TikTok : क्या भारत में प्रतिबंधित चीनी ऐप टिकटॉक (TikTok) की वापसी हो गई है? यह एक ऐसा सवाल है जिसने शुक्रवार (22 अगस्त 2025) को भारतीय राजनीति में भूचाल ला दिया है. कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए इसे गलवान घाटी में शहीद हुए 20 वीर जवानों के बलिदान का अपमान करार दिया है.
कांग्रेस पार्टी ने दावा किया है कि चीन के सबसे विवादास्पद ऐप TikTok और शॉपिंग वेबसाइट AliExpress भारत में एक बार फिर से खुल गई हैं, जो राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ एक गंभीर खिलवाड़ है. हालांकि, इस सनसनीखेज दावे पर भारत सरकार की ओर से भी त्वरित प्रतिक्रिया आई है और टिकटॉक की वापसी की खबर को कोरी अफवाह बताया गया है. याद दिला दें कि साल 2020 में गलवान घाटी में चीनी सैनिकों के साथ हुई हिंसक झड़प में भारत के 20 जवान वीरगति को प्राप्त हुए थे, जिसके बाद देश में चीन के खिलाफ भारी आक्रोश था.
कांग्रेस ने सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
कांग्रेस ने अपने आक्रामक रुख में सरकार को घेरते हुए आरोप लगाया कि जब गलवान का संकट हुआ, तो शुरुआत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चीन को क्लीन चिट दे दी थी. लेकिन जब कांग्रेस पार्टी और देश की जनता ने भारी दबाव बनाया, तो सरकार ने सुर्खियां बटोरने और जनता के गुस्से को शांत करने के लिए टिकटॉक समेत कई चीनी ऐप्स पर प्रतिबंध लगा दिया. अब कांग्रेस का आरोप है कि प्रधानमंत्री मोदी एक बार फिर चीन के साथ अपनी नजदीकियां बढ़ा रहे हैं. वे चीनी विदेश मंत्री से मुलाकातें कर रहे हैं और चीन की यात्रा की योजना बना रहे हैं.
कांग्रेस ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से ट्वीट करते हुए कहा:
“भारत में चीन की कंपनी ‘टिक टॉक’ की वेबसाइट चलने लगी है.
चीन से झड़प में हमारे 20 जांबाज सैनिक शहीद हुए. पहले तो नरेंद्र मोदी ने चीन को क्लीनचिट दी.
लेकिन..
जब कांग्रेस ने दबाव बनाया तो हेडलाइन मैनेज करने को ‘टिक टॉक’ बैन किया.
अब मोदी फिर चीन से ‘लप्पो-झप्पो’ कर रहे हैं…”
विपक्षी पार्टी ने इस कदम की तुलना पाकिस्तान के साथ युद्धविराम से करते हुए आरोप लगाया कि यह हमारे शहीदों की क़ुरबानी की क़ीमत पर चीन के साथ एक गुप्त समझौते जैसा है.
क्या है जमीनी हकीकत?
रिपोर्ट्स के अनुसार, टिकटॉक की वेबसाइट भारत में होमपेज तक तो खुल रही है, लेकिन उसके आगे वीडियो देखने या ऐप का इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं दे रही है. यानी यह पूरी तरह से फंक्शनल नहीं है. इसी तरह, अलीबाबा समूह की शॉपिंग वेबसाइट AliExpress पर भी ऑनलाइन ब्राउज़िंग की जा सकती है, लेकिन कोई भी सामान खरीदने की अनुमति नहीं है. कुछ अन्य चीनी सेवाएं जैसे Shein के भी आंशिक रूप से सुलभ होने की खबरें हैं.
आरोपों पर सरकार ने क्या दिया जवाब?
कांग्रेस के इन विस्फोटक दावों के बाद सरकार ने तुरंत मोर्चा संभाला. TikTok के अनब्लॉक होने की खबरों का खंडन करते हुए भारत सरकार के उच्च पदस्थ सूत्रों ने स्पष्ट किया है कि “TikTok को अनब्लॉक करने के लिए कोई भी आदेश जारी नहीं किया गया है. इस तरह का कोई भी बयान या खबर पूरी तरह से झूठी और भ्रामक है.” सरकार ने इसे विपक्ष द्वारा फैलाया जा रहा एक प्रोपेगेंडा बताया है.
2020 में क्यों लगा था चीनी ऐप्स पर बैन?
जून 2020 में गलवान घाटी की घटना के बाद, भारत सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला देते हुए TikTok, AliExpress, Shein, CamScanner समेत 59 चीनी ऐप्स पर प्रतिबंध लगा दिया था. सरकार ने उस समय अपने आधिकारिक बयान में कहा था कि ये ऐप्स “भारत की संप्रभुता और अखंडता, भारत की रक्षा, राज्य की सुरक्षा और सार्वजनिक व्यवस्था” के लिए खतरनाक और नुकसानदायक हैं. यह नया विवाद एक बार फिर भारत-चीन संबंधों और राष्ट्रीय सुरक्षा के संवेदनशील मुद्दे को राजनीति के केंद्र में ले आया है.
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