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UP Assistant Professor Exam: सीएम योगी का हंटर चलते ही कांप उठा नकल माफिया, जानें कब होगी दोबारा परीक्षा?

UP Assistant Professor Exam: उत्तर प्रदेश की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे लाखों अभ्यर्थियों के लिए एक बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आई है। मुख्यमंत्री य

Priyanshi
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2026-01-08
UP Assistant Professor Exam: सीएम योगी का हंटर चलते ही कांप उठा नकल माफिया, जानें कब होगी दोबारा परीक्षा?
UP Assistant Professor Exam: सीएम योगी का हंटर चलते ही कांप उठा नकल माफिया, जानें कब होगी दोबारा परीक्षा?

UP Assistant Professor Exam: उत्तर प्रदेश की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे लाखों अभ्यर्थियों के लिए एक बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुचिता और पारदर्शिता की अपनी नीति पर अडिग रहते हुए उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग, प्रयागराज द्वारा आयोजित असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती परीक्षा (विज्ञापन संख्या-51) को तत्काल प्रभाव से निरस्त करने का आदेश दे दिया है।

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STF के खुलासे से हड़कंप: अपनों ने ही की गद्दारी
यह मामला केवल पेपर लीक का नहीं, बल्कि विश्वासघात का है। उत्तर प्रदेश एसटीएफ (STF) को सूचना मिली थी कि अप्रैल 2025 में आयोजित इस परीक्षा में भारी अनियमितता और अवैध धन की वसूली की गई है। मुख्यमंत्री के गोपनीय जांच के आदेश के बाद जब एसटीएफ ने जाल बिछाया, तो सच जानकर अधिकारी भी दंग रह गए।

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जांच में सामने आया कि इस पूरे खेल का मास्टरमाइंड महबूब अली है, जो निवर्तमान आयोग की अध्यक्ष का गोपनीय सहायक (Confidential Assistant) था। उसी ने मॉडरेशन प्रक्रिया के दौरान विभिन्न विषयों के प्रश्नपत्र चोरी किए और उन्हें मोटी रकम लेकर अभ्यर्थियों को बेच दिया। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए आयोग की तत्कालीन अध्यक्ष से पहले ही इस्तीफा लिया जा चुका है।

कैसे हुआ गिरफ़्तारी का पूरा घटनाक्रम?
एसटीएफ ने 20 अप्रैल 2025 को लखनऊ के विभूतिखंड इलाके से तीन मुख्य अभियुक्तों—महबूब अली, बैजनाथ पाल और विनय पाल को गिरफ्तार किया। इनके पास से जाली प्रश्नपत्र और अवैध वसूली से जुड़े डेटा बरामद हुए हैं। पूछताछ में महबूब अली ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया है। डेटा एनालिसिस से यह पुख्ता हो गया है कि परीक्षा की गोपनीयता पूरी तरह भंग हो चुकी थी, जिसके बाद सीएम योगी ने कड़ा रुख अपनाते हुए परीक्षा रद्द करने का फैसला लिया।

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अभ्यर्थियों के भविष्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं – सीएम योगी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि प्रदेश में होने वाली किसी भी भर्ती प्रक्रिया में सेंधमारी करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। नकल माफियाओं के विरुद्ध अभिसूचना संकलन जारी है और इस सिंडिकेट से जुड़े अन्य लोगों की तलाश की जा रही है।

अब क्या होगा आगे? (What’s Next for Aspirants?)
परीक्षा निरस्त होने से उन अभ्यर्थियों को बड़ा झटका लगा है जिन्होंने दिन-रात मेहनत की थी, लेकिन सरकार का मानना है कि धांधली वाली भर्ती से बेहतर है कि निष्पक्ष तरीके से दोबारा परीक्षा कराई जाए।

  1. नई परीक्षा तिथि: यूपी शिक्षा सेवा चयन आयोग को निर्देशित किया गया है कि वे जल्द से जल्द नई तिथियों की घोषणा करें।

  2. पारदर्शी प्रक्रिया: दोबारा होने वाली परीक्षा को और अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए नए कड़े प्रोटोकॉल लागू किए जाएंगे।

उत्तर प्रदेश सरकार ने भरोसा दिलाया है कि योग्य उम्मीदवारों के हक को मरने नहीं दिया जाएगा और अपराधियों को ऐसी सजा मिलेगी जो आने वाली पीढ़ियों के लिए नजीर बनेगी।

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Author of Bolbindas

Contributor and Lead Editor. Writing deep insights and analytical commentaries.

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