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तमिलनाडु में ‘थलपति' का राज! विजय ने जुटाया बहुमत का जादुई आंकड़ा, कांग्रेस और लेफ्ट के समर्थन से अब बनेंगे मुख्यमंत्री

तमिलनाडु की राजनीति में चल रहा हाई-वोल्टेज ड्रामा अब अपने अंतिम पड़ाव पर पहुंच गया है। सुपरस्टार थलपति विजय, जो विधानसभा चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरने क

Malvika
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2026-05-08
तमिलनाडु में ‘थलपति' का राज! विजय ने जुटाया बहुमत का जादुई आंकड़ा, कांग्रेस और लेफ्ट के समर्थन से अब बनेंगे मुख्यमंत्री
तमिलनाडु में ‘थलपति' का राज! विजय ने जुटाया बहुमत का जादुई आंकड़ा, कांग्रेस और लेफ्ट के समर्थन से अब बनेंगे मुख्यमंत्री

तमिलनाडु की राजनीति में चल रहा हाई-वोल्टेज ड्रामा अब अपने अंतिम पड़ाव पर पहुंच गया है। सुपरस्टार थलपति विजय, जो विधानसभा चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरने के बावजूद बहुमत से कुछ कदम दूर थे, उन्होंने अब ‘जादुई आंकड़े’ को हासिल कर लिया है। राजभवन की सख्त शर्तों और दो बार खाली हाथ लौटने के बाद, विजय ने कांग्रेस और वामपंथी दलों के साथ मिलकर ऐसा ‘पोस्ट-पोल अलायंस’ (चुनाव बाद गठबंधन) किया है, जिसने राज्य की सत्ता की चाबी उनके हाथ में थमा दी है।

इस ऐतिहासिक गठबंधन के बाद अब तमिलनाडु में दशकों पुराने द्रविड़ राजनीति के पारंपरिक समीकरण बदलते नजर आ रहे हैं। आइए समझते हैं कि आखिर विजय ने यह नामुमकिन दिखने वाला काम कैसे मुमकिन किया।

बहुमत का गणित: 108 से 119 तक का सफर

तमिलनाडु में सरकार बनाने के लिए 118 सीटों के बहुमत की आवश्यकता थी। थलपति विजय की पार्टी ‘तमिलिगा वेट्री कझगम’ (TVK) ने अकेले 108 सीटें जीतकर सबको चौंका दिया था। हालांकि, यह बहुमत से 10 कदम दूर था। इसके बाद कांग्रेस के 5 विधायकों के समर्थन से यह आंकड़ा 113 तक पहुंचा, लेकिन फिर भी पेच फंसा हुआ था।

अब, विजय को वामपंथी दलों और VCK का खुला समर्थन मिल गया है:

  • TVK (विजय): 108 सीटें

  • कांग्रेस (INC): 05 सीटें

  • CPI: 02 सीटें

  • CPM: 02 सीटें

  • VCK: 02 सीटें

  • कुल आंकड़ा: 119 सीटें (बहुमत से 1 ज्यादा)

राज्यपाल की सख्ती और विजय का संघर्ष

तमिलनाडु के राज्यपाल राजेंद्र आर्लेकर ने विजय को सरकार बनाने की अनुमति देने से पहले कड़ी शर्त रखी थी। विजय दो बार राज्यपाल से मिलने पहुंचे, लेकिन दोनों ही बार राज्यपाल 118 हस्ताक्षरों (Signatures) की अपनी मांग पर अड़े रहे। राज्यपाल का तर्क था कि वे किसी भी अस्थिर सरकार को शपथ नहीं दिलाएंगे।

कानूनी विशेषज्ञों के बीच इस पर बहस भी हुई कि फ्लोर टेस्ट राजभवन में नहीं बल्कि विधानसभा में होना चाहिए। हालांकि, विजय ने टकराव के बजाय लोकतांत्रिक रास्ता चुना और गठबंधन के सहयोगियों को साथ लाकर अपना दावा मजबूत किया। अब उनके पास 119 विधायकों का ठोस समर्थन है, जिसे चुनौती देना मुश्किल होगा।

नई सरकार की तैयारी और गठबंधन का ऐलान

जानकारी के मुताबिक, CPI और CPM की वर्किंग कमेटी की बैठकों में विजय को समर्थन देने का फैसला लिया गया है। वहीं VCK ने भी इस गठबंधन पर अपनी मुहर लगा दी है। बताया जा रहा है कि आज शाम 4:30 बजे सभी सहयोगी दलों के नेता एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे, जिसमें विजय के नेतृत्व में नई सरकार के गठन का औपचारिक ऐलान किया जाएगा।

रीडर इम्पैक्ट: क्यों खास है यह बदलाव?
तमिलनाडु के लोगों के लिए यह एक नए युग की शुरुआत है। थलपति विजय ने अपनी साफ छवि और लोकलुभावन वादों से युवाओं और आम जनता का दिल जीता है। कांग्रेस और लेफ्ट के साथ आने से इस नई सरकार को एक अनुभवी और वैचारिक मजबूती मिलने की उम्मीद है। अब सबकी नजरें राजभवन पर टिकी हैं कि शपथ ग्रहण की तारीख का ऐलान कब होता है।


थलपति विजय ने साबित कर दिया कि वे न केवल फिल्मों के बल्कि राजनीति के भी मंझे हुए खिलाड़ी हैं। मुश्किल परिस्थितियों में भी उन्होंने अपना आपा नहीं खोया और गठबंधन के जरिए सरकार बनाने का रास्ता साफ किया। अब तमिलनाडु में ‘थलपति’ का राज होगा, और जनता को उनसे विकास की बड़ी उम्मीदें हैं।


FAQ SECTION:

1. तमिलनाडु में बहुमत के लिए कितनी सीटों की आवश्यकता है?
तमिलनाडु विधानसभा में सरकार बनाने के लिए बहुमत का जादुई आंकड़ा 118 सीटों का है।

2. थलपति विजय के गठबंधन में कौन-कौन सी पार्टियां शामिल हैं?
विजय की पार्टी TVK को कांग्रेस (INC), CPI, CPM और विदुथलाई चिरिथागकुल काची (VCK) का समर्थन मिला है। कुल मिलाकर इस गठबंधन के पास 119 सीटें हैं।

3. क्या राज्यपाल ने विजय को सरकार बनाने की अनुमति दे दी है?
पहले राज्यपाल ने 118 हस्ताक्षरों की मांग करते हुए दो बार विजय का दावा वापस कर दिया था। अब बहुमत का आंकड़ा जुटने के बाद विजय फिर से राज्यपाल से मिलेंगे और सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे।

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Author of Bolbindas

Contributor and Lead Editor. Writing deep insights and analytical commentaries.

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