Uttar Pradesh

Rajasthan Expressways: राजस्थान में आ रहा है नया ‘थार एक्सप्रेसवे', खेतों से होकर गुज़रेगा, हजारों करोड़ होंगे खर्च, कई इलाकों की चमकेगी किस्मत

Rajasthan Expressways:  राजस्थान के लिए आने वाले साल सड़कों और तरक्की के लिहाज़ से बेहद शानदार रहने वाले हैं! राज्य सरकार अगले दो सालों में 9 नए एक्सप्रेसवे बना

Priyanshi
Priyanshi
2025-05-09
Rajasthan Expressways: राजस्थान में आ रहा है नया ‘थार एक्सप्रेसवे', खेतों से होकर गुज़रेगा, हजारों करोड़ होंगे खर्च, कई इलाकों की चमकेगी किस्मत
Rajasthan Expressways: राजस्थान में आ रहा है नया ‘थार एक्सप्रेसवे', खेतों से होकर गुज़रेगा, हजारों करोड़ होंगे खर्च, कई इलाकों की चमकेगी किस्मत

Rajasthan Expressways:  राजस्थान के लिए आने वाले साल सड़कों और तरक्की के लिहाज़ से बेहद शानदार रहने वाले हैं! राज्य सरकार अगले दो सालों में 9 नए एक्सप्रेसवे बनाने की तैयारी में है, जिनसे आवागमन तो आसान होगा ही, साथ ही कई इलाकों की आर्थिक सूरत भी बदलने वाली है। इन प्रोजेक्ट्स की रूपरेखा लगभग तैयार हो चुकी है।

इसी कड़ी में एक बेहद खास और बड़ा प्रोजेक्ट है – “जयपुर-फलौदी थार एक्सप्रेस-वे”। ये सिर्फ एक सड़क नहीं होगी, बल्कि ये राजस्थान के कई हिस्सों के विकास का हाईवे बनेगी। इस प्रोजेक्ट पर लगभग 11,112 करोड़ रुपये की बड़ी रकम खर्च होने वाली है और इसके लिए 2,994 हेक्टेयर ज़मीन का अधिग्रहण किया जाएगा।

क्यों खास है ये थार एक्सप्रेसवे?

ये एक्सप्रेसवे आम जनता के लिए सफर को बेहद आसान और तेज़ बना देगा। लोग कम समय में एक शहर से दूसरे शहर पहुंच सकेंगे। 345 किलोमीटर लंबा ये एक्सप्रेसवे जयपुर की उत्तरी रिंग रोड से शुरू होकर फलौदी में NH-11 से जुड़ेगा।

इसकी सबसे खास बात ये है कि इसका एक बड़ा हिस्सा, लगभग 66% या 230 किलोमीटरनागौर और डीडवाना ज़िलों से गुज़रेगा। इन इलाकों में ज़मीन अधिग्रहण और निर्माण पर ही करीब 7,500 करोड़ रुपये खर्च होंगे। ज़ाहिर है, जिन गांवों या कस्बों से ये एक्सप्रेसवे निकलेगा, या उसके आसपास होंगे, उनकी किस्मत चमकना तय है।

सफर होगा सुपरफास्ट!

इस एक्सप्रेसवे पर गाड़ियां 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से फर्राटा भर सकेंगी। इसका सीधा फायदा ये होगा कि अभी जयपुर से फलौदी की 410 किलोमीटर की दूरी तय करने में जो 7 घंटे लगते हैं, वो एक्सप्रेसवे बनने के बाद सिर्फ 3.30 घंटे रह जाएंगे! यानि 65 किलोमीटर की दूरी और साढ़े तीन घंटे का समय बचेगा। नागौर से जयपुर का सफर भी सिर्फ ढाई घंटे में पूरा हो जाएगा।

एक्सप्रेसवे को इस तरह डिज़ाइन किया जा रहा है कि ये ज़्यादातर शहरों और कस्बों से थोड़ा हटकर बनेगा, ताकि रास्ते में ज़्यादा मोड़ या रुकावटें न आएं। एंट्री और एग्जिट के लिए अलग से रास्ते बनाए जाएंगे।

स्थानीय इलाकों को क्या फायदा होगा?

थार एक्सप्रेसवे से सिर्फ सफर ही आसान नहीं होगा, बल्कि इसके किनारे बसे इलाकों में औद्योगिक विकास की लहर आएगी। खासकर नागौर, डीडवाना और कुचामन जैसे क्षेत्रों में, जो खनिज संपदा (जिप्सम, संगमरमर) और सीमेंट प्लांट्स के लिए जाने जाते हैं। नए एक्सप्रेसवे से इन उद्योगों को कच्चा माल लाने और तैयार माल भेजने में आसानी होगी, जिससे निवेश बढ़ेगा और रोज़गार के नए अवसर पैदा होंगे। राजधानी जयपुर और फलौदी तक आसान कनेक्टिविटी से व्यापार और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।

कब तक होगा तैयार?

राजस्थान सरकार ने प्रदेश में बनने वाले सभी 9 एक्सप्रेसवे को मार्च 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है। उम्मीद है कि थार एक्सप्रेसवे भी इसी समय सीमा में बनकर तैयार हो जाएगा और लोगों को इसका फायदा मिलना शुरू हो जाएगा। कुल मिलाकर, जयपुर-फलौदी थार एक्सप्रेसवे राजस्थान के रोड इंफ्रास्ट्रक्चर को एक नई ऊंचाई देगा और जिन इलाकों से ये गुज़रेगा, वहां विकास और समृद्धि के नए रास्ते खोलेगा।


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Author of Bolbindas

Contributor and Lead Editor. Writing deep insights and analytical commentaries.

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