुक्रवार सुबह से ही मथुरा-वृंदावन का मौसम बेहद चुनौतीपूर्ण बना हुआ था। आसमान से आफत बनकर बरसती बारिश और तेज हवाओं ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया था। लेकिन राष्ट्रपति के कदम नहीं डगमगाए। जैसे ही उनका काफिला परिक्रमा मार्ग स्थित ‘श्री हित राधा केली कुंज आश्रम’ (Shri Hit Radha Keli Kunj Ashram) पहुंचा, पूरा वातावरण ‘राधे-राधे’ के जयकारों से गूँज उठा। भक्त और भगवान के बीच की इस कड़ी में मौसम की हर बाधा छोटी पड़ गई।

2. कुटिया के भीतर का वो आध्यात्मिक संवाद

राष्ट्रपति मुर्मु जब प्रेमानंद महाराज के सानिध्य में बैठीं, तो उनके चेहरे पर एक असीम शांति और श्रद्धा के भाव थे। यह मुलाकात पूरी तरह निजी और एकांत रखी गई थी। सूत्रों के मुताबिक, कुटिया के भीतर राष्ट्रपति ने संत के मुख से भक्ति, ‘नाम जप’ (Naam Jap) की महिमा और निस्वार्थ सेवा के महत्व को बड़ी एकाग्रता से सुना।

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कहा जा रहा है कि संत के वचनों को सुनते हुए राष्ट्रपति भावुक हो गईं। संत प्रेमानंद, जो अपनी सादगी और राधा रानी के प्रति अटूट प्रेम के लिए जाने जाते हैं, उन्होंने राष्ट्रपति को देश सेवा के साथ-साथ आध्यात्मिक मार्ग पर चलने का मार्ग दिखाया।

3. जब ‘खाकी’ ने पेश की कर्तव्यपरायणता की मिसाल

राष्ट्रपति की इस यात्रा को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए मथुरा प्रशासन ने जो किया, उसकी चर्चा आज हर तरफ हो रही है। डीएम सीपी सिंह (DM CP Singh) और एसएसपी श्लोक कुमार (SSP Shlok Kumar) खुद भारी बारिश के बीच सड़कों पर डटे रहे।

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सबसे ज्यादा दिल जीतने वाली तस्वीर पुलिस के उन जवानों की थी, जो घुटनों तक भरे पानी में घंटों खड़े रहे ताकि राष्ट्रपति का काफिला बिना किसी बाधा के गुजर सके। मूसलाधार बारिश और शून्य विजिबिलिटी के बावजूद, प्रशासन की मुस्तैदी ने यह सुनिश्चित किया कि ‘महामहिम’ की भक्ति यात्रा में कोई कमी न रहे।

4. आस्था के रंग में डूबीं राष्ट्रपति

मुलाकात के बाद राष्ट्रपति काफी अभिभूत नजर आईं। उन्होंने संत का आशीर्वाद लिया और उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प दोहराया। इसके बाद वे अल्पाहार के लिए होटल की ओर रवाना हुईं। ब्रजवासियों के लिए यह पल किसी उत्सव से कम नहीं था, जहाँ देश की सर्वोच्च शक्ति (Satta) ने आध्यात्मिक शक्ति (Astha) के सामने अपना शीश नवाया।

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राजनीति से ऊपर उठी अध्यात्म की शक्ति

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु की यह वृंदावन यात्रा केवल एक आधिकारिक दौरा नहीं थी, बल्कि यह भारत की उस महान संस्कृति का प्रतीक थी जहाँ राष्ट्रपति भी एक गुरु के द्वार पर साधारण शिष्य की तरह पहुंचता है। प्रेमानंद महाराज का आशीर्वाद और ब्रज की रज ने निश्चित ही राष्ट्रपति के इस दौरे को यादगार बना दिया।

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Author of Bolbindas

Contributor and Lead Editor. Writing deep insights and analytical commentaries.

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