Raksha Bandhan: भाई-बहन के पवित्र प्रेम और अटूट बंधन का त्योहार, रक्षाबंधन, बस आने ही वाला है। इस साल, यह पावन पर्व 9 अगस्त, शनिवार को पूरे देश में धूम-धाम से मनाया जाएगा। इस दिन बहनें अपने भाई की कलाई पर प्यार और विश्वास का रक्षा सूत्र बांधकर उनकी लंबी उम्र, सुख और समृद्धि की कामना करेंगी, और भाई अपनी बहन को जीवन भर उसकी रक्षा करने का वचन देंगे।
लेकिन इस साल का रक्षाबंधन सिर्फ एक त्योहार नहीं, बल्कि एक ज्योतिषीय महासंयोग लेकर आ रहा है। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, पूरे 4 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद, रक्षाबंधन का त्योहार भद्रा के अशुभ साये से पूरी तरह मुक्त रहेगा। यह खबर उन सभी लोगों के लिए एक बड़ी राहत है जो हर साल भद्रा के कारण राखी बांधने के सही मुहूर्त को लेकर असमंजस में रहते थे।
क्यों है यह साल इतना खास? जानिए भद्रा का पूरा गणित
ज्योतिष शास्त्र में भद्रा काल को एक ऐसा अशुभ समय माना जाता है, जिसमें कोई भी मांगलिक कार्य, खासकर राखी बांधना वर्जित माना जाता है। लेकिन इस साल, भद्रा काल 9 अगस्त को राखी का शुभ मुहूर्त शुरू होने से बहुत पहले ही समाप्त हो जाएगा।
- भद्रा काल प्रारंभ: 8 अगस्त, शुक्रवार को दोपहर 02 बजकर 12 मिनट पर।
- भद्रा काल समाप्त: 9 अगस्त, शनिवार की मध्यरात्रि 01 बजकर 52 मिनट पर।
इसका मतलब है कि जब बहनें सुबह उठकर राखी बांधने की तैयारी करेंगी, तब तक भद्रा का अशुभ प्रभाव पूरी तरह खत्म हो चुका होगा।
राखी बांधने का शुभ मुहूर्त (Rakhi Shubh Muhurat 2025)
हिंदू पंचांग के अनुसार, 9 अगस्त को रक्षाबंधन पर राखी बांधने के लिए एक बहुत लंबा और शुभ समय मिलेगा।
- शुभ मुहूर्त प्रारंभ: सुबह 05 बजकर 47 मिनट से।
- शुभ मुहूर्त समाप्त: दोपहर 01 बजकर 24 मिनट तक।
यानी, इस बार बहनों को अपने भाई को राखी बांधने के लिए पूरे 7 घंटे 37 मिनट का लंबा समय मिलेगा। इतना ही नहीं, इस दिन सौभाग्य योग, शोभन योग और सर्वार्थ सिद्धि योग जैसे तीन अत्यंत शुभ योगों का निर्माण भी हो रहा है, जो इस दिन की पवित्रता और महत्व को कई गुना बढ़ा देंगे।
खुशियों के बीच एक बात का रखें खास ध्यान! जानिए राहुकाल का समय
इस बार रक्षाबंधन पर भले ही भद्रा का साया न हो, लेकिन एक अशुभ घड़ी है जो शुभ मुहूर्त के बीच में ही पड़ेगी। यह है राहुकाल। शास्त्रों और ज्योतिष के अनुसार, राहुकाल में किए गए कोई भी शुभ कार्य सफल नहीं होते और उनके परिणाम भी नकारात्मक मिल सकते हैं। इसलिए, इस अशुभ घड़ी में भाई की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधने से बचना चाहिए।
राहुकाल का समय (9 अगस्त, 2025):
- राहुकाल प्रारंभ: सुबह 09 बजकर 07 मिनट से।
- राहुकाल समाप्त: सुबह 10 बजकर 47 मिनट तक।
यह 1 घंटा 40 मिनट का समय है जब आपको राखी बांधने से बचना चाहिए। आप इस समय के पहले या बाद में, दिए गए शुभ मुहूर्त में कभी भी राखी बांध सकती हैं। यह छोटा सा ध्यान आपके और आपके भाई के लिए सौभाग्य लेकर आएगा।
तो इस रक्षाबंधन, इन शुभ योगों और लंबे मुहूर्त का पूरा लाभ उठाएं, बस राहुकाल का ध्यान रखें, और अपने भाई-बहन के इस खूबसूरत रिश्ते का जश्न मनाएं।
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