Lucknow : राजधानी लखनऊ में आज से प्रॉपर्टी खरीदना और बेचना महंगा हो गया है। 10 साल के लंबे इंतजार के बाद सरकार ने नए सर्किल रेट लागू कर दिए हैं, जिससे आपकी जेब पर सीधा असर पड़ेगा। जानिए किस इलाके में कितनी बढ़ी कीमतें और अब आपका आशियाना बनाना कितना मुश्किल हो गया है।
Lucknow : उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में घर या जमीन खरीदने का सपना देख रहे लोगों के लिए एक बड़ी खबर है। दस साल के लंबे अंतराल के बाद, आज यानी शुक्रवार, 1 अगस्त 2025 से, शहर में नया सर्किल रेट (New Circle Rate) लागू हो गया है। लंबे समय से अटके इस बड़े बदलाव के साथ ही अब राजधानी में जमीनें खरीदना और महंगा हो जाएगा। इस फैसले से जहां एक तरफ सरकार के राजस्व में बढ़ोतरी होगी, वहीं दूसरी तरफ आम आदमी के लिए अपने घर का सपना पूरा करना और भी चुनौतीपूर्ण हो जाएगा।
नए सर्किल रेट में जमीन और मकानों के अलग-अलग वर्गों के लिए अलग-अलग प्रतिशत से वृद्धि की गई है, ताकि विकास और मांग के हिसाब से कीमतों में संतुलन बनाया जा सके।
किस तरह की जमीन पर कितनी हुई बढ़ोतरी?
नए प्रावधानों के तहत शहर के विभिन्न क्षेत्रों में संपत्ति की कीमतों में जबरदस्त इजाफा किया गया है।
- कृषि भूमि (Agricultural Land): कृषि भूमि के सर्किल रेट में 15 प्रतिशत की वृद्धि की गई है।
- व्यावसायिक भूमि (Commercial Land): कमर्शियल प्रॉपर्टी के दामों में 25 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हुई है।
- बहुमंजिला इमारतें (Multistorey Buildings): अपार्टमेंट्स और फ्लैट्स पर 20 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी की गई है।
- ऑफिस, गोदाम और दुकानें: इन व्यावसायिक संपत्तियों के सर्किल रेट में औसतन 20 प्रतिशत का इजाफा हुआ है।
अधिकारियों का कहना है कि यह बदलाव शहर के विकास और बढ़ती मांग को देखते हुए जरूरी था। इससे सरकार की आय में भी उल्लेखनीय इजाफा होगा।
पुरानी गलतियों को सुधारा गया
दस साल पहले जब पिछली बार सर्किल रेट में बदलाव किया गया था, तब कुछ क्षेत्रों में दुकान, कार्यालय और गोदाम जैसी व्यावसायिक संपत्तियों के रेट में काफी विसंगतियां (गलतियां) रह गई थीं। इस बार, उन पुरानी खामियों को दूर करने पर विशेष ध्यान दिया गया है। ऐसी जगहों पर रेट में 40 फीसदी तक की वृद्धि की गई है, ताकि एक ही तरह की संपत्तियों के मूल्यांकन में एकरूपता लाई जा सके और किसी के साथ नाइंसाफी न हो।
राजस्व बढ़ेगा, पर खरीदार पर बढ़ेगा बोझ
राजस्व विभाग के अधिकारियों के अनुसार, नया सर्किल रेट लागू होने से न केवल जमीन की खरीद-फरोख्त की कीमतें सीधे तौर पर प्रभावित होंगी, बल्कि इससे मिलने वाले स्टाम्प शुल्क (Stamp Duty) से सरकार की आय में भी भारी इजाफा होगा। वहीं, रियल एस्टेट कारोबारियों का मानना है कि इस फैसले से प्रॉपर्टी बाजार में हलचल तो बढ़ेगी, लेकिन इसका सीधा बोझ घर खरीदारों की जेब पर पड़ेगा। उन्हें अब अपनी ड्रीम प्रॉपर्टी के लिए पहले से ज्यादा कीमत चुकानी होगी।
जानिए लखनऊ के किस इलाके में कितनी महंगी हुई जमीन (प्रति वर्ग मीटर में वृद्धि)
दस साल बाद लागू हुए नए सर्किल रेट में उन इलाकों पर सबसे ज्यादा फोकस किया गया है, जहां जमीनों की मांग सबसे ज्यादा है और भविष्य में विकास की संभावनाएं अपार हैं।
- फैजाबाद रोड: ₹33,000 से ₹36,000 तक
- कानपुर रोड: ₹15,000 से ₹55,000 तक
- किसान पथ (आउटर रिंग रोड): ₹15,000 से ₹20,000 तक
- पूर्वांचल एक्सप्रेसवे: ₹6,000 से ₹10,000 तक
- आगरा एक्सप्रेसवे: ₹15,000 तक
- लखनऊ-रायबरेली रोड: ₹18,000 से ₹55,000 तक
यह स्पष्ट है कि एक्सप्रेसवे और रिंग रोड के आसपास की जमीनों की कीमतों में सबसे ज्यादा उछाल आया है, जो इन क्षेत्रों में बढ़ते निवेश और विकास को दर्शाता है।
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