Today gold price: सोना खरीदने का इससे बड़ा मौका फिर नहीं मिलेगा, कीमतें गिरीं धड़ाम जहां पिछले काफी समय से सोने के दाम आसमान छू रहे थे और महंगाई की मार झेल रही आम जनता के लिए इसे खरीदना एक सपना जैसा हो गया था, वहीं अब बाजार का रुख पूरी तरह से बदल गया है। सोने की कीमतों में लगातार गिरावट का दौर जारी है, जिससे खरीदारों के चेहरों पर रौनक लौट आई है। आज लगातार तीसरे दिन सोने की कीमतों (today gold price) में गिरावट दर्ज की गई है, जो इस कीमती धातु को खरीदने का एक शानदार और सुनहरा अवसर प्रदान कर रहा है।
जहां एक ओर आम लोगों और खरीदारों को इन घटती कीमतों से सीधा लाभ हो रहा है, वहीं दूसरी ओर जिन निवेशकों ने ऊंची कीमतों पर सोना खरीदा था, उन्हें अब परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। आइए, इस खबर में जानते हैं कि आखिर सोने की कीमतों में इस भारी गिरावट की वजह क्या है और आज बाजार में क्या हैं सोने-चांदी के ताजा भाव।
सोने की कीमतों में भारी गिरावट: आज का ताजा भाव
वैश्विक संकेतों और बाजार के बदलते समीकरणों के बीच सोने की कीमतों में यह लगातार चौथे दिन की गिरावट है। राजधानी दिल्ली के सर्राफा बाजार में आज, 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने की कीमत में ₹500 की बड़ी गिरावट देखी गई, जिसके बाद इसका भाव ₹98,020 प्रति 10 ग्राम पर आ गया है। अखिल भारतीय सर्राफा संघ के अनुसार, इससे पहले बीते शनिवार को 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाला सोना ₹600 की गिरावट के साथ ₹98,520 प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था।
सिर्फ शुद्ध सोना ही नहीं, 99.5 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने की कीमत में भी आज ₹500 की गिरावट दर्ज की गई है, और यह ₹97,750 प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया है। पिछले कारोबारी सत्र में यह ₹98,250 प्रति 10 ग्राम पर था।
चांदी भी हुई सस्ती: ₹1000 की बड़ी गिरावट
सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों में भी आज शानदार गिरावट देखने को मिल रही है। सोमवार को चांदी की कीमत (Silver price today) में सीधे ₹1000 प्रति किलोग्राम की बड़ी गिरावट आई है। इस गिरावट के बाद चांदी की कीमत ₹1,13,000 प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई है, जबकि शनिवार को यह ₹1,14,000 प्रति किलो पर बंद हुई थी।
क्यों गिर रहे हैं सोने के दाम? खुल गया राज़!
विशेषज्ञों के अनुसार, सोने की कीमतों में इस गिरावट के पीछे कई अंतरराष्ट्रीय और घरेलू कारण हैं। सबसे बड़ा कारण अमेरिका और यूरोपीय संघ के बीच हुए एक व्यापार समझौते को माना जा रहा है। इस समझौते के बाद स्टॉकिस्टों द्वारा लगातार बिकवाली की जा रही है, जिससे कीमतों पर दबाव बढ़ा है।
- अमेरिका-यूरोपीय संघ व्यापार समझौता: हाल ही में अमेरिका ने यूरोपीय संघ के साथ एक व्यापार समझौते की घोषणा की है। इसके तहत अमेरिकी बाजार में आने वाले अधिकांश यूरोपीय सामानों पर 15 प्रतिशत का टैरिफ लगेगा और बदले में 27 देशों का यह समूह अमेरिकी उद्योग में सैकड़ों अरब डॉलर का निवेश करेगा।इस समझौते से वैश्विक व्यापार तनाव कम हुआ है, जिससे निवेशकों का रुझान सोने जैसे सुरक्षित निवेश से हटकर जोखिम वाले बाजारों की ओर बढ़ा है।
- मजबूत होता अमेरिकी डॉलर: व्यापार आशावाद और मजबूत आर्थिक आंकड़ों के कारण अमेरिकी डॉलर में मजबूती आई है।जब डॉलर मजबूत होता है, तो अन्य मुद्राओं में सोना खरीदना महंगा हो जाता है, जिससे इसकी मांग घट जाती है।
- सुरक्षित निवेश की मांग में कमी: जब वैश्विक अर्थव्यवस्था में स्थिरता आती है या तनाव कम होता है, तो निवेशक सोने जैसी सुरक्षित संपत्ति (safe-haven asset) में अपना पैसा लगाने से बचते हैं। अमेरिका-यूरोपीय संघ समझौते और अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती की संभावना कम होने से बाजार की चिंताएं कम हुई हैं, जिसका सीधा असर सोने की मांग पर पड़ा है।
- फेडरल रिजर्व का रुख: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और फेडरल रिजर्व के अध्यक्ष जेरोम पॉवेल के बीच तनाव कम होने से भी बाजार की चिंताएं शांत हुई हैं, जिससे निवेशक जोखिम उठाने को तैयार दिख रहे हैं।
वैश्विक बाजार में क्या है हाल?
अगर वैश्विक बाजारों की बात करें तो वहां भी सोने और चांदी की कीमतों में स्थिरता का रुख है। हाजिर सोना और चांदी क्रमशः $3337.95 डॉलर और $38.17 डॉलर प्रति औंस के आसपास कारोबार कर रहे थे। पिछले हफ्ते डॉलर इंडेक्स में मजबूती के कारण सोना $3335 डॉलर प्रति औंस के करीब स्थिर दायरे में बना हुआ था।
संक्षेप में, घटती कीमतों का यह दौर आम खरीदारों के लिए एक बड़ा अवसर है, लेकिन निवेशकों को कोई भी कदम उठाने से पहले बाजार के रुख को सावधानी से समझने की सलाह दी जाती है।
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