Uttar Pradesh

गोरखनाथ मंदिर और सीएम योगी को बम से उड़ाने की धमकी का सच: कुशीनगर में पकड़ा गया 14 साल का मानसिक विक्षिप्त किशोर, माता-पिता को सौंपा

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और गोरखपुर स्थित प्रसिद्ध गोरखनाथ मंदिर (Gorakhnath Temple) को बम से उड़ाने की धमकी देने के मामले में कुशीनगर पुलिस न

Malvika
Malvika
2026-06-30
गोरखनाथ मंदिर और सीएम योगी को बम से उड़ाने की धमकी का सच: कुशीनगर में पकड़ा गया 14 साल का मानसिक विक्षिप्त किशोर, माता-पिता को सौंपा
गोरखनाथ मंदिर और सीएम योगी को बम से उड़ाने की धमकी का सच: कुशीनगर में पकड़ा गया 14 साल का मानसिक विक्षिप्त किशोर, माता-पिता को सौंपा

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और गोरखपुर स्थित प्रसिद्ध गोरखनाथ मंदिर (Gorakhnath Temple) को बम से उड़ाने की धमकी देने के मामले में कुशीनगर पुलिस ने एक बड़ा खुलासा किया है। सुरक्षा एजेंसियों की जांच में सामने आया है कि यह धमकी भरा संदेश किसी आतंकी संगठन या अपराधी ने नहीं, बल्कि कुशीनगर जिले के रहने वाले एक 14 वर्षीय मानसिक रूप से बीमार (विक्षिप्त) किशोर ने भेजा था। पुलिस ने मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए पूछताछ के बाद किशोर को उसके माता-पिता को सौंप दिया है।

धमकी भरे संदेश से पुलिस महकमे में मच गया था हड़कंप

बीते दिनों पुलिस कंट्रोल रूम और सुरक्षा एजेंसियों को एक अज्ञात नंबर से व्हाट्सएप के माध्यम से संदेश प्राप्त हुआ था, जिसमें गोरखनाथ मंदिर को बम से उड़ाने और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को जान से मारने की खौफनाक धमकी दी गई थी। संवेदनशील मामला होने के कारण गोरखपुर और कुशीनगर पुलिस महकमे के साथ-साथ सुरक्षा विंग में तुरंत हड़कंप मच गया। गोरखनाथ मंदिर परिसर और आसपास के संवेदनशील इलाकों की सुरक्षा को तत्काल प्रभाव से कड़ा कर दिया गया और चप्पे-चप्पे पर चेकिंग शुरू कर दी गई।

इसके तुरंत बाद, पुलिस की साइबर सेल और कुशीनगर पुलिस की संयुक्त टीम ने धमकी देने के लिए इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबर और उसके आईपी एड्रेस (IP Address) को ट्रैक करना शुरू किया। जांच के दौरान मोबाइल का अंतिम लोकेशन कुशीनगर जिले के हनुमानगंज थाना (Hanumanganj Police Station) क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले एक गांव में मिला।

हनुमानगंज पुलिस ने छापा मारकर नंबर किया बरामद, खुला चौंकाने वाला सच

लोकेशन की सटीक पहचान होने के बाद हनुमानगंज पुलिस की एक विशेष टीम ने चिन्हित गांव के संदिग्ध घर पर छापेमारी की। पुलिस ने जब मौके से मोबाइल नंबर के धारक और मैसेज भेजने वाले को पकड़ा, तो वहां का सच जानकर सभी हैरान रह गए। पुलिस की गिरफ्त में आया आरोपी कोई पेशेवर अपराधी नहीं, बल्कि एक 14 साल का नाबालिग बच्चा था।

पुलिस टीम द्वारा की गई प्राथमिक पूछताछ और परिवार से बातचीत के बाद पता चला कि वह किशोर गंभीर मानसिक बीमारी (Mental Illness) से पीड़ित है और काफी समय से उसका मानसिक इलाज चल रहा है। किशोर ने अनजाने में अपने परिवार के सदस्य का मोबाइल फोन उठा लिया था और बिना किसी परिणाम को समझे खेल-खेल में वह धमकी भरा संदेश भेज दिया था।

नाबालिग और बीमार होने के कारण पुलिस ने माता-पिता को सौंपा

हनुमानगंज थाना पुलिस ने किशोर की मानसिक बीमारी से जुड़े चिकित्सा दस्तावेजों और डॉक्टरों की पर्चियों की गहनता से पड़ताल की, जिसके बाद परिवार के दावे पूरी तरह से सच पाए गए। चूंकि आरोपी नाबालिग है और मानसिक रूप से बीमार है, इसलिए पुलिस ने उसके खिलाफ कोई सख्त दंडात्मक कार्रवाई नहीं की।

पुलिस ने आवश्यक कानूनी औपचारिकताओं को पूरा करने के बाद किशोर को चेतावनी देते हुए उसके माता-पिता को सुरक्षित सौंप दिया। साथ ही, पुलिस ने परिवार के सदस्यों को सख्त हिदायत दी है कि वे भविष्य में मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को बच्चों की पहुंच से दूर रखें ताकि इस तरह की संवेदनशील और गैर-जिम्मेदाराना घटनाओं की पुनरावृत्ति दोबारा न हो सके।

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Author of Bolbindas

Contributor and Lead Editor. Writing deep insights and analytical commentaries.

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