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Rahul Gandhi vs Election Commission: चुनाव आयोग ने सबूतों के साथ मांगा हलफनामा, झूठे आरोप लगे तो होगी कानूनी कार्रवाई?

Rahul Gandhi vs Election Commission: वोटर लिस्ट में धांधली के आरोपों को लेकर चल रहा राजनीतिक घमासान अब एक निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है. कर्नाटक के मुख्य निर्वा

Chetan
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2025-08-07
Rahul Gandhi vs Election Commission: चुनाव आयोग ने सबूतों के साथ मांगा हलफनामा, झूठे आरोप लगे तो होगी कानूनी कार्रवाई?
Rahul Gandhi vs Election Commission: चुनाव आयोग ने सबूतों के साथ मांगा हलफनामा, झूठे आरोप लगे तो होगी कानूनी कार्रवाई?

Rahul Gandhi vs Election Commission: वोटर लिस्ट में धांधली के आरोपों को लेकर चल रहा राजनीतिक घमासान अब एक निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है. कर्नाटक के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) ने कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा लगाए गए सनसनीखेज आरोपों पर कड़ा रुख अपनाया है. सीईओ ने राहुल गांधी को एक आधिकारिक पत्र भेजकर मतदाता सूची में अपात्र मतदाताओं के नाम जोड़ने और पात्र मतदाताओं के नाम हटाने के गंभीर आरोपों पर एक शपथ पत्र (Affidavit) दाखिल करने को कहा है.

इस मामले की गंभीरता को देखते हुए, मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने राहुल गांधी और कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल को शुक्रवार, यानी 8 अगस्त 2025 को दोपहर 1 बजे से 3 बजे के बीच मुलाकात का समय भी दिया है, ताकि वे अपने दावों को लेकर साक्ष्य प्रस्तुत कर सकें.

चुनाव आयोग की दो टूक: ‘सबूत हैं तो पेश करें’

यह पूरा मामला तब गरमाया जब कर्नाटक चुनाव आयोग ने गुरुवार को राहुल गांधी द्वारा वोटर लिस्ट में धांधली के आरोपों पर अपनी पहली आधिकारिक प्रतिक्रिया दी. आयोग ने राहुल गांधी के दावों को महज बयानबाजी न मानते हुए, उनसे इन आरोपों को साबित करने के लिए ठोस सबूत मांगे हैं. पत्र में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने 8 अगस्त 2025 को सीईओ से मिलने और एक ज्ञापन सौंपने का समय मांगा था, जिसके लिए उन्हें समय दिया गया है.

चुनाव आयोग ने अपने पत्र में चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता का बचाव किया है. सीईओ ने बताया कि मतदाता सूची को पूरी तरह से पारदर्शी और कानूनी तरीके से जनप्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 (Representation of the People Act, 1950)मतदाता पंजीकरण नियम 1960 और भारत निर्वाचन आयोग (Election Commission of India) के कड़े दिशा-निर्देशों के तहत ही तैयार किया गया है.

आयोग ने कांग्रेस को कटघरे में खड़ा करते हुए यह भी बताया कि नवंबर 2024 में ड्राफ्ट मतदाता सूची और जनवरी 2025 में अंतिम मतदाता सूची, दोनों ही कांग्रेस पार्टी के साथ साझा की गई थीं. इसके बावजूद, कांग्रेस की ओर से उस समय कोई आधिकारिक अपील या शिकायत दर्ज नहीं की गई.

अब राहुल गांधी को जमा करना होगा हलफनामा, दांव पर लगी साख

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने राहुल गांधी से स्पष्ट अनुरोध किया है कि वे अपने दावों के समर्थन में एक हलफनामा (Affidavit) जमा करें. इस हलफनामे में उन सभी व्यक्तियों के नाम, पार्ट नंबर और सीरियल नंबर का जिक्र करना होगा, जिनके नाम गलत तरीके से सूची में शामिल किए गए या हटाए गए हैं, ताकि आयोग आवश्यक कार्रवाई शुरू कर सके.

इस हलफनामे के साथ एक गंभीर शर्त भी जुड़ी है. राहुल गांधी को यह घोषणा करनी होगी कि उनके द्वारा दी गई जानकारी पूरी तरह से सही है. पत्र में चेतावनी दी गई ہے कि यदि दी गई जानकारी गलत या भ्रामक पाई जाती है, तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है.

पत्र में यह भी स्पष्ट किया गया है कि एक बार चुनाव परिणाम घोषित हो जाने के बाद, उन्हें केवल उच्च न्यायालय (High Court) में एक चुनाव याचिका (Election Petition) के माध्यम से ही चुनौती दी जा सकती है.

गौरतलब है कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी लगातार चुनाव आयोग पर “वोट चोरी” के आरोप लगाकर चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठा रहे हैं. हालांकि, भारत निर्वाचन आयोग (ECI) पहले ही राहुल गांधी के बयानों को भ्रामक, तथ्यहीन और धमकाने वाला बताकर खारिज कर चुका ہے. अब गेंद राहुल गांधी के पाले में है कि क्या वे अपने आरोपों को साबित करने के लिए सबूत पेश करते हैं या नहीं.


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Author of Bolbindas

Contributor and Lead Editor. Writing deep insights and analytical commentaries.

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