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Toll Tax : क्या आप भी देते हैं टोल? जानें कब आपको टोल टैक्स देने की ज़रूरत नहीं, NHAI के चौंकाने वाले नियम

Toll Tax : राष्ट्रीय राजमार्गों (National Highways) पर टोल टैक्स (Toll Tax) देना एक आम बात है। देश में सड़कों के रखरखाव और निर्माण के लिए यह टैक्स लिया जाता है।

Priyanshi
Priyanshi
2025-05-24
Toll Tax : क्या आप भी देते हैं टोल? जानें कब आपको टोल टैक्स देने की ज़रूरत नहीं, NHAI के चौंकाने वाले नियम
Toll Tax : क्या आप भी देते हैं टोल? जानें कब आपको टोल टैक्स देने की ज़रूरत नहीं, NHAI के चौंकाने वाले नियम

Toll Tax : राष्ट्रीय राजमार्गों (National Highways) पर टोल टैक्स (Toll Tax) देना एक आम बात है। देश में सड़कों के रखरखाव और निर्माण के लिए यह टैक्स लिया जाता है। लेकिन क्या आपको पता है कि भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के नियमों (Rules) के अनुसार, कुछ ऐसी खास स्थितियां भी होती हैं जब आपको टोल टैक्स देने की बिल्कुल ज़रूरत नहीं होती? अगर आप इन नियमों को नहीं जानते हैं, तो हो सकता है कि आप बेवजह टोल का भुगतान कर रहे हों। हर वाहन चालक (Vehicle Driver) के लिए इन नियमों की जानकारी बहुत ज़रूरी है।

आइए जानते हैं किन हालतों में आपको टोल टैक्स से छूट (Toll Tax Exemption) मिलती है:

  1. 100 मीटर से लंबी कतार: NHAI का नियम साफ कहता है कि अगर किसी टोल प्लाजा (Toll Plaza) पर वाहनों (Vehicles) की कतार 100 मीटर से लंबी हो जाती है, तो कतार में खड़े वाहनों को बिना टोल लिए पास देना होगा। यह नियम भीड़ कम करने और यात्रियों का समय बचाने के लिए है। अगर ऑपरेटर मुफ्त में पास नहीं देता, तो यह नियम का उल्लंघन है।

  2. स्थानीय निवासी छूट: अगर आप टोल प्लाजा से 10 किलोमीटर के दायरे में रहते हैं और आपके पास इसके लिए स्थानीय वाहन (Local Vehicle) पास या आईडी है, तो आपको टोल टैक्स से छूट मिल सकती है। यह नियम आस-पास के लोगों को रोज़ाना की आवाजाही में राहत देने के लिए है।

  3. सरकारी और विशिष्ट व्यक्ति: कुछ विशेष पदों पर आसीन व्यक्तियों और सरकारी वाहनों को टोल टैक्स से छूट प्राप्त है। इनमें शामिल हैं:

    • भारत के राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल

    • भारत के मुख्य न्यायाधीश, लोकसभा अध्यक्ष, केंद्रीय मंत्री

    • राज्यों के मुख्यमंत्री, उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश

    • उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश और न्यायाधीश

    • सांसद (MP), विधायक (MLA) (राज्य की विधानसभा के सदस्य)

    • रक्षा मंत्रालय से जुड़े वाहन

    • एम्बुलेंस (Ambulance), दमकल विभाग की गाड़ियां (Fire Brigade)

    • पुलिस वाहन (Police Vehicles)

    • शव वाहन

  4. कृषि वाहन: खेती के काम में इस्तेमाल होने वाले ट्रैक्टर (Tractor) और अन्य कृषि उपकरण (Agricultural Implements) भी टोल टैक्स से मुक्त होते हैं।

  5. शारीरिक रूप से विकलांग व्यक्ति का वाहन: विशेष रूप से शारीरिक रूप से विकलांग व्यक्तियों के लिए बनाए गए वाहनों को भी नियमानुसार टोल टैक्स में छूट मिल सकती है। (हालांकि, इसके लिए विशिष्ट पहचान या पास की आवश्यकता हो सकती है)।

हालांकि, अक्सर देखा जाता है कि जानकारी के अभाव में या जानबूझकर टोल ऑपरेटर इन नियमों का पालन नहीं करते। टोल टैक्स से जुड़े ये नियम जानना आपका अधिकार है।

अगर कोई टोल प्लाजा संचालक इन नियमों का उल्लंघन करते हुए अवैध रूप से टोल टैक्स वसूलता है, तो उस पर वसूले गए टोल टैक्स का तीन गुना जुर्माना लगाया जा सकता है। टोल प्लाजा पर किसी भी समस्या या नियम उल्लंघन की शिकायत के लिए आप NHAI के हेल्पलाइन नंबर 1033 पर संपर्क कर सकते हैं।

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Priyanshi

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Author of Bolbindas

Contributor and Lead Editor. Writing deep insights and analytical commentaries.

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