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Property in India: जमीन रजिस्ट्री का बदला नियम, 117 साल पुराने कानून की जगह लेगा नया बिल, आधार होगा ज़रूरी

Property in India: देशभर में प्रॉपर्टी (Property in India) खरीदने या बेचने की प्रक्रिया में जल्द ही एक बड़ा बदलाव आने वाला है! केंद्र सरकार (Central Government)

Malvika
Malvika
2025-06-29
Property in India: जमीन रजिस्ट्री का बदला नियम, 117 साल पुराने कानून की जगह लेगा नया बिल, आधार होगा ज़रूरी
Property in India: जमीन रजिस्ट्री का बदला नियम, 117 साल पुराने कानून की जगह लेगा नया बिल, आधार होगा ज़रूरी

Property in India: देशभर में प्रॉपर्टी (Property in India) खरीदने या बेचने की प्रक्रिया में जल्द ही एक बड़ा बदलाव आने वाला है! केंद्र सरकार (Central Government) ने 117 साल पुराने Registration Act, 1908 (117-Year-Old Act) को समाप्त कर उसकी जगह एक बिल्कुल नए, आधुनिक और डिजिटल फोकस्ड रजिस्ट्रेशन बिल (Digital Focused Registration Bill) को लाने की कवायद तेज कर दी है। यह नया रजिस्ट्रेशन कानून (New Registration Law) दस्तावेजों की डिजिटल सुरक्षा (Digital Security of Documents) सुनिश्चित करेगा और संपत्ति के ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन (Online Property Registration) को अनिवार्य बनाएगा, जो संपत्ति बाजार (Real Estate Market) में पारदर्शिता और सरलता लाएगा।

वर्तमान में देशभर में पुराना रजिस्ट्रेशन कानून (Existing Registration Law) लागू है, लेकिन राज्य सरकारों (State Governments) को इसमें अपनी जरूरत के अनुसार बदलाव करने का अधिकार है, हालांकि इसके लिए केंद्र सरकार से परामर्श (Consultation with Central Govt.) लेना भी आवश्यक है। कई राज्यों ने पहले ही कानून में आवश्यक बदलाव करके ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन (Online Registration Facility) की सुविधा शुरू कर दी है, जो प्रक्रिया को तेज और सुगम बनाता है। इसी को ध्यान में रखते हुए, केंद्र सरकार ने पूरे देश में एक समान रूप से लागू होने वाले व्यापक कानून (Comprehensive Law) को बनाने का निर्णय लिया है, ताकि संपत्ति पंजीकरण (Property Registration) में राष्ट्रीय एकरूपता (National Uniformity) आए और डिजिटल इंडिया (Digital India Initiative) को और मजबूती मिले।

दस्तावेजों की डिजिटल सुरक्षा सुनिश्चित होगी (Digital Security of Documents Assured):
भूमि संसाधन विभाग (Land Resources Department), ग्रामीण विकास मंत्रालय (Ministry of Rural Development) ने इस महत्वपूर्ण मसौदे (Important Draft Bill) को आम जनता के लिए उपलब्ध (Available for Public Feedback) कराया है, ताकि लोगों की राय और सुझावों को शामिल किया जा सके। यह प्रस्तावित नया रजिस्ट्रेशन बिल (New Registration Bill) पुराने रजिस्ट्रेशन अधिनियम (Registration Act) की जगह लेगा, जिसका मुख्य उद्देश्य दस्तावेजों की डिजिटल सुरक्षा (Digital Security of Property Documents) को पुख्ता करना है। यह कदम जमीन के मालिकाना हक (Land Ownership) को लेकर होने वाले फर्जीवाड़े (Fraud) और धोखाधड़ी (Forgery) पर लगाम लगाने में अत्यंत प्रभावी होगा। ई-रजिस्ट्रेशन (E-Registration) की सुविधा इसे और भी पारदर्शी बनाएगी।

राज्य सरकारों को अधिकार, पर केंद्र का मार्गदर्शन ज़रूरी (States’ Right to Amend, But Central Consultation Necessary):
यह सच है कि वर्तमान व्यवस्था में राज्य सरकारों को (State Governments) स्थानीय जरूरतों के अनुसार रजिस्ट्रेशन कानूनों (Registration Laws) में बदलाव करने का अधिकार प्राप्त है, लेकिन इसके लिए केंद्र से परामर्श लेना (Consult Central Government) एक आवश्यक औपचारिकता है। इसे ध्यान में रखते हुए, केंद्र सरकार ने पूरे देश में एक समान और आधुनिक रजिस्ट्रेशन प्रणाली (Modern Registration System) लागू करने का फैसला किया है, जो सभी राज्यों के लिए एक समान हो और डिजिटल रिकॉर्ड्स (Digital Records) को बढ़ावा दे।

आधार आधारित ई-वेरिफिकेशन अनिवार्य (Aadhaar-Based Verification Mandatory):
सरकार (Government of India) ने इस नए बिल में आधार आधारित सत्यापन प्रणाली (Aadhaar-Based Verification System) को भी प्रस्तावित किया है, जिसमें नागरिकों की सहमति (Citizen Consent) आवश्यक होगी। उन लोगों के लिए भी एक वैकल्पिक सत्यापन का प्रावधान (Alternative Verification Provision) होगा जो अपना आधार नंबर साझा नहीं करना चाहते (Don’t Want to Share Aadhaar) हैं। धोखाधड़ी और फर्जीवाड़ा (Fraud and Forgery) को कम करने के लिए (To Reduce) यह प्रयास अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जिससे संपत्ति बाजार (Property Market Transparency) में पारदर्शिता आएगी।

साथ ही, सरकार रिकॉर्ड्स (Records) और इलेक्ट्रॉनिक रजिस्ट्रेशन प्रमाणपत्रों (Electronic Registration Certificates) को डिजिटल रूप से संरक्षित (Digitally Secured) करने की अनुमति देने जा रही है। अब से, दस्तावेजों की ई-प्रस्तुति (Online Submission of Documents) और रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया (Registration Process) पूरी तरह से ऑनलाइन (Online Registration) होगी, जो न केवल समय बचाएगी बल्कि भौतिक फाइलों (Physical Files) के रख-रखाव की परेशानी को भी खत्म करेगी। यह संपत्ति पंजीकरण का डिजिटलीकरण (Digitalization of Property Registration) भारत को एक डिजिटल राष्ट्र (Digital Nation) बनाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम है।

‘प्रौद्योगिकी का बढ़ता उपयोग और बदलते सामाजिक-आर्थिक व्यवहार’ (Increasing Use of Technology and Changing Socio-Economic Behavior):
भूमि संसाधन विभाग (Land Resources Department) ने अपने एक आधिकारिक बयान में कहा है, “हाल के वर्षों में (In Recent Years)तकनीक का बढ़ता उपयोग (Increasing Use of Technology)बदलते सामाजिक-आर्थिक व्यवहार (Changing Socio-Economic Behaviors) और पंजीकृत दस्तावेजों (Registered Documents) पर बढ़ती निर्भरता ने एक आधुनिक और भविष्य उन्मुख पंजीकरण प्रणाली (Modern and Future-Oriented Registration System) की सख्त आवश्यकता को रेखांकित किया है।” विभाग ने इस मसौदे (Draft Bill) पर आम लोगों से भी विचार मांगे हैं (Seeking Public Opinion) ताकि इसे और भी बेहतर बनाया जा सके। यह जनता की भागीदारी (Public Participation) सुनिश्चित करता है।


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Author of Bolbindas

Contributor and Lead Editor. Writing deep insights and analytical commentaries.

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